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Hathras News: छेड़छाड़ के मामले में लापरवाही बरतने पर सिकंदराराऊ एसएचओ के खिलाफ वाद दर्ज
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
सीजेएम, हाथरस की अदालत ने महिला से छेड़छाड़ और बदसलूकी के मामले में जांच आख्या प्रस्तुत न करने और अदालती आदेशों की अवहेलना करने पर सिकंदराराऊ थाना प्रभारी शिव कुमार शर्मा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने थाना प्रभारी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 388 के तहत पृथक मामला दर्ज करते हुए 17 अक्तूबर के लिए समन जारी किया है।
घटना सिकंदराराऊ की है। पीड़ित के अनुसार 22 मार्च की सुबह करीब नौ बजे महिला सिकंदराराऊ जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान गांव नगला खन्ना का रहने वाला युवक उसे बाइक से सिकंदराराऊ छोड़ने की बात कहकर साथ ले गया।
महिला का आरोप है कि सुनसान रास्ते पर ले जाकर आरोपी ने गाड़ी रोकी और झाड़ियों की तरफ खींचकर गलत हरकतें कीं। जब विरोध किया तो आरोपी ने उसका गला दबाया और किसी से शिकायत करने पर चेहरे पर तेजाब डालने व जान से मारने की धमकी दी। आरोपी महिला का मोबाइल छीनकर भाग गया। महिला का आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसपी कार्यालय से भी राहत न मिलने पर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
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न रिपोर्ट दी, न खुद हाजिर हुए
कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 18 मई को सिकंदराराऊ थाना प्रभारी को 15 दिन के भीतर प्रारंभिक जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। समय पर रिपोर्ट न आने पर कोर्ट ने 30 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर 12 अक्तूबर 2026 तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। 12 अक्तूबर को सुनवाई के दौरान न तो थाना प्रभारी कोर्ट में उपस्थित हुए और न ही जांच रिपोर्ट दाखिल की। इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने टिप्पणी की कि प्रभारी निरीक्षक जानबूझकर अदालत के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं, जिससे मामले के निस्तारण में अनावश्यक देरी हो रही है।
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घटना सिकंदराराऊ की है। पीड़ित के अनुसार 22 मार्च की सुबह करीब नौ बजे महिला सिकंदराराऊ जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान गांव नगला खन्ना का रहने वाला युवक उसे बाइक से सिकंदराराऊ छोड़ने की बात कहकर साथ ले गया।
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महिला का आरोप है कि सुनसान रास्ते पर ले जाकर आरोपी ने गाड़ी रोकी और झाड़ियों की तरफ खींचकर गलत हरकतें कीं। जब विरोध किया तो आरोपी ने उसका गला दबाया और किसी से शिकायत करने पर चेहरे पर तेजाब डालने व जान से मारने की धमकी दी। आरोपी महिला का मोबाइल छीनकर भाग गया। महिला का आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसपी कार्यालय से भी राहत न मिलने पर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
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न रिपोर्ट दी, न खुद हाजिर हुए
कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 18 मई को सिकंदराराऊ थाना प्रभारी को 15 दिन के भीतर प्रारंभिक जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। समय पर रिपोर्ट न आने पर कोर्ट ने 30 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर 12 अक्तूबर 2026 तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। 12 अक्तूबर को सुनवाई के दौरान न तो थाना प्रभारी कोर्ट में उपस्थित हुए और न ही जांच रिपोर्ट दाखिल की। इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने टिप्पणी की कि प्रभारी निरीक्षक जानबूझकर अदालत के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं, जिससे मामले के निस्तारण में अनावश्यक देरी हो रही है।