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Hathras News: फसलों में बकानी, झंडा, फुट रोग को जारी की एडवायजरी
Mon, 11 Aug 2025 11:59 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 11 Aug 2025 11:59 PM IST
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी निखिल देव तिवारी ने धान की फसल के बकानी, झंडा और फुट रोगों से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है।
उन्होंने बताया कि जिले में धान की फसल में इन रोगों के लक्षण कहीं-कहीं पर दिखाई दे रहे हैं। बकानी रोग बासमती धान के पौधे में जिब्रैला फुजिकोराई (फ्यूजेरियम मोनिलिफोरमी) नामक फंगस से फैलता है। बाद में जड़ें सड़ जाती हैं। रोग का मुख्य कारण रोगग्रस्त बीज है, जो इस रोग को नये क्षेत्रों में भी फैला देता है।
इस रोग के कवक मुख्य रूप से बीज और मिट्टी के माध्यम से फैलते हैं और यह रोग नर्सरी और रोपित पौधों में होता है। इस फफूंद के बीजाणु बीजों के अंकुरण के समय पौधे की जड़ या तनों के जमीन के पास वाले भाग से आक्रमण करते हैं। इस रोग से प्रभावित धान के पौधों की वृद्धि सामान्य से अधिक हो जाती है। खेत में रोग से प्रभावित पौधे दूर से देखने पर अलग ही दिखाई देते हैं। बाद में जड़ें सड़ जाती हैं। रोग के नियंत्रण के लिए रोगमुक्त और स्वस्थ बीज का प्रयोग करना चाहिए। रसायन घोल का मानक के अनुरूप प्रयोग करना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि जिले में धान की फसल में इन रोगों के लक्षण कहीं-कहीं पर दिखाई दे रहे हैं। बकानी रोग बासमती धान के पौधे में जिब्रैला फुजिकोराई (फ्यूजेरियम मोनिलिफोरमी) नामक फंगस से फैलता है। बाद में जड़ें सड़ जाती हैं। रोग का मुख्य कारण रोगग्रस्त बीज है, जो इस रोग को नये क्षेत्रों में भी फैला देता है।
इस रोग के कवक मुख्य रूप से बीज और मिट्टी के माध्यम से फैलते हैं और यह रोग नर्सरी और रोपित पौधों में होता है। इस फफूंद के बीजाणु बीजों के अंकुरण के समय पौधे की जड़ या तनों के जमीन के पास वाले भाग से आक्रमण करते हैं। इस रोग से प्रभावित धान के पौधों की वृद्धि सामान्य से अधिक हो जाती है। खेत में रोग से प्रभावित पौधे दूर से देखने पर अलग ही दिखाई देते हैं। बाद में जड़ें सड़ जाती हैं। रोग के नियंत्रण के लिए रोगमुक्त और स्वस्थ बीज का प्रयोग करना चाहिए। रसायन घोल का मानक के अनुरूप प्रयोग करना चाहिए।
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