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नहर की पटरी कटी, 50 बीघा फसल जलमग्न
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Tue, 21 Nov 2017 11:51 PM IST
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फसल जलमग्न
- फोटो : Amar Ujala
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हाथरस ब्रांच नहर के रजवाहा कलवारी माइनर की गांव जोगिया के निकट फिर पटरी कट गई, जिससे छह से ज्यादा किसानों की करीब 50 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। फसल खराब होने से एक किसान दाऊदयाल की हालत बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए परिजनों और ग्रामीणों ने बागला जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। चिकित्सकों के अनुसार किसान की हालात अब खतरे से बाहर है।
एक तरफ जहां रबी की फसल की तैयारियों के लिए किसानों को टेल तक पानी नहीं मिल पा रहा है तो दूसरी ओर नहर और रजवाहों की पटरी जर्जर होने के कारण आए-दिन कट रही हैं, जिससे अब तक बड़ी संख्या में किसानों की भूमि और खड़ी फसल जलमग्न होने के कारण किसानों को जबर्दस्त आर्थिक क्षति हुई है। सोमवार की देर रात गांव जोगिया के निकट हाथरस ब्रांच नहर की कलवारी माइनर की पटरी कट जाने के कारण 50 बीघा किसानों की भूमि जलमग्न हो गई।
इस भूमि में कुछ किसानों ने तो अपनी आलू, सरसों एवं गेहूं की फसल की बुवाई कर दी है, जबकि कुछ किसान इस फसल में रबी की फसल की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अब यह इस भूमि में अपनी फसल की बुवाई करीब एक माह तक नहीं कर सकेंगे, क्योंकि जमीन में पानी दो फीट तक भरा हुआ है। इससे पूर्व भी मुरसान, सादाबाद सहपऊ आदि की गई स्थानों पर भी नहर की पटरी कटने से करीब 200 बीघा जमीन पहले ही जलमग्न होने से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। जोगिया में सोमवार की देर रात पटरी कटने से दाऊ दयाल की करीब 20 बीघा, अशोक कुमार, मुकेश कुमार और देवेंद्र कुमार आदि की मिलाकर करीब 50 बीघा जमीन जलमग्न हो चुकी है। ग्रामीणों ने पानी की रोकथाम के काफी प्रयास किए, लेकिन पानी नहीं रुक सका। पानी लगातार खेत में जमा हो रहा था।
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एक तरफ जहां रबी की फसल की तैयारियों के लिए किसानों को टेल तक पानी नहीं मिल पा रहा है तो दूसरी ओर नहर और रजवाहों की पटरी जर्जर होने के कारण आए-दिन कट रही हैं, जिससे अब तक बड़ी संख्या में किसानों की भूमि और खड़ी फसल जलमग्न होने के कारण किसानों को जबर्दस्त आर्थिक क्षति हुई है। सोमवार की देर रात गांव जोगिया के निकट हाथरस ब्रांच नहर की कलवारी माइनर की पटरी कट जाने के कारण 50 बीघा किसानों की भूमि जलमग्न हो गई।
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इस भूमि में कुछ किसानों ने तो अपनी आलू, सरसों एवं गेहूं की फसल की बुवाई कर दी है, जबकि कुछ किसान इस फसल में रबी की फसल की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अब यह इस भूमि में अपनी फसल की बुवाई करीब एक माह तक नहीं कर सकेंगे, क्योंकि जमीन में पानी दो फीट तक भरा हुआ है। इससे पूर्व भी मुरसान, सादाबाद सहपऊ आदि की गई स्थानों पर भी नहर की पटरी कटने से करीब 200 बीघा जमीन पहले ही जलमग्न होने से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। जोगिया में सोमवार की देर रात पटरी कटने से दाऊ दयाल की करीब 20 बीघा, अशोक कुमार, मुकेश कुमार और देवेंद्र कुमार आदि की मिलाकर करीब 50 बीघा जमीन जलमग्न हो चुकी है। ग्रामीणों ने पानी की रोकथाम के काफी प्रयास किए, लेकिन पानी नहीं रुक सका। पानी लगातार खेत में जमा हो रहा था।
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