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झोलाछाप डॉक्टर बना सर्जन, कर डाला बच्चे का ऑपरेशन
Updated Fri, 16 Nov 2018 11:48 PM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। कोतवाली चंदपा क्षेत्र के गांव परसारा में छोलाछाप डॉक्टर सर्जन बन गया। उसने सात साल के बच्चे की पीट पर मौजूद गांठ का ऑपरेशन कर डाला, इस दौरान बच्चे की तबियत बिगड़ गई, यह देख झोलाछाप के होश उड़ गए और फिर बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पप्पू निवासी निवासी परसारा के सात साल के बेटा विकास की पीठ पर एक गांठ थी। जिसका काफी इलाज भी कराया, लेकिन वह गांठ नहीं बैटी। गांव में ही मौजूद झोलाछाप के पास बच्चे को लेकर उसके परिजन गए। जिस पर झोलाछाप ने उसका ऑपरेशन करने की बात कही और परिवार के लोगों को अपनी बातों में फंसा लिया।
जैसे ही झोलाछाप ने बच्चे की गांठ में कट लगाया, उसकी हालत खराब हो गई। यह देख झोलाछाप के हाथ पांव फूल गए और फिर बच्चे को परिवार के लोगों के साथ वहीं झोलाछाप जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां पर बच्चे को भर्ती कराकर वह गांव चला गया। इमरजेंसी में हुए इलाज के बाद बच्चे की हालत में सुधार होता देख परिजनों ने राहत की सांस ली।
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वर्जन-
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में पीड़ित की ओर से भी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अगर ऐसा हुआ है तो पता किया जाएगा, ताकि मामला सामने आ सके।
-डॉ. बृजेश राठौर, सीएमओ।
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हाथरस। कोतवाली चंदपा क्षेत्र के गांव परसारा में छोलाछाप डॉक्टर सर्जन बन गया। उसने सात साल के बच्चे की पीट पर मौजूद गांठ का ऑपरेशन कर डाला, इस दौरान बच्चे की तबियत बिगड़ गई, यह देख झोलाछाप के होश उड़ गए और फिर बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पप्पू निवासी निवासी परसारा के सात साल के बेटा विकास की पीठ पर एक गांठ थी। जिसका काफी इलाज भी कराया, लेकिन वह गांठ नहीं बैटी। गांव में ही मौजूद झोलाछाप के पास बच्चे को लेकर उसके परिजन गए। जिस पर झोलाछाप ने उसका ऑपरेशन करने की बात कही और परिवार के लोगों को अपनी बातों में फंसा लिया।
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जैसे ही झोलाछाप ने बच्चे की गांठ में कट लगाया, उसकी हालत खराब हो गई। यह देख झोलाछाप के हाथ पांव फूल गए और फिर बच्चे को परिवार के लोगों के साथ वहीं झोलाछाप जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां पर बच्चे को भर्ती कराकर वह गांव चला गया। इमरजेंसी में हुए इलाज के बाद बच्चे की हालत में सुधार होता देख परिजनों ने राहत की सांस ली।
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यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में पीड़ित की ओर से भी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अगर ऐसा हुआ है तो पता किया जाएगा, ताकि मामला सामने आ सके।
-डॉ. बृजेश राठौर, सीएमओ।