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Hardoi News: महिला अस्पताल की ओटी में 18 घंटे ठप रही जलापूर्ति, थमे सर्जिकल ब्लेड, कराहती रहीं प्रसूताएं
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फोटो- 17- ऑपरेशन थियेटर में बने वॉशिंग एरिया में सूखी पड़ी नल की टोटियां। संवाद
हरदोई। जिले के स्वास्थ्य महकमे की संवेदनहीनता और लचर प्रशासनिक व्यवस्था ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला महिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में मंगलवार शाम से बुधवार दोपहर तक करीब 18 घंटे जलापूर्ति बाधित रही। पानी न होने से रात से लेकर दोपहर तक प्रसूताओं के सभी ऑपरेशन टालने पड़े। ऐसे में दूरदराज से आईं महिलाएं अपनी बारी के इंतजार में वार्ड में भर्ती होकर कराहती नजर आईं।
महिला अस्पताल में जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते आए दिन कोई न कोई समस्या खड़ी हो जाती है। बता दें कि अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में मंगलवार शाम पांच बजे के बाद से पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। बताया गया कि पाइपलाइन में गंदगी और वॉल्व लीकेज होने से ओटी तक पानी नहीं जा रहा था। शाम को पाइपलाइन में सुधार नहीं किया गया। बुधवार सुबह तक भी मरम्मत का कार्य नहीं कराया गया।
इस वजह से ऑपरेशन के लिए भर्ती करीब नौ प्रसूताओं व मरीजों के ऑपरेशन रोक दिए गए। प्रसूताएं दोपहर एक बजे तक दर्द से कराहती हुई अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। आखिरकार बुधवार दोपहर करीब 12 बजे कर्मचारियों को बुलाकर नल और पाइप की मरम्मत कराई गई। इसके बाद पानी की आपूर्ति सुचारु हो सकी। एक बजे के बाद ऑपरेशन शुरू किए गए तब जाकर मरीज और प्रसूताओं ने राहत की सांस ली।
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केस-1- शहर के पूजा पाठक का माइनर ऑपरेशन होना था। वह सुबह महिला अस्पताल में भर्ती हो गई थीं लेकिन उन्हें बार-बार इंतजार करने के लिए कहा जाता रहा। सुबह 10 बजे से भर्ती पूजा का ऑपरेशन करीब तीन घंटे बाद जलापूर्ति होने पर एक बजे के बाद हो सका।
केस-2- पिहानी की जमुनहारा निवासी पुनीता का ऑपरेशन से बच्चा होना था। वह मंगलवार दोपहर में भर्ती हो गई थीं। पहले तो उन्हें शाम को ऑपरेशन के लिए कहा गया लेकिन फिर सुबह ऑपरेशन कहकर टाल दिया गया। इसके बाद बुधवार को भी दोपहर तक ऑपरेशन नहीं हुआ।
तीमारदारों का फूटा गुस्सा
दर्द से कराहती प्रसूताओं को देखकर कई तीमारदारों का सब्र का बांध टूट गया। तीमारदारों ने अव्यवस्थाओं पर जमकर नाराजगी व्यक्त की। कई तीमारदारों ने तो अपने मरीज को निजी अस्पताल में ले जाने की बात कही। वहीं जब मरीजों का गुस्सा चरम पर पहुंचने लगा तो दोपहर लगभग 12 बजे नींद से जागे प्रशासन ने प्लंबरों को बुलाकर मरम्मत कार्य शुरू कराया। पानी की सप्लाई बहाल होने के बाद ऑपरेशन शुरू हो सके।
पाइपलाइन में कुछ खराबी आ गई थी, जानकारी मिलते ही प्लंबरों को बुलाकर समस्या दूर की गई। आपूर्ति सुचारू हो गई है और ऑपरेशन भी चालू करवा दिए गए। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य
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महिला अस्पताल में जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते आए दिन कोई न कोई समस्या खड़ी हो जाती है। बता दें कि अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में मंगलवार शाम पांच बजे के बाद से पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। बताया गया कि पाइपलाइन में गंदगी और वॉल्व लीकेज होने से ओटी तक पानी नहीं जा रहा था। शाम को पाइपलाइन में सुधार नहीं किया गया। बुधवार सुबह तक भी मरम्मत का कार्य नहीं कराया गया।
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इस वजह से ऑपरेशन के लिए भर्ती करीब नौ प्रसूताओं व मरीजों के ऑपरेशन रोक दिए गए। प्रसूताएं दोपहर एक बजे तक दर्द से कराहती हुई अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। आखिरकार बुधवार दोपहर करीब 12 बजे कर्मचारियों को बुलाकर नल और पाइप की मरम्मत कराई गई। इसके बाद पानी की आपूर्ति सुचारु हो सकी। एक बजे के बाद ऑपरेशन शुरू किए गए तब जाकर मरीज और प्रसूताओं ने राहत की सांस ली।
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केस-1- शहर के पूजा पाठक का माइनर ऑपरेशन होना था। वह सुबह महिला अस्पताल में भर्ती हो गई थीं लेकिन उन्हें बार-बार इंतजार करने के लिए कहा जाता रहा। सुबह 10 बजे से भर्ती पूजा का ऑपरेशन करीब तीन घंटे बाद जलापूर्ति होने पर एक बजे के बाद हो सका।
केस-2- पिहानी की जमुनहारा निवासी पुनीता का ऑपरेशन से बच्चा होना था। वह मंगलवार दोपहर में भर्ती हो गई थीं। पहले तो उन्हें शाम को ऑपरेशन के लिए कहा गया लेकिन फिर सुबह ऑपरेशन कहकर टाल दिया गया। इसके बाद बुधवार को भी दोपहर तक ऑपरेशन नहीं हुआ।
तीमारदारों का फूटा गुस्सा
दर्द से कराहती प्रसूताओं को देखकर कई तीमारदारों का सब्र का बांध टूट गया। तीमारदारों ने अव्यवस्थाओं पर जमकर नाराजगी व्यक्त की। कई तीमारदारों ने तो अपने मरीज को निजी अस्पताल में ले जाने की बात कही। वहीं जब मरीजों का गुस्सा चरम पर पहुंचने लगा तो दोपहर लगभग 12 बजे नींद से जागे प्रशासन ने प्लंबरों को बुलाकर मरम्मत कार्य शुरू कराया। पानी की सप्लाई बहाल होने के बाद ऑपरेशन शुरू हो सके।
पाइपलाइन में कुछ खराबी आ गई थी, जानकारी मिलते ही प्लंबरों को बुलाकर समस्या दूर की गई। आपूर्ति सुचारू हो गई है और ऑपरेशन भी चालू करवा दिए गए। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य

फोटो- 17- ऑपरेशन थियेटर में बने वॉशिंग एरिया में सूखी पड़ी नल की टोटियां। संवाद