{"_id":"5b732fd742c79240004cbe6c","slug":"121534275543-hathras-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार पर विमान सौदें में घोटाले के लगाए आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार पर विमान सौदें में घोटाले के लगाए आरोप
Updated Wed, 15 Aug 2018 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने राफेल युद्धक विमान घोटाले की संयुक्त समिति से जांच को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम डॉ. रमाशंकर मौर्य को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय एवं फ्रांस सरकार के बीच हुए राफेल युद्धक विमानों के सौदे में घोटाला हुआ है। सोनभद्र में आदिवासी समाज पर हो रहे अत्याचार, उत्पीड़न और अवैध तरीके से हिरासत में लिए जाने के विरोध में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन भी सौंपा गया।
जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित ने कहा कि यूपीए सरकार द्वारा 118 राफेल विमान खरीदने का सौदा 670 करोड़ रुपये प्रति विमान हुआ था। मोदी सरकार ने इस विमान के दाम 1670 करोड़ रुपये कर दिए। उन्होंने कहा कि विमानों के रखरखाव का ठेका भारतीय कंपनी को नहीं देकर हाल में बनाई गई निजी कंपनी को दिया गया। जिस कंपनी को ठेका दिया गया, उसको विमान रखने का कोई तजुर्बा नहीं है।
इस समझौते को बदलने को लेकर पूर्व कैबिनेट की रक्षा मामले की कमेटी से कोई अनुमति या सहमति नहीं ली गई। इस विमान सौदे में घोटाला हुआ है। ज्ञापन देने वालों में कृपेंद्र सिंह चौहान, मुकेश चंद्र शर्मा, संजीव आंधीवाल, रामकुमार सारस्वत, प्रमोद कुमार शर्मा, बनी सिंह, वीरेंद्र उपाध्याय, सुरेश चंद्र शर्मा, राजा राम सुमन, गोविंद शरण चतुर्वेदी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने राफेल युद्धक विमान घोटाले की संयुक्त समिति से जांच को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम डॉ. रमाशंकर मौर्य को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय एवं फ्रांस सरकार के बीच हुए राफेल युद्धक विमानों के सौदे में घोटाला हुआ है। सोनभद्र में आदिवासी समाज पर हो रहे अत्याचार, उत्पीड़न और अवैध तरीके से हिरासत में लिए जाने के विरोध में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन भी सौंपा गया।
जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित ने कहा कि यूपीए सरकार द्वारा 118 राफेल विमान खरीदने का सौदा 670 करोड़ रुपये प्रति विमान हुआ था। मोदी सरकार ने इस विमान के दाम 1670 करोड़ रुपये कर दिए। उन्होंने कहा कि विमानों के रखरखाव का ठेका भारतीय कंपनी को नहीं देकर हाल में बनाई गई निजी कंपनी को दिया गया। जिस कंपनी को ठेका दिया गया, उसको विमान रखने का कोई तजुर्बा नहीं है।
विज्ञापन
इस समझौते को बदलने को लेकर पूर्व कैबिनेट की रक्षा मामले की कमेटी से कोई अनुमति या सहमति नहीं ली गई। इस विमान सौदे में घोटाला हुआ है। ज्ञापन देने वालों में कृपेंद्र सिंह चौहान, मुकेश चंद्र शर्मा, संजीव आंधीवाल, रामकुमार सारस्वत, प्रमोद कुमार शर्मा, बनी सिंह, वीरेंद्र उपाध्याय, सुरेश चंद्र शर्मा, राजा राम सुमन, गोविंद शरण चतुर्वेदी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन