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जनपद में बाहर से आए हैं 3727 लोग
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फोटो38 प्रेमरघु पैरामेंडिकल में बने क्वारंटीन सेन्टर में मौजूद लोग।
- फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
रोजी-रोटी कमाने को लेकर मुंबई, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा में गए 3727 लोगों की जिले में वापसी हुई है। इनमें से ज्यादातर की थर्मल स्क्रीनिंग हुई, मगर अब भी कुछ ऐसे ही जिनकी जांच नहीं हो सकी है। वह लोग ग्रामीणों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।
कोरोना महामारी से निपटने व बचाव को लेकर देश में 21 दिन के लिए लॉकडाउन की घोषणा की गई। लॉकडाउन होते ही जिले में महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा व अन्य प्रदेशों व बड़े जिलों से लोगों की आवक तेज हो गई। हालात यह रहे कि रात दिन लोग पैदल चलकर अपने घर पहुंचे। खास कर 25,26,27 और 28 मार्च को जिले में सबसे ज्यादा लोगों की आवक रही। अब तक जिले में 3727 लोग आ चुके हैं। इनमें से ज्यादातर लोग रोजी रोटी के लिए बाहर रहते हैं। जिले में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की ओर से इनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई है, लेकिन वहीं अभी तमाम ऐसे लोग हैं, जिनकी थर्मल स्क्रीनिंग नहीं हो सकी है। गांवों में बड़ी संख्या में बगैर जांच के पहुंचने वाले लोगों से ग्रामीण सहमे हुए हैं। हालांकि ग्रामीण इन लोगों के बारे में जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को कंट्रोल रूम पर लगातार सूचनाएं दे रहे हैं। वहीं ग्राम पंचायतों में पंचायती राज अधिकारी द्वारा ग्रामीणों के बाहर से आने की सूचना दिए जाने का जिम्मा ग्राम प्रधान व पंचायत सचिवों को दे दिया गया है, ताकि स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा सके और क्वारंटीन में रखा जा सके। डीपीआरओ बनवारी सिंह ने बताया कि बाहर से आने वालों के बारे में सूचनाएं मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को गांव वार आंकड़े दे दिए गए हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार
जिले में बाहरी जनपद व प्रदेश से आए लोग -- 3727
होम क्वारंटीन किए लोग -- 3424
शेल्टर होम में क्वारंटीन किए लोग-- 259
अस्पताल में मेडिकल क्वारंटीन लोग -- 25
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रोजी-रोटी कमाने को लेकर मुंबई, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा में गए 3727 लोगों की जिले में वापसी हुई है। इनमें से ज्यादातर की थर्मल स्क्रीनिंग हुई, मगर अब भी कुछ ऐसे ही जिनकी जांच नहीं हो सकी है। वह लोग ग्रामीणों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।
कोरोना महामारी से निपटने व बचाव को लेकर देश में 21 दिन के लिए लॉकडाउन की घोषणा की गई। लॉकडाउन होते ही जिले में महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा व अन्य प्रदेशों व बड़े जिलों से लोगों की आवक तेज हो गई। हालात यह रहे कि रात दिन लोग पैदल चलकर अपने घर पहुंचे। खास कर 25,26,27 और 28 मार्च को जिले में सबसे ज्यादा लोगों की आवक रही। अब तक जिले में 3727 लोग आ चुके हैं। इनमें से ज्यादातर लोग रोजी रोटी के लिए बाहर रहते हैं। जिले में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की ओर से इनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई है, लेकिन वहीं अभी तमाम ऐसे लोग हैं, जिनकी थर्मल स्क्रीनिंग नहीं हो सकी है। गांवों में बड़ी संख्या में बगैर जांच के पहुंचने वाले लोगों से ग्रामीण सहमे हुए हैं। हालांकि ग्रामीण इन लोगों के बारे में जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को कंट्रोल रूम पर लगातार सूचनाएं दे रहे हैं। वहीं ग्राम पंचायतों में पंचायती राज अधिकारी द्वारा ग्रामीणों के बाहर से आने की सूचना दिए जाने का जिम्मा ग्राम प्रधान व पंचायत सचिवों को दे दिया गया है, ताकि स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा सके और क्वारंटीन में रखा जा सके। डीपीआरओ बनवारी सिंह ने बताया कि बाहर से आने वालों के बारे में सूचनाएं मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को गांव वार आंकड़े दे दिए गए हैं।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार
जिले में बाहरी जनपद व प्रदेश से आए लोग -- 3727
होम क्वारंटीन किए लोग -- 3424
शेल्टर होम में क्वारंटीन किए लोग-- 259
अस्पताल में मेडिकल क्वारंटीन लोग -- 25