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अब एसपी कार्यालय पर भी दर्ज होगी एफआईआर
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:31 PM IST
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ब्यूरो, अमर उजाला हाथरस।
सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर जिले में अमल शुरू हो गया है। सीएम ने सूबे के सभी एसएसपी-एसपी दफ्तरों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। सोमवार से हाथरस के एसपी ऑफिस में भी यह व्यवस्था शुरू कर दी गई।
एसपी घुले सुशील के मुताबिक एसपी ऑफिस में बनी सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) सेल को एफआईआर दर्ज करने का जिम्मा सौंपा गया है। तीन पुलिस अधिकारियों को इस सेल से संबंद्ध किया गया है। अभी तक एफआईआर केवल थानों में दर्ज की जाती थीं।
थानों से निराशा हाथ लगने पर फरियादियों के पास केवल एसपी ऑफिस से शिकायत करने का ही चारा बचता था। थाना पुलिस से न्याय न मिलने पर फरियादियों को काफी दूर से एसपी कार्यालय आना पड़ता था। कई बार अधिकारियों के न मिलने या सुनवाई न होने पर पीड़ितों को दोबारा आना पड़ता था।
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पीड़ित अपनी फरियाद अधिकारियों को सुनाएगा यदि उसकी रिपोर्ट थाना स्तर से नहीं दर्ज हुई हैं तो सुनवाई करने वाले पुलिस अधिकारी तुरंत रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश देंगे। फरियादी एफआईआर काउंटर पर अपनी पर्ची और शिकायती पत्र देगा, जहां शिकायत के अधार पर आनलाइन एफआईआर दर्ज कर विवेचना संबंधित थाने को स्थानांतरित कर दी जाएगी। इधर थाना स्तर पर रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं हुई, इसके लिए एसओ से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
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सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर जिले में अमल शुरू हो गया है। सीएम ने सूबे के सभी एसएसपी-एसपी दफ्तरों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। सोमवार से हाथरस के एसपी ऑफिस में भी यह व्यवस्था शुरू कर दी गई।
एसपी घुले सुशील के मुताबिक एसपी ऑफिस में बनी सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) सेल को एफआईआर दर्ज करने का जिम्मा सौंपा गया है। तीन पुलिस अधिकारियों को इस सेल से संबंद्ध किया गया है। अभी तक एफआईआर केवल थानों में दर्ज की जाती थीं।
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थानों से निराशा हाथ लगने पर फरियादियों के पास केवल एसपी ऑफिस से शिकायत करने का ही चारा बचता था। थाना पुलिस से न्याय न मिलने पर फरियादियों को काफी दूर से एसपी कार्यालय आना पड़ता था। कई बार अधिकारियों के न मिलने या सुनवाई न होने पर पीड़ितों को दोबारा आना पड़ता था।
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पीड़ित अपनी फरियाद अधिकारियों को सुनाएगा यदि उसकी रिपोर्ट थाना स्तर से नहीं दर्ज हुई हैं तो सुनवाई करने वाले पुलिस अधिकारी तुरंत रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश देंगे। फरियादी एफआईआर काउंटर पर अपनी पर्ची और शिकायती पत्र देगा, जहां शिकायत के अधार पर आनलाइन एफआईआर दर्ज कर विवेचना संबंधित थाने को स्थानांतरित कर दी जाएगी। इधर थाना स्तर पर रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं हुई, इसके लिए एसओ से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।