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Hardoi News: हवा का तेज झोंका भी न सह पाया 10 लाख का स्वागत द्वार
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फोटो 13: संडीला बाईपास के टूटा पड़ा स्वागत द्वार। संवाद
हरदोई। ठेके के माध्यम से कराए जाने वाले कामों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। संडीला में विधायक निधि के 10.62 लाख रुपये से बनवाया गया स्वागत द्वार हवा का तेज झोंका भी नहीं सह पाया। हाल ही में हुई बरसात के दौरान आई आंधी में स्वागत द्वार धराशायी हो गया। गनीमत रही कि उस समय कोई आवागमन नहीं हो रहा था इससे हादसा बच गया।
सांसद और विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र में विकास कराने के लिए शासन से निधि मिलती है। निधि से विधायक के प्रस्ताव पर ही परीक्षण के बाद काम कराया जाता है। विधान परिषद सदस्य अशोक कुमार अग्रवाल ने अपनी निधि से संडीला में बाईपास के पास स्वागत द्वार बनवाए जाने का प्रस्ताव दिया था। एमएलसी के इस प्रस्ताव पर परीक्षण और एस्टीमेट आदि की प्रक्रिया पूरी करने के बाद स्वागत द्वार बनवाए जाने के लिए 10,62,000 रुपये की स्वीकृति दी गई थी। स्वागत द्वार बनवाए जाने की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को मिली। यह स्वागत द्वार पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से बनवाया गया है।
बताया कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को काम कराने के लिए पहली किस्त एक मई 2025 को दी गई थी जिसमें 60 प्रतिशत रुपये दे दिए गए थे। कार्यदायी संस्था ने निविदा के माध्यम से फर्म चयनित कर काम भी शुरू कराया। काम करीब एक साल में पूरा हो पाया। दूसरी किस्त के 40 प्रतिशत रुपये 27 मई 2026 को काम पूरा होने पर कार्यदायी संस्था को दिए गए थे। इस लिहाज से काम करीब डेढ़ माह पहले ही पूरा हो पाया था। वहीं हाल ही में हुई बरसात के साथ आई आंधी में स्वागत द्वार धराशायी हो गया। मौके पर सिर्फ एक पोल ही खड़ा दिखाई दे रहा है जबकि स्वागत द्वार का मलबा सड़क किनारे फुटपाथ पर पड़ा है।
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स्वागत द्वार गिरने की जानकारी है। बचे भाग को हटवा दिया गया है। ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी, संतोषजनक जवाब न आने पर फर्म को डिबार कर दिया जाएगा। -प्रदीप पाल, अधिशासी अभियंता
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सांसद और विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र में विकास कराने के लिए शासन से निधि मिलती है। निधि से विधायक के प्रस्ताव पर ही परीक्षण के बाद काम कराया जाता है। विधान परिषद सदस्य अशोक कुमार अग्रवाल ने अपनी निधि से संडीला में बाईपास के पास स्वागत द्वार बनवाए जाने का प्रस्ताव दिया था। एमएलसी के इस प्रस्ताव पर परीक्षण और एस्टीमेट आदि की प्रक्रिया पूरी करने के बाद स्वागत द्वार बनवाए जाने के लिए 10,62,000 रुपये की स्वीकृति दी गई थी। स्वागत द्वार बनवाए जाने की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को मिली। यह स्वागत द्वार पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से बनवाया गया है।
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बताया कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को काम कराने के लिए पहली किस्त एक मई 2025 को दी गई थी जिसमें 60 प्रतिशत रुपये दे दिए गए थे। कार्यदायी संस्था ने निविदा के माध्यम से फर्म चयनित कर काम भी शुरू कराया। काम करीब एक साल में पूरा हो पाया। दूसरी किस्त के 40 प्रतिशत रुपये 27 मई 2026 को काम पूरा होने पर कार्यदायी संस्था को दिए गए थे। इस लिहाज से काम करीब डेढ़ माह पहले ही पूरा हो पाया था। वहीं हाल ही में हुई बरसात के साथ आई आंधी में स्वागत द्वार धराशायी हो गया। मौके पर सिर्फ एक पोल ही खड़ा दिखाई दे रहा है जबकि स्वागत द्वार का मलबा सड़क किनारे फुटपाथ पर पड़ा है।
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स्वागत द्वार गिरने की जानकारी है। बचे भाग को हटवा दिया गया है। ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी, संतोषजनक जवाब न आने पर फर्म को डिबार कर दिया जाएगा। -प्रदीप पाल, अधिशासी अभियंता