15 को ही मनाया जाएगा जन्माष्टमी का पर्व
जन्माष्टमी पर्व दो दिन मनाए जाने को लेकर चल रही अफवाहों पर धार्मिक विद्वानों ने सिरे से नकार दिया है। शहर में 14 व 15 अगस्त के दिन जन्माष्टमी पर्व मनाए जाने का सोशल मीडिया पर खूब प्रचार प्रसार किया जा रहा है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। धार्मिक विद्वानों का कहना है कि मथुरा में एक दिन पहले जन्माष्टमी मनाई जाती है और उसी दिन सरकारी अवकाश होता है।
मथुरा में 14 अगस्त को जन्माष्टमी मनेगी और अगले दिन देश भर में यानि 15 अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक विद्वानों का कहना है कि धार्मिक पंचांग के अनुसार मथुरा को छोड़ कर जन्माष्टमी का पर्व 15 अगस्त को ही देश भर में मनाया जाएगा।
- व्रत और त्योहार के लिए वही तिथि सर्वोत्तम मानी जाती है, जोकि प्रात:कालीन बेला में आती है। चूंकि प्रात:कालीन बेला में अष्टमी की तिथि 15 अगस्त को आ रही है, इसलिए जन्माष्टमी का त्योहार इसी दिन मनाना श्रेयस्कर रहेगा। 14 अगस्त को सायंकाल में यह तिथि आएगी, जोकि व्रत के लिए मान्य नहीं है।
-दीपेंद्र चतुर्वेदी, दाऊजी मंदिर सेवायत
-जन्माष्टमी पर्व 14 अगस्त को लेकर चल रही अफवाह पूरी तरह से गलत हैं। मथुरा में एक दिन पहले यानि 14 अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। इसी दिन सरकारी अवकाश भी है। मथुरा के अगले दिन गोकुल में जन्माष्टमी मनाई जाती है, इसलिए 15 अगस्त को ही जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।
-आचार्य पंकज शास्त्री, धार्मिक विद्वान