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दंगल के लिए नहीं पहुंचा कोई आवेदन, प्रशासन हैरान
Updated Tue, 21 Aug 2018 12:33 AM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। मेला श्री दाऊजी महाराज के आयोजन के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम रेखा एस चौहान की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में कार्यक्रमों का आयोजन कराने के इच्छुक लोगों, राजनीतिक और समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने मेले के आयोजन के लिए अपनी राय दी। अभी तक मेले के मुख्य आकर्षण दंगल के लिए किसी भी आवदेक ने अपना आवेदन नहीं दिया था, जिसे लेकर बैठक के दौरान काफी चर्चाओं का दौर रहा। हालांकि मेले की शुरुआत दंगल से ही होती है। दाऊ बाबा मल्ल विद्या के लिए जाने जाते हैं। अब प्रशासन को दंगल के लिए आवेदन का इंतजार बना हुआ है।
बैठक में एडीएम ने प्रशासन की ओर से तैयार मेले के कार्यक्रमों की तारीख वार जानकारी दी। समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने मेले में कुछ कार्यक्रमों की तिथियों में फेरबदल को लेकर अपने सुझाव दिए। मेले में कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिए इच्छुक लोगों से निर्धारित प्रारूप पर आवदेन लिए गए। एडीएम ने बताया कि जो भी व्यक्ति कार्यक्रम करना चाहता है, वह संयोजक के लिए 23 अगस्त शाम पांच बजे तक अपना आवेदन कलेक्ट्रेट में जमा कर सकता है। 25 अगस्त को मेला संयोजकों की सूची फाइनल कर दी जाएगी। प्राथमिकता के आधार पर ही कार्यक्रम दिए जाएंगे।
इस अवसर पर कार्यक्रमों के समन्वयकों के नाम भी बताए गए। बैठक में शामिल हुए लोगों ने कहा कि मेला परिसर में पेयजल आपूर्ति के लिए आरओ, टिनशेड, मंदिर परिसर की मरम्मत कराई जाए। एडीएम ने आने सभी विचारों पर जल्द कमेटी बनाकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। एडीएम ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति नए स्तर से कार्यक्रम कराने का प्रस्ताव देता है तो उस पर भी विचार किया जाएगा।
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बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष आशीष शर्मा, पीडी चंद्रशेखर शुक्ला, डीपीओ मंजू श्रीवास्तव, डीआईओएस सुनील कुमार, जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार, डीपीआरओ शहनाज अंसारी, बीके भावना बहन, बीके शांता बहन, बीके दिनेश सिंह, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मी और अन्य विभागीय अधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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राजा दयाराम की लगे प्रदर्शनी
वक्ताओं ने कहा कि मेला श्री दाऊजी महाराज का आयोजन राजा दयाराम के किला परिसर में होता है। राजा दयाराम के जीवन शैली के बारे आम लोगों को भी जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन को मेला परिसर के एक शिविर में राजा दयाराम के जीवन शैली और उनके देश हित में दिए योगदान के बारे में एक चित्र प्रदर्शनी लगानी चाहिए। एक भव्य मूर्ति राजा दयाराम की मेला परिसर में लगवाई जानी चाहिए।
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अपराधिक छवि के व्यक्ति को नहीं मिले कार्यक्रम
बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मेला संयोजक बनाने से पहले सभी आवेदकों की खुफिया तंत्र से जांच करा ली जाए। आवेदक का जिले के थानों से रिकॉर्ड मंगा लिया जाए। उन्होंने कहा कि अपराधी किस्म के किसी भी व्यक्ति को मेला कार्यक्रम की जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाए। एडीएम ने कहा हमारे द्वारा सभी आवेदकों का पुलिस वेरीफिकेशन कराया जाएगा। उसके बाद ही मेला संयोजकों की घोषणा की जाएगी।
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दिव्यांगों को सुविधा के लिए कार्ययोजना
मेला श्रीदाऊजी महाराज परिसर में मंदिर पर दर्शन करने आने वाले दिव्यांगों के लिए जिला प्रशासन इस बार ट्राई साइकिल रखने की व्यवस्था बना रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन मेला परिसर में वालिंटियर, जो दिव्यांगों को मंदिर तक ले जाकर दर्शन कराएंगे और मेला परिसर भी घुमा सकेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन कार्य योजना तैयार कर रहा है, ताकि मेला परिसर में आने वाले दिव्यांगों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो सके।
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लोकसभा में उठे मुद्दे पर भी हुई चर्चा
आशुकवि अनिल बौहरे ने सांसद राजेश दिवाकर द्वारा लोकसभा में दाऊजी मेला, साहित्यिक, सांस्कृतिक गतिविधियों के विकास, कलाकारों के सरंक्षण के मुद्दे पर उठाए जाने पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस तरह का प्रस्ताव प्रशासन की ओर से शासन को जाना चाहिए। उन्होंने तो यह तक कह दिया किया मेला प्राधिकरण में मेला श्रीदाऊजी महाराज अभी तक रजिस्टर्ड नहीं है।
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हाथरस। मेला श्री दाऊजी महाराज के आयोजन के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम रेखा एस चौहान की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में कार्यक्रमों का आयोजन कराने के इच्छुक लोगों, राजनीतिक और समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने मेले के आयोजन के लिए अपनी राय दी। अभी तक मेले के मुख्य आकर्षण दंगल के लिए किसी भी आवदेक ने अपना आवेदन नहीं दिया था, जिसे लेकर बैठक के दौरान काफी चर्चाओं का दौर रहा। हालांकि मेले की शुरुआत दंगल से ही होती है। दाऊ बाबा मल्ल विद्या के लिए जाने जाते हैं। अब प्रशासन को दंगल के लिए आवेदन का इंतजार बना हुआ है।
बैठक में एडीएम ने प्रशासन की ओर से तैयार मेले के कार्यक्रमों की तारीख वार जानकारी दी। समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने मेले में कुछ कार्यक्रमों की तिथियों में फेरबदल को लेकर अपने सुझाव दिए। मेले में कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिए इच्छुक लोगों से निर्धारित प्रारूप पर आवदेन लिए गए। एडीएम ने बताया कि जो भी व्यक्ति कार्यक्रम करना चाहता है, वह संयोजक के लिए 23 अगस्त शाम पांच बजे तक अपना आवेदन कलेक्ट्रेट में जमा कर सकता है। 25 अगस्त को मेला संयोजकों की सूची फाइनल कर दी जाएगी। प्राथमिकता के आधार पर ही कार्यक्रम दिए जाएंगे।
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इस अवसर पर कार्यक्रमों के समन्वयकों के नाम भी बताए गए। बैठक में शामिल हुए लोगों ने कहा कि मेला परिसर में पेयजल आपूर्ति के लिए आरओ, टिनशेड, मंदिर परिसर की मरम्मत कराई जाए। एडीएम ने आने सभी विचारों पर जल्द कमेटी बनाकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। एडीएम ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति नए स्तर से कार्यक्रम कराने का प्रस्ताव देता है तो उस पर भी विचार किया जाएगा।
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बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष आशीष शर्मा, पीडी चंद्रशेखर शुक्ला, डीपीओ मंजू श्रीवास्तव, डीआईओएस सुनील कुमार, जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार, डीपीआरओ शहनाज अंसारी, बीके भावना बहन, बीके शांता बहन, बीके दिनेश सिंह, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मी और अन्य विभागीय अधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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राजा दयाराम की लगे प्रदर्शनी
वक्ताओं ने कहा कि मेला श्री दाऊजी महाराज का आयोजन राजा दयाराम के किला परिसर में होता है। राजा दयाराम के जीवन शैली के बारे आम लोगों को भी जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन को मेला परिसर के एक शिविर में राजा दयाराम के जीवन शैली और उनके देश हित में दिए योगदान के बारे में एक चित्र प्रदर्शनी लगानी चाहिए। एक भव्य मूर्ति राजा दयाराम की मेला परिसर में लगवाई जानी चाहिए।
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अपराधिक छवि के व्यक्ति को नहीं मिले कार्यक्रम
बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मेला संयोजक बनाने से पहले सभी आवेदकों की खुफिया तंत्र से जांच करा ली जाए। आवेदक का जिले के थानों से रिकॉर्ड मंगा लिया जाए। उन्होंने कहा कि अपराधी किस्म के किसी भी व्यक्ति को मेला कार्यक्रम की जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाए। एडीएम ने कहा हमारे द्वारा सभी आवेदकों का पुलिस वेरीफिकेशन कराया जाएगा। उसके बाद ही मेला संयोजकों की घोषणा की जाएगी।
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दिव्यांगों को सुविधा के लिए कार्ययोजना
मेला श्रीदाऊजी महाराज परिसर में मंदिर पर दर्शन करने आने वाले दिव्यांगों के लिए जिला प्रशासन इस बार ट्राई साइकिल रखने की व्यवस्था बना रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन मेला परिसर में वालिंटियर, जो दिव्यांगों को मंदिर तक ले जाकर दर्शन कराएंगे और मेला परिसर भी घुमा सकेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन कार्य योजना तैयार कर रहा है, ताकि मेला परिसर में आने वाले दिव्यांगों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो सके।
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लोकसभा में उठे मुद्दे पर भी हुई चर्चा
आशुकवि अनिल बौहरे ने सांसद राजेश दिवाकर द्वारा लोकसभा में दाऊजी मेला, साहित्यिक, सांस्कृतिक गतिविधियों के विकास, कलाकारों के सरंक्षण के मुद्दे पर उठाए जाने पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस तरह का प्रस्ताव प्रशासन की ओर से शासन को जाना चाहिए। उन्होंने तो यह तक कह दिया किया मेला प्राधिकरण में मेला श्रीदाऊजी महाराज अभी तक रजिस्टर्ड नहीं है।