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Hathras News: रोहई में 200 साल से वट वृक्ष दे रहा छांव
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गांव रुहेरी स्थित काले मंदिर में लगा 200 वर्ष पुराना बरगद का वृक्ष। संवाद
- फोटो : samvad
चंदपा थाना क्षेत्र के गांव रोहई में स्थित काले मंदिर के प्रांगण में एक लगभग 200 वर्ष पुराना बरगद का पेड़ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से सहपऊ के बावली रजबहा और हसायन के अंडौली स्थित वट वृक्ष की तरह इसे भी धरोहर वृक्ष के रूप में चिन्ह्त करे की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसकी टहनियां अब जमीन छूने लग गई है। ग्रामीण इस बरगद के पेड़ की त्योहारों पर पूजा अर्चना भी करते हैं। साथ ही गर्मी में इस बरगद की छांव सुकून देती है। गांव के खूबीराम पचौरी का कहना है कि इसे सहेज कर रखा जाना चाहिए।
गांव के नरेंद्र शर्मा बताते हैं कि आठ-दस पीढ़ियों के लोगों ने इस वृक्ष को देखा है। इस बरगद को वृक्ष धरोहर चुनना चाहिए। वन विभाग के एसडीओ डीवी सिंह का कहना है कि यदि पेड़ 200 साल पुराना है तो इसे धरोहर वृक्ष के रूप में सहेजने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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ग्रामीणों का कहना है कि इसकी टहनियां अब जमीन छूने लग गई है। ग्रामीण इस बरगद के पेड़ की त्योहारों पर पूजा अर्चना भी करते हैं। साथ ही गर्मी में इस बरगद की छांव सुकून देती है। गांव के खूबीराम पचौरी का कहना है कि इसे सहेज कर रखा जाना चाहिए।
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गांव के नरेंद्र शर्मा बताते हैं कि आठ-दस पीढ़ियों के लोगों ने इस वृक्ष को देखा है। इस बरगद को वृक्ष धरोहर चुनना चाहिए। वन विभाग के एसडीओ डीवी सिंह का कहना है कि यदि पेड़ 200 साल पुराना है तो इसे धरोहर वृक्ष के रूप में सहेजने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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