{"_id":"5b255bdd4f1c1b13358b70ee","slug":"111529175005-hathras-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश विरोधी नारों की सूचना पर दौड़ी पुलिस-Cordination","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
देश विरोधी नारों की सूचना पर दौड़ी पुलिस-Cordination
Updated Sun, 17 Jun 2018 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
ईद से पहले शुक्रवार रात को इगलास रोड स्थित गांव टुकसान के ग्रामीणों ने गांव में देश विरोधी नारे लगाए जाने की सूचना देकर पुलिस अधिकारियों के होश उड़ा दिए। पूरे दल-बल के साथ जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मामला गलतफहमी का निकला। पुलिस सूचना देने वाले ग्रामीण को सख्त चेतावनी देकर लौट आई।
पुलिस के मुताबिक ग्रामीण ने गांव में एक धार्मिक जुलूस निकाले जाने की सूचना दी थी। ग्रामीण ने कहा था कि जुलूस में अलग भाषा में नारे लगाए जा रहे हैं। यह नारे देश विरोधी लग रहे हैं। रात में इस सूचना से हाथरस गेट पुलिस में खलबली मच गई। कोतवाल योगेश सिरोही पुलिस बल को साथ लेकर गांव में पहुंच गए। तब तक धार्मिक जुलूस निकाला जा चुका था।
पुलिस ने जब मामले की जांच-पड़ताल की तो मामला कुछ और ही निकला। गांव के एक मौलवी ने बताया कि ईद से पहले एक ग्रामीण कलमा पढ़कर मस्जिद से घर के लिए रवाना हुए थे। उनके साथ कुछ ग्रामीण और बच्चे भी थे। सभी अरबी में कलमा पढ़ते हुए जा रहे थे। इसे ग्रामीणों ने गलत तरीके से ले लिया और पुलिस को सूचना दे दी। दरअसल कलमा अरबी में होने के कारण गांव के लोग इसे समझ नहीं सके। जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली और लौट आई।
विज्ञापन
विज्ञापन
ईद से पहले शुक्रवार रात को इगलास रोड स्थित गांव टुकसान के ग्रामीणों ने गांव में देश विरोधी नारे लगाए जाने की सूचना देकर पुलिस अधिकारियों के होश उड़ा दिए। पूरे दल-बल के साथ जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मामला गलतफहमी का निकला। पुलिस सूचना देने वाले ग्रामीण को सख्त चेतावनी देकर लौट आई।
पुलिस के मुताबिक ग्रामीण ने गांव में एक धार्मिक जुलूस निकाले जाने की सूचना दी थी। ग्रामीण ने कहा था कि जुलूस में अलग भाषा में नारे लगाए जा रहे हैं। यह नारे देश विरोधी लग रहे हैं। रात में इस सूचना से हाथरस गेट पुलिस में खलबली मच गई। कोतवाल योगेश सिरोही पुलिस बल को साथ लेकर गांव में पहुंच गए। तब तक धार्मिक जुलूस निकाला जा चुका था।
विज्ञापन
पुलिस ने जब मामले की जांच-पड़ताल की तो मामला कुछ और ही निकला। गांव के एक मौलवी ने बताया कि ईद से पहले एक ग्रामीण कलमा पढ़कर मस्जिद से घर के लिए रवाना हुए थे। उनके साथ कुछ ग्रामीण और बच्चे भी थे। सभी अरबी में कलमा पढ़ते हुए जा रहे थे। इसे ग्रामीणों ने गलत तरीके से ले लिया और पुलिस को सूचना दे दी। दरअसल कलमा अरबी में होने के कारण गांव के लोग इसे समझ नहीं सके। जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली और लौट आई।
विज्ञापन