{"_id":"5bf05789bdec2269ac7ef746","slug":"161542477705-hathras-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमृत योजना: घपले की जांच को आ सकती है विजिलेंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमृत योजना: घपले की जांच को आ सकती है विजिलेंस
Updated Sat, 17 Nov 2018 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। अमृत योजना में घपले के सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। अब विभागीय अधिकारी इस मामले के खुलने के बाद मामले का रफा-दफा करने में जुटे है। वहीं इस प्रकरण में सांसद राजेश कुमार दिवाकर द्वारा टीएसी और विजिलेंस जांच करने के लिए पत्र लिखने के बाद जल्द इस प्रकरण में कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो जल्द ही जिले में विजिलेंस टीम इस प्रकरण की जांच के लिए आ सकती है। अमृत योजना के तहत नगर पालिका क्षेत्र में लोगों के घरों तक पेयजल मुहैया कराने के लिए पाइप लाइन डाली गई है। वहीं इस पाइप लाइन को सुरक्षित तरीके से बिछाने के लिए मानक के अनुसार खुदाई की जानी थी, लेकिन यहां विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से मानकों को ताक पर रख दिया गया।
सूत्रों के अनुसार पेयजल सप्लाई के लिए डाली गई एचडीपी लाइन की गुणवत्ता भी मानकों पर खरी नहीं है। यहां तक कि इस पाइप लाइन को डालने के लिए की गई खुदाई में भी मनमानी की गई है। अब इस प्रकरण के सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। यहां तक कि विभागीय अधिकारियों ने मानक के अनुसार धनराशि निर्गत कर ली है। अब इस कारण कई अधिकारियों के कार्रवाई की जद में आने की आशंका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाथरस। अमृत योजना में घपले के सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। अब विभागीय अधिकारी इस मामले के खुलने के बाद मामले का रफा-दफा करने में जुटे है। वहीं इस प्रकरण में सांसद राजेश कुमार दिवाकर द्वारा टीएसी और विजिलेंस जांच करने के लिए पत्र लिखने के बाद जल्द इस प्रकरण में कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो जल्द ही जिले में विजिलेंस टीम इस प्रकरण की जांच के लिए आ सकती है। अमृत योजना के तहत नगर पालिका क्षेत्र में लोगों के घरों तक पेयजल मुहैया कराने के लिए पाइप लाइन डाली गई है। वहीं इस पाइप लाइन को सुरक्षित तरीके से बिछाने के लिए मानक के अनुसार खुदाई की जानी थी, लेकिन यहां विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से मानकों को ताक पर रख दिया गया।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार पेयजल सप्लाई के लिए डाली गई एचडीपी लाइन की गुणवत्ता भी मानकों पर खरी नहीं है। यहां तक कि इस पाइप लाइन को डालने के लिए की गई खुदाई में भी मनमानी की गई है। अब इस प्रकरण के सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। यहां तक कि विभागीय अधिकारियों ने मानक के अनुसार धनराशि निर्गत कर ली है। अब इस कारण कई अधिकारियों के कार्रवाई की जद में आने की आशंका है।
विज्ञापन