{"_id":"5c3a3c97bdec2273673656d5","slug":"41547320471-hathras-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"156 उद्योगों को किया गया सफेद श्रेणी में शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
156 उद्योगों को किया गया सफेद श्रेणी में शामिल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ द्वारा 156 उद्योगों को सफेद श्रेणी उद्योग की श्रेणी में घोषित किया गया है। यह जानकारी हाथरस औद्योगिक आस्थान सहकारी समिति लिमिटेड के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मोहता और प्रदीप गोयल ने संयुक्त रुप से दी है।
उन्होंने कहा है कि इनमें वह उद्योग हैं, जिन्हें अभी तक सहमति लेने की आवश्यकता थी, लेकिन अब उद्योगों को ऑनलाइन आवेदन कर देना ही पर्याप्त होगा। उन्होंने बताया कि इस श्रेणी में सीमेंट, हेयर ऑयल, दूध पाउडर, शेंपू, नेल पॉलिस, मोटर और पंप निर्माण, छोटे रेस्तरां, लकड़ी या कोरुगेटेड बॉक्स निर्माण, गुटखा पैकिंग, शहद, विद्युत एक्सकू्रडर द्वारा प्लास्टिक निर्माण, वाशिंग पाउडर, प्लास्टिक शीशी कैंपा और पॉलिस्टर आदि को शामिल किया गया है।
ऑनलाइन आवेदन के आधार पर बिजली कनेक्शन स्वीकृत किया जा सकेगा। इसी प्रकार ऑरेंज एवं रेड श्रेणी के कुछ उद्योगों को ग्रीन श्रेणी में शामिल किया गया है। ऐसे उद्योग सहमति लेकर उद्योग संचालित किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाथरस। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ द्वारा 156 उद्योगों को सफेद श्रेणी उद्योग की श्रेणी में घोषित किया गया है। यह जानकारी हाथरस औद्योगिक आस्थान सहकारी समिति लिमिटेड के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मोहता और प्रदीप गोयल ने संयुक्त रुप से दी है।
उन्होंने कहा है कि इनमें वह उद्योग हैं, जिन्हें अभी तक सहमति लेने की आवश्यकता थी, लेकिन अब उद्योगों को ऑनलाइन आवेदन कर देना ही पर्याप्त होगा। उन्होंने बताया कि इस श्रेणी में सीमेंट, हेयर ऑयल, दूध पाउडर, शेंपू, नेल पॉलिस, मोटर और पंप निर्माण, छोटे रेस्तरां, लकड़ी या कोरुगेटेड बॉक्स निर्माण, गुटखा पैकिंग, शहद, विद्युत एक्सकू्रडर द्वारा प्लास्टिक निर्माण, वाशिंग पाउडर, प्लास्टिक शीशी कैंपा और पॉलिस्टर आदि को शामिल किया गया है।
विज्ञापन
ऑनलाइन आवेदन के आधार पर बिजली कनेक्शन स्वीकृत किया जा सकेगा। इसी प्रकार ऑरेंज एवं रेड श्रेणी के कुछ उद्योगों को ग्रीन श्रेणी में शामिल किया गया है। ऐसे उद्योग सहमति लेकर उद्योग संचालित किए जा सकते हैं।
विज्ञापन