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मात्र 148 किसानों की हो सकी डिमांड जनरेट
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। ऋण मोचन योजना के तहत जिले के मात्र 148 किसानों को ही अब लाभ मिल सकेगा। हालांकि विभागीय पोर्टल पर कर्ज माफी के लिए 2,610 किसानों ने आवेदन किया था। इस आवेदन के आधार पर कृषि विभाग की ओर अपात्र किसानों को सत्यापन के माध्यम से अलग कर दिया गया है। विभाग की ओर से 82 लाख रुपये की डिमांड जेनरेट की गई है।
शासन स्तर से कर्ज माफी के लिए पोर्टल के माध्यम से आवेदन मांगे गए थे। शासन स्तर से फरमान जारी होते हुए जिले भर से 2,610 किसानों ने पोर्टल पर कर्जमाफी के लिए अपने आवेदन करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर कृषि विभाग की ओर से मानक को देखते हुए आवेदक किसानों के ऑनलाइन सत्यापन किए गए। सत्यापन के दौरान मात्र 148 किसानों की ही डिमांड जेनरेट हो सकी।
इस डिमांड को विभाग की ओर से शासन को भेज दी गई है। विभाग की ओर से 82 लाख की कर्जमाफी की डिमांड शासन को भेजी गई है। अब शासन स्तर पर सत्यापन के बाद इन किसानों के खाते में सीधे धनराशि भेजी जाएगी। जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार ने बताया कि फिल्टर के आधार पर जो किसान मानकों पर खरे नहीं उतरे उनको अपात्र माना गया है।
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हाथरस। ऋण मोचन योजना के तहत जिले के मात्र 148 किसानों को ही अब लाभ मिल सकेगा। हालांकि विभागीय पोर्टल पर कर्ज माफी के लिए 2,610 किसानों ने आवेदन किया था। इस आवेदन के आधार पर कृषि विभाग की ओर अपात्र किसानों को सत्यापन के माध्यम से अलग कर दिया गया है। विभाग की ओर से 82 लाख रुपये की डिमांड जेनरेट की गई है।
शासन स्तर से कर्ज माफी के लिए पोर्टल के माध्यम से आवेदन मांगे गए थे। शासन स्तर से फरमान जारी होते हुए जिले भर से 2,610 किसानों ने पोर्टल पर कर्जमाफी के लिए अपने आवेदन करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर कृषि विभाग की ओर से मानक को देखते हुए आवेदक किसानों के ऑनलाइन सत्यापन किए गए। सत्यापन के दौरान मात्र 148 किसानों की ही डिमांड जेनरेट हो सकी।
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इस डिमांड को विभाग की ओर से शासन को भेज दी गई है। विभाग की ओर से 82 लाख की कर्जमाफी की डिमांड शासन को भेजी गई है। अब शासन स्तर पर सत्यापन के बाद इन किसानों के खाते में सीधे धनराशि भेजी जाएगी। जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार ने बताया कि फिल्टर के आधार पर जो किसान मानकों पर खरे नहीं उतरे उनको अपात्र माना गया है।
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