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आस्था और उल्लास से मनाया गया हरियाली तीज का पर्व
Hathras
Updated Thu, 31 Jul 2014 05:30 AM IST
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हाथरस। जिले में हरियाली तीज का त्योहार आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। बुधवार को सोलह शृंगार कर नवविवाहिताओं ने भगवान शिव और मां गौरी का पूजन कर पति की दीर्घायु की कामना की। इस दौरान घर-घर में पकवान बनाए गए।
हरियाली तीज को लेकर सुबह से ही घरों में तैयारियों का दौर जारी हो गया। सुहागिन महिलाओं ने सोलह शृंगार किए। हरे रंग के परिधानों और चूड़ियां पहनकर मिट्टी से गौर बनाईं और फिर पूरे मनोयोग से माता गौरी और देवाधिदेव महादेव का पूजन हल्दी और चावल आदि सामग्री से किया। इस दौरान महिलाओं ने पूड़ी और पुआ का भोग भी मातारानी को लगाया। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धानुसार 7, 11 और 21 पूड़ियां मंसी गईं। शाम को गौरी माता को झूला भी झुलाया गया। सुहागिनों ने अपने पति की दीर्घायु की कामना की। पर्व पर शाम को घरों में गीत और मल्हारें भी गाई गईं।महिलाओं ने नाचते झूमते हुए मल्हार और सावन के गीत गाए। इस मौके पर झूला झूलने की परंपरा को भी निभाया गया। घर-घर में पकवान बनाए गए।
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हरियाली तीज को लेकर सुबह से ही घरों में तैयारियों का दौर जारी हो गया। सुहागिन महिलाओं ने सोलह शृंगार किए। हरे रंग के परिधानों और चूड़ियां पहनकर मिट्टी से गौर बनाईं और फिर पूरे मनोयोग से माता गौरी और देवाधिदेव महादेव का पूजन हल्दी और चावल आदि सामग्री से किया। इस दौरान महिलाओं ने पूड़ी और पुआ का भोग भी मातारानी को लगाया। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धानुसार 7, 11 और 21 पूड़ियां मंसी गईं। शाम को गौरी माता को झूला भी झुलाया गया। सुहागिनों ने अपने पति की दीर्घायु की कामना की। पर्व पर शाम को घरों में गीत और मल्हारें भी गाई गईं।महिलाओं ने नाचते झूमते हुए मल्हार और सावन के गीत गाए। इस मौके पर झूला झूलने की परंपरा को भी निभाया गया। घर-घर में पकवान बनाए गए।
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