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गोवंश आश्रय स्थल निर्माण को अभी तक नहीं मिली जमीन
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गोवंश आश्रय स्थल निर्माण को अभी तक नहीं मिली जमीन
जमीन चिह्नांकन के लिए तहसीलों को कई बार जारी हो चुके हैं पत्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। शासन स्तर से जिले में एक और गोशाला निर्माण के लिए बजट जारी किया जा चुका है, लेकिन अभी तक प्रशासन स्तर से सरकारी भूमि का चिह्नांकन नहीं किया गया है। हालांकि भूमि निर्धारण के संबंध में डीएम और पशु पालन विभाग की ओर से संबंधित तहसीलों के एसडीएम को कई बार पत्र भी जारी हो चुके हैं। भूमि निर्धारण नहीं हो पाने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
शासन स्तर से जिले में एक और गोवंश आश्रय स्थल (गोशाला) निर्माण के लिए 1.20 करोड़ रुपये भेज दिए गए हैं, ताकि जिले के निराश्रित गोवंशों को आश्रय मिल सके। शासन के मानक के अनुसार गोवंश आश्रय स्थल के लिए एक हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। इस बजट के आने के बाद जिला प्रशासन की ओर से हाथरस, सासनी, सादाबाद एसडीएम को अपनी अपनी तहसीलों में भूमि निर्धारण करने के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के बाद अभी तक किसी भी तहसील में भूमि का चिह्नांकन नहीं हो सका है।
इस क्रम में पशु पालन विभाग की ओर से तीनों एसडीएम को फिर अनुस्मारक पत्र के तौर पर भूमि चिह्नांकन के लिए पत्र जारी किए गए, लेकिन अभी तक भूमि चिह्नांकन का काम पूरा नहीं हो सका है। अब फिर से पशु पालन विभाग की ओर शासन के निर्देशों के क्रम में भूमि चिह्नांकन के लिए पत्र जारी किया जा रहा है, ताकि चिह्नांकन के बाद भूमि को पशु पालन विभाग के नाम ट्रांसफर कर गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
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जमीन चिह्नांकन के लिए तहसीलों को कई बार जारी हो चुके हैं पत्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। शासन स्तर से जिले में एक और गोशाला निर्माण के लिए बजट जारी किया जा चुका है, लेकिन अभी तक प्रशासन स्तर से सरकारी भूमि का चिह्नांकन नहीं किया गया है। हालांकि भूमि निर्धारण के संबंध में डीएम और पशु पालन विभाग की ओर से संबंधित तहसीलों के एसडीएम को कई बार पत्र भी जारी हो चुके हैं। भूमि निर्धारण नहीं हो पाने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
शासन स्तर से जिले में एक और गोवंश आश्रय स्थल (गोशाला) निर्माण के लिए 1.20 करोड़ रुपये भेज दिए गए हैं, ताकि जिले के निराश्रित गोवंशों को आश्रय मिल सके। शासन के मानक के अनुसार गोवंश आश्रय स्थल के लिए एक हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। इस बजट के आने के बाद जिला प्रशासन की ओर से हाथरस, सासनी, सादाबाद एसडीएम को अपनी अपनी तहसीलों में भूमि निर्धारण करने के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के बाद अभी तक किसी भी तहसील में भूमि का चिह्नांकन नहीं हो सका है।
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इस क्रम में पशु पालन विभाग की ओर से तीनों एसडीएम को फिर अनुस्मारक पत्र के तौर पर भूमि चिह्नांकन के लिए पत्र जारी किए गए, लेकिन अभी तक भूमि चिह्नांकन का काम पूरा नहीं हो सका है। अब फिर से पशु पालन विभाग की ओर शासन के निर्देशों के क्रम में भूमि चिह्नांकन के लिए पत्र जारी किया जा रहा है, ताकि चिह्नांकन के बाद भूमि को पशु पालन विभाग के नाम ट्रांसफर कर गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
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