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खुद को दाऊद का गुर्गा बताकर सराफ से मांगा 20 किलो सोना
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Tue, 30 Oct 2018 11:40 PM IST
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सराफ से चौथ मांगने के मामले में खुलासा करते एसपी व एएसपी
- फोटो : Amar Ujala
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खुद को माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम गैंग का आदमी बताकर सराफ से रंगदारी में 20किलो सोना मांगने वाले दो युवकों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उस सिम विक्रेता को भी गिरफ्तार किया, जहां से आरोपियों ने सिम खरीदी थी। गिरफ्तार आरोपियों में एक सपा नेता का पुत्र भी शामिल है।
एसपी जयप्रकाश ने मंगलवार को अपने दफ्तर में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि कालीचरन पुत्र राजेंद्र अग्रवाल निवासी गली बख्तावर कोतवाली की कन्हैया ज्वैलर्स के नाम से लोहट बाजार में सराफ की दुकान है।
उसके मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर से 26 अक्तूबर को कॉल आई। इसमें कालीचरन का नाम पूछा गया। उसके बाद 28 अक्तूबर को उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि जिसमें लिखा था कि वह दाऊद इब्राहिम गैंग से संबंधित है और हाथरस क्षेत्र में एक फैक्ट्री डालना चाहता है। मैसेज में 20 किलो सोना चौथ के रूप में मांगा गया।
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उसके बाद मैसेज वाले नंबर से सराफ से फोन पर कहा गया कि अभी तक 20 किलो सोना क्यों नहीं दिया गया। इसकी सूचना पुलिस को देने पर जान से मार देने की धमकी दी गई। इसके बाद कालीचरन ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
इसके बाद सर्विलांस और कोतवाली पुलिस मामले के खुलासा मे जुट गई। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि मंगलवार को इस मामले में नरेश कुमार वर्मा पुत्र मोतीराम वर्मा निवासी मुरसान गेट, मुर्तजा कुरैशी पुत्र फजलू रहमान निवासी मधुगढ़ी मस्जिद वाली गली और सिम विक्रेता केशव पुत्र घनश्याम दास निवासी विद्यापति नगर को गिरफ्तार किया गया है। मुतर्जा सपा के जिला कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे फजलुरर्हमान का बेटा है।
फेक नंबर से मांग रहे थे चौथ
हाथरस। सराफ से रंगदारी में 20 किलो सोना मांगने वाले आरोपियों ने जिस नंबर का इस्तेमाल किया था, वह फेक निकला। रिटेलर ने बिना आईडी लिए ही आरोपी को सिम दे दिया था।
जिस नंबर से धमकी दी गई थी, उसके बारे में सर्विलांस के माध्यम से जानकारी प्राप्त की गई। जिसमें सामने आया कि रिटेलर ने राधाकृष्ण सक्सेना का अंगूठा लगवाकर सिम को एक्टीवेट किया और एक्टीवेट सिम बिना किसी की आईडी लिए मुर्तजा को दे दी।
मुर्तजा ने अपने साथी नरेश वर्मा के मोबाइल में उस सिम को डालकर दोनों ने संयुक्त रूप से कालीचरन ज्वैलर्स से रंगदारी मांगी। रिटेलर ने पूछताछ में बताया कि दो सिम मुर्तजा को दी थीं। मुर्तजा ने अपनी आईडी बाद में देने को कहा था। इस पूरे मामले के खुलासे के वक्त एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, कोतवाल जेएस पंवार, सर्विलांस प्रभारी सुधीर राघव व उनकी टीम मौजूद थी।
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एसपी जयप्रकाश ने मंगलवार को अपने दफ्तर में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि कालीचरन पुत्र राजेंद्र अग्रवाल निवासी गली बख्तावर कोतवाली की कन्हैया ज्वैलर्स के नाम से लोहट बाजार में सराफ की दुकान है।
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उसके मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर से 26 अक्तूबर को कॉल आई। इसमें कालीचरन का नाम पूछा गया। उसके बाद 28 अक्तूबर को उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि जिसमें लिखा था कि वह दाऊद इब्राहिम गैंग से संबंधित है और हाथरस क्षेत्र में एक फैक्ट्री डालना चाहता है। मैसेज में 20 किलो सोना चौथ के रूप में मांगा गया।
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उसके बाद मैसेज वाले नंबर से सराफ से फोन पर कहा गया कि अभी तक 20 किलो सोना क्यों नहीं दिया गया। इसकी सूचना पुलिस को देने पर जान से मार देने की धमकी दी गई। इसके बाद कालीचरन ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
इसके बाद सर्विलांस और कोतवाली पुलिस मामले के खुलासा मे जुट गई। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि मंगलवार को इस मामले में नरेश कुमार वर्मा पुत्र मोतीराम वर्मा निवासी मुरसान गेट, मुर्तजा कुरैशी पुत्र फजलू रहमान निवासी मधुगढ़ी मस्जिद वाली गली और सिम विक्रेता केशव पुत्र घनश्याम दास निवासी विद्यापति नगर को गिरफ्तार किया गया है। मुतर्जा सपा के जिला कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे फजलुरर्हमान का बेटा है।
फेक नंबर से मांग रहे थे चौथ
हाथरस। सराफ से रंगदारी में 20 किलो सोना मांगने वाले आरोपियों ने जिस नंबर का इस्तेमाल किया था, वह फेक निकला। रिटेलर ने बिना आईडी लिए ही आरोपी को सिम दे दिया था।
जिस नंबर से धमकी दी गई थी, उसके बारे में सर्विलांस के माध्यम से जानकारी प्राप्त की गई। जिसमें सामने आया कि रिटेलर ने राधाकृष्ण सक्सेना का अंगूठा लगवाकर सिम को एक्टीवेट किया और एक्टीवेट सिम बिना किसी की आईडी लिए मुर्तजा को दे दी।
मुर्तजा ने अपने साथी नरेश वर्मा के मोबाइल में उस सिम को डालकर दोनों ने संयुक्त रूप से कालीचरन ज्वैलर्स से रंगदारी मांगी। रिटेलर ने पूछताछ में बताया कि दो सिम मुर्तजा को दी थीं। मुर्तजा ने अपनी आईडी बाद में देने को कहा था। इस पूरे मामले के खुलासे के वक्त एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, कोतवाल जेएस पंवार, सर्विलांस प्रभारी सुधीर राघव व उनकी टीम मौजूद थी।