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151 साल बाद आधी आबादी को मौका
Hathras
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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सादाबाद। नगर पंचायत सादाबाद की स्थापना अंग्रेजी हुकूमत के दौरान 17 जनवरी, 1859 को हुई थी, लेकिन 151 बरसों के लंबे अंतराल के बाद सादाबाद नगर पंचायत की अध्यक्ष पद के लिए आधी आबादी को मौका मिला है। सामान्य महिला पद के आरक्षित होने से कइयों के समीकरण भी बिगड़ गए हैं। तमाम लोग तो अपनी घरवालियों को लड़ाने की तैयारियों में भी जुट गए हैं। 151 साल के इतिहास में पुरुष ही सादाबाद नगर पंचायत के अध्यक्ष चुने गए हैं। मगर पहली बार शासन की नई आरक्षण सूची में नगर पंचायत का अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित किया गया है। आने वाले चुनावों के बाद पहली बार इस नगर पंचायत पर कोई महिला अध्यक्ष पद की कुर्सी संभालेगी। सादाबाद नगर की आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार करीब 42,500 है, वहीं 17 वार्ड वाली इस नगर पंचायत में मतदाताओं की संख्या भी करीब 29 हजार है। इधर, नगर पंचायत सादाबाद नगर पालिका के सभी मानकों को पूरा करती है। पिछले पांच बरसों से नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा दिए जाने की पत्रावली शासन के पास लंबित पड़ी है, जबकि सादाबाद नगर पंचायत के बराबर की नगर पंचायत एत्मादपुर, अछनेरा आदि को काफी पहले ही नगर पालिका का दर्जा मिल चुका है। सादाबाद क्षेत्र से चुने गए कई विधायकों ने चुनाव के दौरान सादाबाद को नगर पालिका का दर्जा दिलाने के वायदे किए थे, लेकिन आज तक किसी विधायक ने सादाबाद को नगर पालिका का दर्जा दिलाने के लिए शासन में पैरवी नहीं की। हालांकि वर्तमान विधायक ने अपने चुनावी वायदे में सादाबाद को नगर पालिका का दर्जा दिलाए जाने की बात लोगों से की थी और अब प्रदेश में उन्हीं के दल की सरकार भी है। नगर की जनता अब यह देखना चाहती है कि वर्तमान विधायक चुनाव के दौरान किए गए अपने वायदे पर कितने खरे उतरते हैं।
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