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सपा-बसपा गठबंधन में हाथरस संसदीय सीट से सपा लड़ेगी चुनाव
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मनोज माहेश्वरी
हाथरस। सपा-बसपा के गठबंधन के बाद हाथरस संसदीय सीट के सपा के खाते में जाना लगभग तय हो चुका है। इसकी औपचारिक घोषणा होना बाकी है। पिछले दिनों में जब हाथरस लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे मनोज सोनी का क्षेत्र बदलकर जब इस बार उन्हें बसपा ने आगरा सुरक्षित सीट से प्रभारी बनाया था। तभी यह माना जा रहा था कि यह सीट सपा के खाते में जाएगी।
हालांकि अभी इसकी घोषणा नहीं हुई है, लेकिन पूर्व ऊर्जा मंत्री और सादाबाद के विधायक रामवीर उपाध्याय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह सीट सपा के खाते में चली गई है। सपा ने हाल में ही आवारा पशुओं सहित कई मसलों में जिस तरह से प्रदर्शन आदि किए हैं, उससे भी यह स्पष्ट हो चुका है कि गठबंधन में यह सीट सपा के ही खाते में जा रही है। सपा से सबसे ज्यादा मजबूत दावेदार पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन हैं। वह पिछले लोकसभा चुनाव में भी इस सीट से चुनाव लड़े थे।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले बसपा और सपा के गठबंधन की बात सामने आई थी। अब शनिवार को सपा और बसपा ने इसका ऐलान भी कर दिया कि दोनों दल यूपी में मिलकर चु्नाव लड़ेंगे। उसके बाद सभी की टकटकी इस पर लग गई थी कि आखिर यह सीट किसके खाते में जाएगी। बसपा की ओर से यहां से सबसे ज्यादा प्रबल दावेदार मनोज सोनी को माना जा रहा था। मनोज सोनी बसपा से पिछला चुनाव लड़े थे और दूसरे नंबर पर आए थे, लेकिन एकाएक पिछले दिनों बसपा ने उन्हें आगरा लोकसभा क्षेत्र का प्रभारी घोषित कर दिया और मनोज सोेनी वहां से तैयारियों में जुट गए। बसपा में जो लोकसभा क्षेत्र प्रभारी होता है, उसे ही प्रत्याशी माना जाता है। तबसे यही माना जा रहा था कि अब यह सीट सपा के खाते में जाएगी।
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अब पूर्व ऊर्जा मंत्री, सादाबाद विधायक और बसपा के कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि वह हाथरस संसदीय सीट गठबंधन के चलते सपा के खाते में गई है। फोन पर हुई बातचीत में उपाध्याय ने बताया कि यह हाथरस सीट सपा के खाते में गई है और गठबंधन प्रत्याशी वहां से दमदारी से चुनाव लड़ेगा और जीतेगा। इधर, सपा के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन की सक्रियता से भी यह लगभग स्पष्ट हो गया है कि यह सीट सपा के ही खाते में जा रही है। हालांकि सुमन का कहना है कि सीट किसके खाते में जाएगी। इसकी विधिवत घोषणा पार्टी आलाकमान ही करेगी।
हाथरस। सपा-बसपा के गठबंधन के बाद हाथरस संसदीय सीट के सपा के खाते में जाना लगभग तय हो चुका है। इसकी औपचारिक घोषणा होना बाकी है। पिछले दिनों में जब हाथरस लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे मनोज सोनी का क्षेत्र बदलकर जब इस बार उन्हें बसपा ने आगरा सुरक्षित सीट से प्रभारी बनाया था। तभी यह माना जा रहा था कि यह सीट सपा के खाते में जाएगी।
हालांकि अभी इसकी घोषणा नहीं हुई है, लेकिन पूर्व ऊर्जा मंत्री और सादाबाद के विधायक रामवीर उपाध्याय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह सीट सपा के खाते में चली गई है। सपा ने हाल में ही आवारा पशुओं सहित कई मसलों में जिस तरह से प्रदर्शन आदि किए हैं, उससे भी यह स्पष्ट हो चुका है कि गठबंधन में यह सीट सपा के ही खाते में जा रही है। सपा से सबसे ज्यादा मजबूत दावेदार पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन हैं। वह पिछले लोकसभा चुनाव में भी इस सीट से चुनाव लड़े थे।
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उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले बसपा और सपा के गठबंधन की बात सामने आई थी। अब शनिवार को सपा और बसपा ने इसका ऐलान भी कर दिया कि दोनों दल यूपी में मिलकर चु्नाव लड़ेंगे। उसके बाद सभी की टकटकी इस पर लग गई थी कि आखिर यह सीट किसके खाते में जाएगी। बसपा की ओर से यहां से सबसे ज्यादा प्रबल दावेदार मनोज सोनी को माना जा रहा था। मनोज सोनी बसपा से पिछला चुनाव लड़े थे और दूसरे नंबर पर आए थे, लेकिन एकाएक पिछले दिनों बसपा ने उन्हें आगरा लोकसभा क्षेत्र का प्रभारी घोषित कर दिया और मनोज सोेनी वहां से तैयारियों में जुट गए। बसपा में जो लोकसभा क्षेत्र प्रभारी होता है, उसे ही प्रत्याशी माना जाता है। तबसे यही माना जा रहा था कि अब यह सीट सपा के खाते में जाएगी।
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अब पूर्व ऊर्जा मंत्री, सादाबाद विधायक और बसपा के कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि वह हाथरस संसदीय सीट गठबंधन के चलते सपा के खाते में गई है। फोन पर हुई बातचीत में उपाध्याय ने बताया कि यह हाथरस सीट सपा के खाते में गई है और गठबंधन प्रत्याशी वहां से दमदारी से चुनाव लड़ेगा और जीतेगा। इधर, सपा के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन की सक्रियता से भी यह लगभग स्पष्ट हो गया है कि यह सीट सपा के ही खाते में जा रही है। हालांकि सुमन का कहना है कि सीट किसके खाते में जाएगी। इसकी विधिवत घोषणा पार्टी आलाकमान ही करेगी।