{"_id":"6a2b19922a521b51a4066b12","slug":"asafoetida-prices-fell-due-to-increased-imports-hathras-news-c-56-1-hts1003-149841-2026-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: विदेशी आवक बढ़ने से हींग की कीमत गिरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: विदेशी आवक बढ़ने से हींग की कीमत गिरी
Fri, 12 Jun 2026 01:54 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 12 Jun 2026 01:54 AM IST
विज्ञापन
शहर की एक फैक्टरी में सजे हींग के नमूने। संवाद
- फोटो : Samvad
देश की प्रमुख हींग मंडियों में शुमार हाथरस में इन दिनों भाव लगातार गिर रहे हैं। अफगानिस्तान से बेहतरीन आवक होने और ईरान (युद्ध से पूर्व) के स्टॉक ने हींग की कीमतों को कम कर दिया है। जिससे कई प्रमुख किस्मों के दामों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
कारोबारियों के अनुसार कुछ माह पहले तक 12 हजार रुपये प्रति किलो तक बिकने वाली नुकरा हींग अब करीब 7500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इसी प्रकार दूध हींग के दामों में भी 2500 से 3000 रुपये प्रति किलो तक की बड़ी गिरावट आई है और इसके भाव करीब 9 हजार रुपये प्रति किलो के आसपास चल रहे हैं। हाथरस की मंडी से देश के विभिन्न राज्यों में हींग की आपूर्ति होती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्पादन बढ़ने का सीधा प्रभाव यहां के व्यापार पर पड़ता है।
व्यापारियों का कहना है कि बाजार में माल की उपलब्धता बढ़ने से खरीदारों के पास अधिक विकल्प हैं, जिसके कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च गुणवत्ता और चुनिंदा हींग के दाम अभी भी अपेक्षाकृत स्थिर हैं। सामान्य श्रेणी की हींग के भाव में लगातार गिरावट से कारोबारियों के मुनाफे पर भी असर पड़ रहा है। बाहर की मंडियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा भी स्थानीय व्यापारियों के लिए चुनौती बन रही है।
विज्ञापन
कारोबारियों का कहना है कि यदि आगामी महीनों में विदेशी आवक इसी प्रकार बनी रही तो कीमतों में और नरमी आ सकती है। वहीं खुदरा बाजार में भी इसका लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।
हाथरस मंडी पर हुआ असर
हाथरस देश की प्रमुख हींग मंडियों में शामिल है। यहां से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और अन्य राज्यों में हींग की आपूर्ति की जाती है। विदेशी उत्पादन बढ़ने पर सबसे पहले इसका असर थोक बाजारों में दिखाई देता है। विदेशों से ज्यादा माल आने पर भाव कम हो जाते हैं।
इस बार अफगानिस्तान से माल की आवक काफी अच्छी है। ईरान से पहले से आया माल भी व्यापारियों के पास मौजूद है। इसलिए बाजार में पर्याप्त स्टॉक होने के कारण कई किस्मों के भाव नीचे आए हैं। जिससे खरीदारों को फायदा मिल रहा है।
-प्रेम पोद्दार, हींग कारोबारी।
कुछ माह पहले जिन किस्मों की मांग अधिक थी, उनके भाव अब काफी कम हो गए हैं। गुणवत्ता वाली हींग की मांग अभी भी बनी हुई है, लेकिन सामान्य हींग की कीमतों पर दबाव है। आवक और बढ़ी तो भाव और कम हो सकते हैं।
-जीवन अग्रवाल, हींग कारोबारी।
विज्ञापन
कारोबारियों के अनुसार कुछ माह पहले तक 12 हजार रुपये प्रति किलो तक बिकने वाली नुकरा हींग अब करीब 7500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इसी प्रकार दूध हींग के दामों में भी 2500 से 3000 रुपये प्रति किलो तक की बड़ी गिरावट आई है और इसके भाव करीब 9 हजार रुपये प्रति किलो के आसपास चल रहे हैं। हाथरस की मंडी से देश के विभिन्न राज्यों में हींग की आपूर्ति होती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्पादन बढ़ने का सीधा प्रभाव यहां के व्यापार पर पड़ता है।
विज्ञापन
व्यापारियों का कहना है कि बाजार में माल की उपलब्धता बढ़ने से खरीदारों के पास अधिक विकल्प हैं, जिसके कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च गुणवत्ता और चुनिंदा हींग के दाम अभी भी अपेक्षाकृत स्थिर हैं। सामान्य श्रेणी की हींग के भाव में लगातार गिरावट से कारोबारियों के मुनाफे पर भी असर पड़ रहा है। बाहर की मंडियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा भी स्थानीय व्यापारियों के लिए चुनौती बन रही है।
विज्ञापन
कारोबारियों का कहना है कि यदि आगामी महीनों में विदेशी आवक इसी प्रकार बनी रही तो कीमतों में और नरमी आ सकती है। वहीं खुदरा बाजार में भी इसका लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।
हाथरस मंडी पर हुआ असर
हाथरस देश की प्रमुख हींग मंडियों में शामिल है। यहां से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और अन्य राज्यों में हींग की आपूर्ति की जाती है। विदेशी उत्पादन बढ़ने पर सबसे पहले इसका असर थोक बाजारों में दिखाई देता है। विदेशों से ज्यादा माल आने पर भाव कम हो जाते हैं।
इस बार अफगानिस्तान से माल की आवक काफी अच्छी है। ईरान से पहले से आया माल भी व्यापारियों के पास मौजूद है। इसलिए बाजार में पर्याप्त स्टॉक होने के कारण कई किस्मों के भाव नीचे आए हैं। जिससे खरीदारों को फायदा मिल रहा है।
-प्रेम पोद्दार, हींग कारोबारी।
कुछ माह पहले जिन किस्मों की मांग अधिक थी, उनके भाव अब काफी कम हो गए हैं। गुणवत्ता वाली हींग की मांग अभी भी बनी हुई है, लेकिन सामान्य हींग की कीमतों पर दबाव है। आवक और बढ़ी तो भाव और कम हो सकते हैं।
-जीवन अग्रवाल, हींग कारोबारी।