फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   All eyes are on the next step of raamaveer

रामवीर के अगले कदम पर सबकी निगाहें

Tue, 12 Mar 2019 12:16 AM IST
Mohd Rafeek न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस Published by: Mohd Rafeek Updated Tue, 12 Mar 2019 12:16 AM IST
विज्ञापन
All eyes are on the next step of raamaveer
सीमा उपाध्याय। - फोटो : अमर उजाला
हाथरस। आगरा के फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र से बसपा उम्मीदवार सीमा उपाध्याय द्वारा चुनाव लड़ने से मना करने पर पूरे दिन यहां भी सियासी चर्चाएं रहीं। लोग इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाते रहे, लेकिन रामवीर उपाध्याय ने स्पष्ट कर दिया कि फतेहपुर सीकरी से सीमा नहीं लडे़ंगी। उनके भाजपा में शामिल होने और अलीगढ़ से दावेदारी करने की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लेकिन पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने इस सारी खबरों को खारिज कर महज अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि इस बार उन्होंने यह फैसला लिया है कि चुनाव लड़ेंगे नहीं, बल्कि गठबंधन के प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाएंगे। वैसे बसपा सुप्रीमो बहन मायावती का आदेश उनके लिए सर्वोपरि है। वह फिर भी जहां से चाहेंगी, वहां से वह चुनाव लड़ेंगे।
विज्ञापन


उल्लेखीय है कि बसपा के कद्दावर नेता और पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय हाथरस के सादाबाद विस क्षेत्र से विधायक हैं। उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय ने राजनीति तो हाथरस से जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में शुरू की थी, लेकिन वर्ष 2009 में बसपा ने उन्हें आगरा की फतेहपुर सीकरी संसदीय सीट से चुनाव लड़ाया और राजबब्बर को हराकर वह वहां से सांसद बनी। पिछला वर्ष 2014 का चुनाव भी वह वहीं से लड़ी, लेकिन हार गई। इस बार बसपा ने उन्हें फतेहपुर सीकरी से ही टिकट दिया था और उनके प्रत्याशी घोषित होने की घोषणा भी कर दी गई थी, लेकिन सोमवार को सोशल मीडिया पर यह खबर आई कि फतेहपुर सीकरी से सीमा उपाध्याय ने बसपा से चुनाव लड़ने से मना कर दिया है।
विज्ञापन


इसे लेकर पूरे दिन सोशल मीडिया पर खबरें चलीं। सोशल मीडिया पर यह खबरें भी चली कि रामवीर उपाध्याय व सीमा उपाध्याय भाजपा में शामिल हो सकते हैं और अलीगढ़ क्षेत्र से दावेदारी कर रहे हैं। इस बारे में जब पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय से पूछा गया तो उनका कहना था कि वह बसपा के कर्मठ सिपाही हैं। वह पहली बार वर्ष 1996 में जरूर बहन मायावती के पास टिकट मांगने के लिए गए थे। उसके बाद तो बहन जी ने जहां से उन्हें टिकट दे दिया। वहां से वह चुनाव लड़े, जहां से बहन जी ने आदेश दे दिया, वहीं से वह और उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय चुनाव लड़ीं। मुकुल भी एमएलसी, एएमलए और राज्य मंत्री बहन जी की वजह से ही बने। बसपा को छोड़कर किसी दल में जाने का सवाल ही नहीं उठता। फतेहपुर सीकरी से चुनाव लड़ने से इंकार करने से सवाल पर उन्होंने कहा कि इस समय उनका स्वास्थ्य थोड़ा खराब चल रहा है। गले में परेशानी है। यह बात बहन जी को बताई थी। इस मजबूरी के चलते सीमा उपाध्याय ने फतेहपुर सीकरी से चुनाव लड़ने से मना किया है। रामवीर उपाध्याय ने कहा कि फिर भी बहन जी का आदेश सर्वोपरि है। यदि बहन जी फिर कहेंगी कि चुनाव लड़ना है तो वह और सीमा उपाध्याय इंकार नहीं कर सकते। बसपा को छोड़कर किसी दल में शामिल होने का सवाल ही नहीं है। बहन जी जहां से कहेंगी, वहां से चुनाव लड़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed