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Hathras News: जन्मदिन से दो दिन पहले परिवार को छोड़ गई अनुष्का
Thu, 03 Sep 2026 02:19 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 03 Sep 2026 02:19 AM IST
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जिला अस्पताल में अनुष्का के पिता काे संभालते लोग। संवाद
- फोटो : Samvad
मैक्स से कुचलकर मृत अनुष्का के पिता संजय ने रोते हुए बताया कि दो दिन बाद चार सितंबर को उनकी बेटी का जन्मदिन था। यह उसका नौवां जन्मदिन था। अनुष्का के साथ-साथ छोटे भाई-बहन भी उसका जन्मदिन मनाने के लिए उत्साहित थे। बेटी ने उनसे तरह-तरह की फरमाइश की थी, लेकिन उससे पहले ही अनुष्का सभी को छोड़कर चली गई।
संजय बिलखते हुए केवल यही दोहरा रहे थे कि काश वह आज ड्यूटी पर न जाते और रोजाना की तरह खुद ही बच्चों को लेने स्कूल जाते तो शायद यह हादसा नहीं होता। दरअसल संजय ही अपने ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल छोड़ते थे और लेकर आते थे। बुधवार दोपहर में ड्यूटी होने के कारण वह नहीं आ सके और बड़े भाई के बच्चों से टेंपो में आने के लिए कह दिया था।
पुलिस व साथ आए ग्रामीणों ने संजय को संभाला और ढाढ़स बंधाया। संजय ने रोते हुए कहा कि उनकी बेटी उम्र में छोटी जरूर थी, लेकिन बहुत होनहार थी। अपने छोटे भाई-बहनों का बहुत ख्याल रखती थी। उन्हीं के सामने उसने दम तोड़ा। दोनों बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। वे समझ नहीं पा रहे कि अब बहन कभी लौटकर नहीं आएगी।
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कंधे व सीने की हड्डियां टूटीं, सड़क खून से लाल
स्कूल की बाहर हुए हादसा वीभत्स था। गाड़ी के दोनों पहिये बच्ची के ऊपर से उतर गए। उस समय आठ साल की अनुष्का नीचे बैठकर फीता बांध रही थी। उसकी चीख तक नहीं निकल सकी। सड़क बच्ची के खून से सन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्ची बुरी तरह कुचल गई थी। इमरजेंसी में चिकित्सकों ने बताया कि बच्ची की कंधे व सीने की हड्डियां चकनाचूर हो गईं। देखने में लग रहा था कि एक हड्डी गर्दन से चेहरे को चीरते हुए सिर में घुस गई है। शॉक एंड हेमरेज के कारण उसकी मौत हो गई।
बुधवार को ही मिले थे आई-कार्ड
हादसे की जानकारी पर स्कूल का स्टाफ भी जिला अस्पताल पहुंच गया। हादसे से दुखी शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने बुधवार को ही बच्चों को आई कार्ड बांटे थे। अपना आई-कार्ड पाकर बच्ची काफी खुश थी। वह होनहार थी और कक्षा में गंभीर बच्चों में उसकी गिनती होती थी। उन्हें नहीं पता था कि वे बच्ची को आखिरी बार देख रही हैं। बच्ची के जाने से स्टाफ भी दुखी नजर आया।
स्कूलों के बाहर बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
शहर के आगरा-अलीगढ़ रोड पर सीबीएसई व यूपी बोर्ड से संबद्ध करीब 10 स्कूल हैं। छुट्टी के समय जब स्कूली वाहन व बच्चे बाहर निकलते हैं तो इस मार्ग पर जाम लग जाता है। स्कूलों की ओर से सुरक्षा गार्ड लगाए जाते हैं, लेकिन चलते ट्रैफिक के आगे ये इंतजाम फेल साबित होते हैं। निकलने की जल्दी में वाहन यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं। सबसे अधिक खराब स्थिति कोतवाली हाथरस गेट व तहसील सदर के सामने रहती हैं। यहां मासूम बच्चे रोजाना खतरों का सामना करते हैं।
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संजय बिलखते हुए केवल यही दोहरा रहे थे कि काश वह आज ड्यूटी पर न जाते और रोजाना की तरह खुद ही बच्चों को लेने स्कूल जाते तो शायद यह हादसा नहीं होता। दरअसल संजय ही अपने ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल छोड़ते थे और लेकर आते थे। बुधवार दोपहर में ड्यूटी होने के कारण वह नहीं आ सके और बड़े भाई के बच्चों से टेंपो में आने के लिए कह दिया था।
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पुलिस व साथ आए ग्रामीणों ने संजय को संभाला और ढाढ़स बंधाया। संजय ने रोते हुए कहा कि उनकी बेटी उम्र में छोटी जरूर थी, लेकिन बहुत होनहार थी। अपने छोटे भाई-बहनों का बहुत ख्याल रखती थी। उन्हीं के सामने उसने दम तोड़ा। दोनों बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। वे समझ नहीं पा रहे कि अब बहन कभी लौटकर नहीं आएगी।
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कंधे व सीने की हड्डियां टूटीं, सड़क खून से लाल
स्कूल की बाहर हुए हादसा वीभत्स था। गाड़ी के दोनों पहिये बच्ची के ऊपर से उतर गए। उस समय आठ साल की अनुष्का नीचे बैठकर फीता बांध रही थी। उसकी चीख तक नहीं निकल सकी। सड़क बच्ची के खून से सन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्ची बुरी तरह कुचल गई थी। इमरजेंसी में चिकित्सकों ने बताया कि बच्ची की कंधे व सीने की हड्डियां चकनाचूर हो गईं। देखने में लग रहा था कि एक हड्डी गर्दन से चेहरे को चीरते हुए सिर में घुस गई है। शॉक एंड हेमरेज के कारण उसकी मौत हो गई।
बुधवार को ही मिले थे आई-कार्ड
हादसे की जानकारी पर स्कूल का स्टाफ भी जिला अस्पताल पहुंच गया। हादसे से दुखी शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने बुधवार को ही बच्चों को आई कार्ड बांटे थे। अपना आई-कार्ड पाकर बच्ची काफी खुश थी। वह होनहार थी और कक्षा में गंभीर बच्चों में उसकी गिनती होती थी। उन्हें नहीं पता था कि वे बच्ची को आखिरी बार देख रही हैं। बच्ची के जाने से स्टाफ भी दुखी नजर आया।
स्कूलों के बाहर बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
शहर के आगरा-अलीगढ़ रोड पर सीबीएसई व यूपी बोर्ड से संबद्ध करीब 10 स्कूल हैं। छुट्टी के समय जब स्कूली वाहन व बच्चे बाहर निकलते हैं तो इस मार्ग पर जाम लग जाता है। स्कूलों की ओर से सुरक्षा गार्ड लगाए जाते हैं, लेकिन चलते ट्रैफिक के आगे ये इंतजाम फेल साबित होते हैं। निकलने की जल्दी में वाहन यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं। सबसे अधिक खराब स्थिति कोतवाली हाथरस गेट व तहसील सदर के सामने रहती हैं। यहां मासूम बच्चे रोजाना खतरों का सामना करते हैं।