{"_id":"5cbe159cbdec2258a5433fcf","slug":"change-where-we-go-make-a-beautiful-look","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदलें हम तकदीर जहां की, सुंदर सा एक दृश्य बनाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदलें हम तकदीर जहां की, सुंदर सा एक दृश्य बनाएं
Tue, 23 Apr 2019 01:01 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Tue, 23 Apr 2019 01:01 AM IST
विज्ञापन
विश्व पृथ्वी दिवस पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में कव्य पाठ करते कवि।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईश्वरीय विश्वविद्यालय शिव शक्ति भवन में सोमवार को विश्व पृथ्वी दिवस मनाया गया। इस दिन विश्वविद्यालय में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें पृथ्वी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए समाज को संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छवि चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह देकर किया गया। सेवाकेंद्र प्रभारी बीके भावना बहन ने कर रहे कर रहे मनुज अत्याचार, धरनी बैठी सोच रही, है रही है रही बहुत हाहाकार, धरनी बैठी सोच रही, कविता सुनाकर सबको भाव विभोर कर दिया।
कवियत्री पिंकी पाराशर ने कहा कि बदलें हम तकदीर जहां की, सुंदर सा एक दृश्य बनाएं, संदेशा हम तब तक फैलाएं, आओ पर्यावरण बचाएं, का काव्य पाठ किया। कवि जयप्रकाश पचौरी ने जन जन का हो एक ही नारा, स्वच्छ शुद्धता धर्म हमारा कविता सुनाई। आगरा से आए कवि हरिदत्त शर्मा ने धरती माता की आवाज, आज हम क्यूं न सुनें कविता सुनाकर संदेश दिया।
विज्ञापन
बल्देव दाऊजी की सीमा बहन ने कहा कि आज के समय में धरती का वायुमंडल प्रदूषित हो गया है। इसके लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और पॉलिथीन का बहिष्कार करना चाहिए। हमें स्वयं को व्यसनों से भी मुक्त रखना है। परमात्मा के साथ का संग सर्वश्रेष्ठ है।
कवि नूर मोहम्मद ने थोड़ा सा प्यार लेंगे, थोड़ा सा प्यार देंगे, थोड़ी सी जिंदगी है, हंस कर गुजार लेंगे सुनाई। हरिभान सिंह ने जाने क्या क्या चुप से सहती है, नहीं किसी से कुछ कहती है, धरती माता हम सब कहते, मूक दर्शक बनी सी रहती है कविता सुनाई।
मौके पर रामबाबू पिप्पल, डॉ. सुरेश सादाबादी, राधेश्याम पागल, मीना वार्ष्णेय, जेपी सागर, आचार्य राकेश ओझा ने भी कविताएं सुनाईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत बैंक प्रबंधक मदन वर्मा ने की। बीके बबिता बहन, मिथलेश, रामबाबू, गुंजन, प्रीती, राधा, कमलेश आदि का सहयोग सराहनीय रहा। सभी ने पृथ्वी को बचाने के लिए पौधरोपण करने और पेड़ों के संरक्षण करने का संकल्प लिया।
पर्यावरण की सुरक्षा वृक्षों से संभव, संरक्षण करें
एबीजी गुरुकुलम विद्यालय में सोमवार को प्रबंधक डॉ राजेश गौतम एवं डायरेक्टर अमित बंसल की संयुक्त अध्यक्षता में विश्व पृथ्वी दिवस का आयोजन कराया गया। मौके पर कालेज की प्रधानाचार्या डॉ. बरखा गुप्ता मंचासीन थी। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के छवि चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। डॉ बरखा गुप्ता ने कहा कि जीवन सुरक्षित करने के लिए पर्यावरण का सुरक्षित रखना जरूरी है।
पर्यावरण की सुरक्षा वृक्षों से ही संभव है। वृक्ष प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से मानव जीवन की रक्षा करते है। शिक्षिका उमा घोष ने पर्यावरण का महत्व समझाया। छात्रा नंदनी ने काव्य पाठ के माध्यम से पर्यावरण से मानव जीवन की रक्षा करने के लिए प्रेरित किया है।
छात्र आदित्य ने मानव जीवन के लिए वृक्षों का महत्व बताते हुए पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी। इस दौरान डायरेक्टर ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर छात्र-छात्राओं को प्रगति के प्रति मित्रवत व्यवहार करने की नसीहत दी। इस दौरान विद्यालय के डायरेक्टर अमित बंसल ने वहां उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छवि चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह देकर किया गया। सेवाकेंद्र प्रभारी बीके भावना बहन ने कर रहे कर रहे मनुज अत्याचार, धरनी बैठी सोच रही, है रही है रही बहुत हाहाकार, धरनी बैठी सोच रही, कविता सुनाकर सबको भाव विभोर कर दिया।
विज्ञापन
कवियत्री पिंकी पाराशर ने कहा कि बदलें हम तकदीर जहां की, सुंदर सा एक दृश्य बनाएं, संदेशा हम तब तक फैलाएं, आओ पर्यावरण बचाएं, का काव्य पाठ किया। कवि जयप्रकाश पचौरी ने जन जन का हो एक ही नारा, स्वच्छ शुद्धता धर्म हमारा कविता सुनाई। आगरा से आए कवि हरिदत्त शर्मा ने धरती माता की आवाज, आज हम क्यूं न सुनें कविता सुनाकर संदेश दिया।
विज्ञापन
बल्देव दाऊजी की सीमा बहन ने कहा कि आज के समय में धरती का वायुमंडल प्रदूषित हो गया है। इसके लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और पॉलिथीन का बहिष्कार करना चाहिए। हमें स्वयं को व्यसनों से भी मुक्त रखना है। परमात्मा के साथ का संग सर्वश्रेष्ठ है।
कवि नूर मोहम्मद ने थोड़ा सा प्यार लेंगे, थोड़ा सा प्यार देंगे, थोड़ी सी जिंदगी है, हंस कर गुजार लेंगे सुनाई। हरिभान सिंह ने जाने क्या क्या चुप से सहती है, नहीं किसी से कुछ कहती है, धरती माता हम सब कहते, मूक दर्शक बनी सी रहती है कविता सुनाई।
मौके पर रामबाबू पिप्पल, डॉ. सुरेश सादाबादी, राधेश्याम पागल, मीना वार्ष्णेय, जेपी सागर, आचार्य राकेश ओझा ने भी कविताएं सुनाईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत बैंक प्रबंधक मदन वर्मा ने की। बीके बबिता बहन, मिथलेश, रामबाबू, गुंजन, प्रीती, राधा, कमलेश आदि का सहयोग सराहनीय रहा। सभी ने पृथ्वी को बचाने के लिए पौधरोपण करने और पेड़ों के संरक्षण करने का संकल्प लिया।
पर्यावरण की सुरक्षा वृक्षों से संभव, संरक्षण करें
एबीजी गुरुकुलम विद्यालय में सोमवार को प्रबंधक डॉ राजेश गौतम एवं डायरेक्टर अमित बंसल की संयुक्त अध्यक्षता में विश्व पृथ्वी दिवस का आयोजन कराया गया। मौके पर कालेज की प्रधानाचार्या डॉ. बरखा गुप्ता मंचासीन थी। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के छवि चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। डॉ बरखा गुप्ता ने कहा कि जीवन सुरक्षित करने के लिए पर्यावरण का सुरक्षित रखना जरूरी है।
पर्यावरण की सुरक्षा वृक्षों से ही संभव है। वृक्ष प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से मानव जीवन की रक्षा करते है। शिक्षिका उमा घोष ने पर्यावरण का महत्व समझाया। छात्रा नंदनी ने काव्य पाठ के माध्यम से पर्यावरण से मानव जीवन की रक्षा करने के लिए प्रेरित किया है।
छात्र आदित्य ने मानव जीवन के लिए वृक्षों का महत्व बताते हुए पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी। इस दौरान डायरेक्टर ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर छात्र-छात्राओं को प्रगति के प्रति मित्रवत व्यवहार करने की नसीहत दी। इस दौरान विद्यालय के डायरेक्टर अमित बंसल ने वहां उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया।