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Hathras News: खुले आसमान के नीचे भीगा 1500 क्विंटल सरकारी गेहूं
Tue, 05 May 2026 01:51 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 05 May 2026 01:51 AM IST
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पुरदिलनगर क्रय केंद्र पर बारिश में भीगा गेहूं। संवाद
- फोटो : Samvad
परिवहन ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की सुस्ती के चलते पुरदिलनगर के सरकारी क्रय केंद्र पर रखा 1500 क्विंटल गेहूं बारिश की भेंट चढ़ गया। केंद्र पर खरीदे गए गेहूं का उठान न होने के कारण नई तौल रोक दी गई है, जिससे तपती धूप में अपनी उपज लेकर पहुंच रहे किसान या तो वहां इंतजार करने पर मजबूर हैं या फिर निराश होकर लौट रहे हैं।
पुरदिलनगर क्रय केंद्र पर इन दिनों अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। यहां केंद्र के चारों ओर खुले में करीब तीन हजार गेहूं की बोरियां रखी हुई हैं। हाल ही में हुई बेमौसम बारिश के कारण ये बोरियां पूरी तरह भीग गईं। सरकारी आंकड़ों के लिहाज से देखें तो खुले में भीग रहे इस गेहूं की कीमत करीब 38.77 लाख रुपये है।
शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि अनाज को सुरक्षित गोदामों तक पहुंचाया जाए, लेकिन यहां खरीदे गए गेहूं के उठान में बरती जा रही सुस्ती से इसकी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। डर तो यह है कि अगर दोबारा बारिश हो गई तो खुले में पड़ा यह गेहूं भीगने के बाद खाने योग्य भी नहीं बचेगा।
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नमी के नाम पर पहले ही परेशान थे किसान
शुरुआत में क्रय केंद्रों पर 12 से 14 फीसदी से अधिक नमी बताकर किसानों को टरकाया जा रहा था। शासन से विशेष रियायत मिलने के बाद खरीद तो शुरू हुई, लेकिन अब उठान न होने की नई समस्या खड़ी हो गई है। केंद्र पर जगह न होने के कारण तौल बंद कर दी गई है। दूर-दराज से ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आए किसान घंटों इंतजार के बाद वापस लौट रहे हैं।
केंद्र पर करीब 1500 क्विंटल गेहूं रखा हुआ है। गाड़ियां उपलब्ध न होने के कारण इसका उठान नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को लिखित रूप में अवगत करा दिया गया है।
-राहुल चौधरी, सचिव (समिति)
जिले में गेहूं की खरीद पर एक नजरक्रय केंद्रों पर खरीद का लक्ष्य--
1.50 लाख क्विंटल
अब तक क्रय केंद्रों पर हुई खरीद--
54,778 क्विंटल
मंडियों में हुई खरीद
-- 34,000 क्विंटल
-- -- -
क्रय केंद्र पर गेहूं रखने के लिए पर्याप्त जगह की व्यवस्था नहीं है। केंद्र पर गेहूं खुले में रखा रहता है। जगह भरने पर तौल बंद हो जाती है।
-सतीश कुमार, सिंचावली।
तौल बंद होने के कारण गेहूं नहीं बिका है। यहां केंद्र पर गेहूं को सुरक्षित रखने की व्यवस्था नहीं है। यही कारण है कि बारिश में गेहूं भीग गया।
-जितेंद्र बघेल, पुरदिलनगर
क्रय केंद्रों पर लगातार खरीद की जा रही है। केंद्रों से गेहूं के उठान के लिए लगातार परिवहन ठेकेदार को भी निर्देश दिए गए हैं।
-कमला प्रसाद यादव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
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पुरदिलनगर क्रय केंद्र पर इन दिनों अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। यहां केंद्र के चारों ओर खुले में करीब तीन हजार गेहूं की बोरियां रखी हुई हैं। हाल ही में हुई बेमौसम बारिश के कारण ये बोरियां पूरी तरह भीग गईं। सरकारी आंकड़ों के लिहाज से देखें तो खुले में भीग रहे इस गेहूं की कीमत करीब 38.77 लाख रुपये है।
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शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि अनाज को सुरक्षित गोदामों तक पहुंचाया जाए, लेकिन यहां खरीदे गए गेहूं के उठान में बरती जा रही सुस्ती से इसकी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। डर तो यह है कि अगर दोबारा बारिश हो गई तो खुले में पड़ा यह गेहूं भीगने के बाद खाने योग्य भी नहीं बचेगा।
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नमी के नाम पर पहले ही परेशान थे किसान
शुरुआत में क्रय केंद्रों पर 12 से 14 फीसदी से अधिक नमी बताकर किसानों को टरकाया जा रहा था। शासन से विशेष रियायत मिलने के बाद खरीद तो शुरू हुई, लेकिन अब उठान न होने की नई समस्या खड़ी हो गई है। केंद्र पर जगह न होने के कारण तौल बंद कर दी गई है। दूर-दराज से ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आए किसान घंटों इंतजार के बाद वापस लौट रहे हैं।
केंद्र पर करीब 1500 क्विंटल गेहूं रखा हुआ है। गाड़ियां उपलब्ध न होने के कारण इसका उठान नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को लिखित रूप में अवगत करा दिया गया है।
-राहुल चौधरी, सचिव (समिति)
जिले में गेहूं की खरीद पर एक नजरक्रय केंद्रों पर खरीद का लक्ष्य
1.50 लाख क्विंटल
अब तक क्रय केंद्रों पर हुई खरीद
54,778 क्विंटल
मंडियों में हुई खरीद
क्रय केंद्र पर गेहूं रखने के लिए पर्याप्त जगह की व्यवस्था नहीं है। केंद्र पर गेहूं खुले में रखा रहता है। जगह भरने पर तौल बंद हो जाती है।
-सतीश कुमार, सिंचावली।
तौल बंद होने के कारण गेहूं नहीं बिका है। यहां केंद्र पर गेहूं को सुरक्षित रखने की व्यवस्था नहीं है। यही कारण है कि बारिश में गेहूं भीग गया।
-जितेंद्र बघेल, पुरदिलनगर
क्रय केंद्रों पर लगातार खरीद की जा रही है। केंद्रों से गेहूं के उठान के लिए लगातार परिवहन ठेकेदार को भी निर्देश दिए गए हैं।
-कमला प्रसाद यादव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।