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Hathras News: तंत्र विद्या से इलाज के बहाने दुष्कर्म करने वाले दोषी करार, 20 साल की सजा, अर्थदंड भी लगाया
Thu, 21 Dec 2023 09:36 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 21 Dec 2023 09:36 PM IST
सार
14 वर्षीय किशोरी बीमार रहती थी। उसका काफी उपचार कराया, कोई फायदा नहीं हुआ। उनका एक रिश्तेदार घर आया। किशोरी को देखकर बोला कि इस पर भूत-प्रेत का साया है, इसलिए बीमारी का इलाज कराने पर कुछ असर नहीं होगा। तंत्र-मंत्र से वह किशोरी को बीमारी से छुटकारा दिला देंगे। इसके बाद रिश्तेदार ने किशोरी का घर में एक कमरे में किवाड़ बंद करके एकांत में तंत्र विद्या से इलाज करना शुरू कर दिया।
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सजा
- फोटो : istock
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विस्तार
हाथरस के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चित्रा शर्मा के न्यायालय ने एक 14 वर्षीय किशोरी से तंत्र विद्या के नाम पर इलाज के बहाने दुष्कर्म करने के दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों दोषियों को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार हाथरस में थाना हसायन क्षेत्र के एक गांव के निवासी एक व्यक्ति ने छह अगस्त 2018 को थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में कहा था कि कि उसकी नाबालिग 14 वर्षीय पुत्री अक्सर बीमार रहती थी। उसका काफी उपचार कराया, फिर भी पुत्री को कोई फायदा नहीं हुआ। इस दौरान उनके रिश्तेदार रामप्रकाश घर आए। पुत्री को देखकर बोले कि इस पर भूत-प्रेत का साया है, इसलिए बीमारी का इलाज कराने पर कुछ असर नहीं होगा। वह तंत्र-मंत्र विद्या में काफी निपुण हैं। लिहाजा तंत्र-मंत्र से वह उनकी पुत्री को इस बीमारी से छुटकारा दिला देंगे। उन्होंने मैंने विश्वास में आकर रामप्रकाश से अपनी पुत्री का इलाज करने की स्वीकृति प्रदान कर दी।
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इसके बाद रामप्रकाश ने उनकी पुत्री का घर में एक कमरे में किवाड़ बंद करके एकांत में तंत्र विद्या से 28 अप्रैल 2018 से इलाज करना शुरू कर दिया। उसके बाद करीब ढाई महीने बाद राम प्रकाश उनकी पुत्री को अपने घर इलाज करने की कहकर अपने साथ अपने गांव ले गया। वहां से वह अपनी पुत्री को तीन अगस्त 2018 को उनके गांव जाकर अपने साथ अपने घर लेकर आए। पांच अगस्त 2018 को उनकी पुत्री का एकदम गर्भपात हुआ। तब उन्होंने और उनकी पत्नी ने पुत्री से जानकारी की तो उसने बताया कि राम प्रकाश व उनका पुत्र विनय कुमार मौका मिलने पर डरा-धमका कर यौन शोषण करते रहे हैं।
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उन्होंने ही उसे दवा देकर गर्भ गिरा दिया इस मामले में थाना हसायन में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चित्रा शर्मा के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी रामप्रकाश व विनय कुमार को दोषी करार देते हुए 20-20 साल कैद की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी केशव देव माहौर ने की।