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खु्श रहोगे तो नहीं होगी भूलने की बीमारी

Mon, 21 Sep 2020 01:27 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2020 01:27 AM IST
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Being happy will not cause amnesia
उम्र बढ़ने के साथ ही कई तरह की बीमारियां मानव शरीर में घर बनाना शुरू कर देती हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख बीमारी बुढ़ापे में भूलने की आदत (अल्जाइमर्स -डिमेंशिया) की है। इस बीमारी से पीड़ित बुजुर्गों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए इस बीमारी की जद में आने से बचने के लिए हर वर्ष 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर्स डिमेंशिया दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य जागरूकता लाना है, ताकि घर-परिवार की शोभा बढ़ाने वाले बुजुर्गों को इस बीमारी से बचाकर उनके जीवन में खुशियां लाई जा सकें। 21 से 27 सितंबर तक चलने वाले राष्ट्रीय डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह के तहत प्रदेश के हर जिले में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये इस बीमारी की सही पहचान और उससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूकता लाने की कोशिश की जाएगी।
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जागरूकता सप्ताह के तहत होंगे विभिन्न आयोजन
महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इस बारे में पत्र भेजकर 21 से 27 सितंबर तक चलने वाले डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह के दौरान विभिन्न आयोजन करने के लिए कहा गया है। इसके तहत कोविड-19 के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए रैली, संगोष्ठी, अर्बन स्लैम शिविर, मंद बुद्धि प्रमाण पत्र देने के संबंध में शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं ।
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स्वास्थ्य विभाग मदद के लिए तैयार
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ‘नेशनल प्रोग्राम फॉर द हेल्थ केयर ऑफ़ एल्डर्ली’ (एनपीएचसीई) संचालित किया जा रहा है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों और वृद्धजनों के समुचित उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाता है। हर जिले में इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सक और स्टाफ की तैनाती भी की गई है। बुजुर्गों के लिए अलग वार्ड भी बनाए गए हैं। इसके अलावा उनके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर परामर्श के लिए मनोचिकित्सक तैनात किए गए हैं। मनकक्ष की व्यवस्था की गई है, जहां पर काउंसिलिंग से लेकर इलाज तक की व्यवस्था होती है। समय-समय पर शिविर आयोजित कर भी बुजुर्गों की मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ीं समस्याओं का समाधान किया जाता है।
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डिमेंशिया के लक्षण
रोजमर्रा की चीजों को भूल जाना, व्यवहार में परिवर्तन आना, रोज घटने वाली घटनाओं को भूल जाना, दैनिक कार्य नहीं कर पाना आदि इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। इसके चलते बातचीत करने में दिक्कत आती है या किसी भी विषय में प्रतिक्रिया देने में विलंब होता है। डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हाई कोलस्ट्रोल, सिर की चोट, ब्रेन स्ट्रोक, एनीमिया और कुपोषण के अलावा नशे की लत होने के चलते भी इस बीमारी के चपेट में आने की संभावना रहती है

जागरूक बनें, डिमेंशिया दूर करें
इस भूलने की बीमारी पर नियंत्रण पाने के लिए जरूरी है कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक रूप से अपने को स्वस्थ रखें। नकारात्मक विचारों को मन पर प्रभावी नहीं होने दें और सकारात्मक विचारों से मन को प्रसन्न बनाएं। पसंद का संगीत सुनने, गाना गाने, खाना बनाने, बागवानी करने, खेलकूद आदि जिसमें सबसे अधिक रुचि हो, उसमें मन लगाएं तो यह बीमारी नहीं घेर सकती । इसके अलावा नियमित रूप से व्यायाम और योगा को अपनाकर इससे बचा जा सकता है।
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