फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   अंबेडकर प्रतिमा को फिर किया क्षतिग्रस्त

अंबेडकर प्रतिमा को फिर किया क्षतिग्रस्त

Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
Hathras
Hathras Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
सिकंदराराऊ। कस्बा पुरदिलनगर में शनिवार की रात जलेसर मार्ग तिराहा पर स्थापित अंबेडकर प्रतिमा की उंगली तीसरी बार किसी ने तोड़ दी। रविवार सुबह घटना का पता लगते ही अंबेडकर अनुयायियों में रोष व्याप्त हो गया। हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। साथ ही कई घंटे की मेहनत के बाद मामले को भी निपटा लिया गया। अब प्रतिमा के लिए कस्बा निवासी आधा दर्जन लोगों ने अपनी भूमि देना स्वीकार कर लिया। बता दें कि पुरदिलनगर में जलेसर मार्ग तिराहा पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा है। कुछ असामाजिक तत्वों ने तीसरी बार इस प्रतिमा की उंगली क्षतिग्रस्त कर दी। पहली बार उंगली क्षतिग्रस्त होने के बाद इसे सीमेंट लगाकर ठीक कर दिया गया था। दूसरी बार जब उंगली को क्षतिग्रस्त किया गया तो उस समय भी उंगली को सीमेंट लगाकर ठीक कराया गया था। हालांकि प्रशासन ने नई प्रतिमा लगवाने की पेशकश की थी, लेकिन अंबेडकर अनुयायियों का कहना था कि नई प्रतिमा के साथ भी छेड़छाड़ की जा सकती है, इसलिए जब तक अंबेडकर पार्क नहीं बनेगा तथा स्थल का सौंदर्यीकरण नहीं होगा तब तक प्रतिमा सुरक्षित नहीं होगी। शनिवार की रात फिर किसी ने प्रतिमा की वही क्षतिग्रस्त उंगली क्षतिग्रस्त कर दी। रविवार सुबह जब कस्बे के लोगों ने प्रतिमा की उंगली टूटी हुई देखी तो अंबेडकर अनुयायियों में रोष व्याप्त हो गया। गुस्साए अनुयायियों ने जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही एसडीएम शिवदयाल, सीओ विजेंद्र सिंह, कोतवाल एनके यादव पीएसी और पुलिस के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए। इस दौरान बसपा के हाथरस कोऑर्डिनेटर मनोज सोनी, चेयरमैन हर्षकांत कुशवाहा भी पहुंच गए। एसडीएम के मुताबिक, वास्तविकता में जगह कस्बा निवासी जाखेटिया परिवार की है। पहले फैसला हुआ था कि जाखेटिया परिवार कुछ रास्ते के लिए भूमि छोड़कर बाकी की जमीन को अंबेडकर प्रतिमा स्थापित करने के लिए दे देगा, लेकिन कुछ हो पाता उससे पहले ही जमीन का मामला सिविल कोर्ट में चला गया। रविवार की सुबह एक बार फिर जाखेटिया परिवार के सभी लोगों को घटना स्थल पर बुलाकर वार्ता शुरू हुई। फैसला लिया गया कि रास्ते की भूमि को छोड़कर बाकी की भूमि अंबेडकर प्रतिमा के लिए दे दी जाए। फैसला लिखा-पढ़ी में होने बाद अंबेडकर अनुयायियों ने दीवार भी लगा दी। इस प्रकार कई वर्षों से चला आ रहा प्रकरण समाप्त हो गया।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed