संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिला कर अधिवक्ता एसोसिएशन द्वारा जीएसटी की समस्याओं पर यूपी टैक्स बार एसोसिएशन के आह्वान पर डिप्टी कमिश्नर एससी दीक्षित को ज्ञापन सौंपा गया। अधिवक्ताओं ने कार्य से विरत रहते हुए धरना-प्रदर्शन किया।
अधिवक्ताओं ने सौंपे ज्ञापन में कहा कि जीएसटी पोर्टल की क्षमता पंजीकृत व्यापारियों करदाताओं की संख्या को देखते हुए काफी कम है। अंतिम तिथि तीन चार दिन पहले से ही सामान्य रूप से धीमा हो जाता है। कार्य करना बंद कर देता है। जिससे व्यापारी को लेट फीस जमा करनी पड़ती है। जीएसटी की धारा 35 ए में ऑडिट करने का अधिकार सिर्फ सीए एवं कॉस्ट एकाउंटेंट को ही है। टैक्स प्रैक्टिशनर्स व कर अधिवक्ता जो इस क्षेत्र से कई वर्षों से से काम कर रहे हैं और अनुभवी हैं। इन्हें भी ऑडिट के लिए अधिकार मिलना चाहिए। प्रारूप जीएसटीआर नाइस सी समाप्त कर दिया जाए। इस मौके पर बार के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश वार्ष्णेय, सचिव विनोद कुमार अग्रवाल एड. दुर्गेश चतुर्वेदी, गिरीश शर्मा, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, प्रदीप कुमार अग्रवाल, अलका अग्रवाल, अतुल जैन, प्रवीण बंसल, राजीव राज ग्रोवर, बृज बिहारी गुप्ता, भुवनेश वार्ष्णेय, संजीव शर्मा, जितिन अग्रवाल, आकाश ठाकुर थे।