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आंगनबाड़ी केंद्रों को हाईटेक बनाने की तैयारी, अब टैबलेट से लगेगी नौनिहालों की हाजिरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Fri, 09 Nov 2018 01:50 PM IST
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शासन स्तर से आंगनबाड़ी केंद्रों को हाईटेक बनाने के लिए पहल की जा रही है। इस पहल की शुरुआत कर दी गई है। यहां जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की संचालिकाओं को प्रथम चरण में हाईटेक करने की योजना की गई है। इसके तहत अब जल्द ही सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को टेबलेट दिया जाएगा।
इस टेबलेट के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्र पर होने कार्यक्रमों के साथ साथ नौनिहालों की हाजिरी भी इसी से ली जाएगी। अब आंगनबाड़ी केंद्र का पूरा ब्योरा 24 घंटे ऑनलाइन रहेगा। इस ब्योरा को अधिकारी कभी भी अपने ऑफिस में से देख सकेंगे। इसके लिए विभाग की ओर से पूरी सूचना शासन को भेज दी गई है। शासन स्तर से सामान और आदेश के आते ही योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया जाएगा।
जिले में 1,712 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। इन केंद्रों पर होने वाले कार्यक्रमों को अब अधिकारी उसी दिन ऑनलाइन माध्यम से देख सकेंगे। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जल्द ही जिले के सभी केंद्रों पर टेबलेट भेज दिए जाएंगे। इससे पहले इन सभी केंद्रों की संचालिकाओं को इस टेबलेट को चलाने का प्रशिक्षण दिया। इस टेबलेट के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्र संचालिकाएं बच्चों की हाजिरी इसमें स्टॉल सॉफ्टवेयर के जरिए लेंगी।
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बच्चों की हाजिरी तुरंत ही ऑनलाइन हो सकेगी, ताकि अधिकारी अपने ऑफिस से बैठकर ही बच्चों संख्या व उपस्थिति की जानकारी ले सकेंगे। वहीं केंद्र के जरिए होने वाले कार्यक्रम जैसे टीकाकरण, अन्न प्रासन, सर्वे आदि कार्यक्रमों का ब्योरा भी ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की आईडी तैयार की जाएगी। वही अधिकारियों की अलग से आईडी जेनरेट की जाएगी।
''शासन के निर्देशों पर आंगनबाड़ी केंद्रों में टेबलेट के माध्यम से क्रियान्वयन शुरू होगा। इसके लिए शासन स्तर से कुछ सूचनाएं मांगी गई थी, वह भेज दी गई है। बच्चों को हाजिरी भी टेबलेट के माध्यम से लगेगी।''
-धर्मेंद्र कुमार कुलश्रेष्ठ, डीपीओ
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इस टेबलेट के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्र पर होने कार्यक्रमों के साथ साथ नौनिहालों की हाजिरी भी इसी से ली जाएगी। अब आंगनबाड़ी केंद्र का पूरा ब्योरा 24 घंटे ऑनलाइन रहेगा। इस ब्योरा को अधिकारी कभी भी अपने ऑफिस में से देख सकेंगे। इसके लिए विभाग की ओर से पूरी सूचना शासन को भेज दी गई है। शासन स्तर से सामान और आदेश के आते ही योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया जाएगा।
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जिले में 1,712 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। इन केंद्रों पर होने वाले कार्यक्रमों को अब अधिकारी उसी दिन ऑनलाइन माध्यम से देख सकेंगे। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जल्द ही जिले के सभी केंद्रों पर टेबलेट भेज दिए जाएंगे। इससे पहले इन सभी केंद्रों की संचालिकाओं को इस टेबलेट को चलाने का प्रशिक्षण दिया। इस टेबलेट के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्र संचालिकाएं बच्चों की हाजिरी इसमें स्टॉल सॉफ्टवेयर के जरिए लेंगी।
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बच्चों की हाजिरी तुरंत ही ऑनलाइन हो सकेगी, ताकि अधिकारी अपने ऑफिस से बैठकर ही बच्चों संख्या व उपस्थिति की जानकारी ले सकेंगे। वहीं केंद्र के जरिए होने वाले कार्यक्रम जैसे टीकाकरण, अन्न प्रासन, सर्वे आदि कार्यक्रमों का ब्योरा भी ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की आईडी तैयार की जाएगी। वही अधिकारियों की अलग से आईडी जेनरेट की जाएगी।
''शासन के निर्देशों पर आंगनबाड़ी केंद्रों में टेबलेट के माध्यम से क्रियान्वयन शुरू होगा। इसके लिए शासन स्तर से कुछ सूचनाएं मांगी गई थी, वह भेज दी गई है। बच्चों को हाजिरी भी टेबलेट के माध्यम से लगेगी।''
-धर्मेंद्र कुमार कुलश्रेष्ठ, डीपीओ