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एसओ की फटकार से मुंशी का बीपी हुआ हाई
Updated Mon, 13 Aug 2018 11:45 PM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। एसओ की फटकार से थाने के मुंशी का बीपी हाई हो गया और उसकी तबियत बिगड़ गई। वह दो घंटे तक जिला अस्पताल में रहा0 और बाद में अपने घर रवाना हो गया। इधर, एसओ का कहना है कि उन्होंने थाने की मुंशी से केवल गैरहाजिर सिपाही की रपट जीडी में इंद्राज करने को कहा था। मुंशी का कहना है कि एसओ अक्सर इसी तरह उन्हें मानसिक रूप से टॉर्चर करते हैं।
हुआ यूं कि जीआरपी हाथरस सिटी स्टेशन प्रभारी एसके राजौरा लखनऊ में मीटिंग में गए थे। वह जब वापस लौटे तो उन्हें दो सिपाही स्टेशन पर चेकिंग करते नहीं मिले। इस पर उन्होंने वहां मौजूद मुंशी दलवीर सिंह से सिपाहियों के बारे में पूछा। एसओ का कहना है कि दलवीर सिंह ने कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया। एसओ ने जब यह कहा कि आखिर उन्होंने गैरहाजिर सिपाहियों की गैरहाजिरी जीडी में इंद्राज क्यों नहीं की है तो इस पर मुंशी जी ने स्पष्ट कह दिया कि वह किसी सिपाही की गैरहाजिरी की रपट नहीं लिख सकते। बताते हैं कि इसी दौरान एसओ और मुंशी में तड़का-भड़की हो गई। एसओ की मानें तो मुंशी ने जीडी फेंक दी और वहां से चले गए।
मुंशी सीधे जाकर बागला जिला अस्पताल दाखिल हो गया और दो घंटे बाद वहां से डिस्चार्ज होकर अपने घर चला गया। कांस्टेबिल दलवीर सिंह का कहना है कि एसओ हमेशा उनको टार्चर करते हैं। उल्टी-सीधी बातें करते हैं। यह कहते है कि यह करो वो करो। जब वह बिना वजह जीडी मेें गैरहाजिरी लिखा रहे थे तो उन्होंने लिखने से मना कर दिया। इस पर एसओ ने फिर उनसे उल्टी-सीधी बातें कहीं और इसकी वजह से उनका बीपी बढ़ गया और वह बीमार हो गए। उनके हार्ट पर भी इसका असर पड़ा है। दलवीर सिंह का कहना है कि अब वह इस थाने में नौकरी नहीं करेंगे, भले ही पुलिस लाइन में अपनी आमद करा लेेंगे। इधर, एसओ का कहना है कि उन्होंने तो केवल दलवीर ंसिंह से गैरहाजिर सिपाही की रपट जीडी में लिखने को कहा था। किसी भी तरह से कोई टॉर्चर नहीं किया।
हाथरस। एसओ की फटकार से थाने के मुंशी का बीपी हाई हो गया और उसकी तबियत बिगड़ गई। वह दो घंटे तक जिला अस्पताल में रहा0 और बाद में अपने घर रवाना हो गया। इधर, एसओ का कहना है कि उन्होंने थाने की मुंशी से केवल गैरहाजिर सिपाही की रपट जीडी में इंद्राज करने को कहा था। मुंशी का कहना है कि एसओ अक्सर इसी तरह उन्हें मानसिक रूप से टॉर्चर करते हैं।
हुआ यूं कि जीआरपी हाथरस सिटी स्टेशन प्रभारी एसके राजौरा लखनऊ में मीटिंग में गए थे। वह जब वापस लौटे तो उन्हें दो सिपाही स्टेशन पर चेकिंग करते नहीं मिले। इस पर उन्होंने वहां मौजूद मुंशी दलवीर सिंह से सिपाहियों के बारे में पूछा। एसओ का कहना है कि दलवीर सिंह ने कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया। एसओ ने जब यह कहा कि आखिर उन्होंने गैरहाजिर सिपाहियों की गैरहाजिरी जीडी में इंद्राज क्यों नहीं की है तो इस पर मुंशी जी ने स्पष्ट कह दिया कि वह किसी सिपाही की गैरहाजिरी की रपट नहीं लिख सकते। बताते हैं कि इसी दौरान एसओ और मुंशी में तड़का-भड़की हो गई। एसओ की मानें तो मुंशी ने जीडी फेंक दी और वहां से चले गए।
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मुंशी सीधे जाकर बागला जिला अस्पताल दाखिल हो गया और दो घंटे बाद वहां से डिस्चार्ज होकर अपने घर चला गया। कांस्टेबिल दलवीर सिंह का कहना है कि एसओ हमेशा उनको टार्चर करते हैं। उल्टी-सीधी बातें करते हैं। यह कहते है कि यह करो वो करो। जब वह बिना वजह जीडी मेें गैरहाजिरी लिखा रहे थे तो उन्होंने लिखने से मना कर दिया। इस पर एसओ ने फिर उनसे उल्टी-सीधी बातें कहीं और इसकी वजह से उनका बीपी बढ़ गया और वह बीमार हो गए। उनके हार्ट पर भी इसका असर पड़ा है। दलवीर सिंह का कहना है कि अब वह इस थाने में नौकरी नहीं करेंगे, भले ही पुलिस लाइन में अपनी आमद करा लेेंगे। इधर, एसओ का कहना है कि उन्होंने तो केवल दलवीर ंसिंह से गैरहाजिर सिपाही की रपट जीडी में लिखने को कहा था। किसी भी तरह से कोई टॉर्चर नहीं किया।
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