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Hardoi News: 132 करोड़ की देनदारी और 27 हजार अधूरे कामों के बोझ तले कल से शुरू वीबी जीरामजी
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हरदोई। गांवों में विकास और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली मनरेगा दो जुलाई से वीबी जीरामजी हो जाएगी। 132 करोड़ की देनदारी और 27 हजार अधूरे कामों के बोझ तले जिले की 38 ग्राम पंचायतों से वीबी जीरामजी का शुभारंभ होगा। योजना के शुभारंभ पर जन सम्मेलन भी कराए जाएंगे।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मनरेगा के स्थान पर वीबी जीरामजी योजना दी है। योजना का शुभारंभ दो जुलाई बुधवार से होने जा रहा है। योजना की शुरुआत पहले से लंबित बकायादारी और विकास कार्यों के बोझ के बीच होगी। जिले में मनरेगा मद से कराए गए काम और खरीदारी में से वर्ष 2024-25 से अब तक करीब 132 करोड़ रुपये की देनदारी लंबित है। वहीं करीब 27 हजार से अधिक काम अधूरे हैं। विकास कार्यों के लिए वीबी जीरामजी योजना में दो जुलाई को 38 ग्राम पंचायतों में जन सम्मेलन आयोजित होंगे। इन ग्राम पंचायतों से ही कामों का भी शुभारंभ होगा। जन सम्मेलन में लोगों को योजना के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली की जानकारी दी जाएगी। लंबित कार्यों के कारण ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार पहले से प्रभावित है।
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चालू वित्तीय वर्ष में 319 ग्राम पंचायतों में ही हो रहा काम
चालू वित्तीय वर्ष में मनेरगा और वीबी जीरामजी के संचालन के बीच संशय से जिले में 1,293 ग्राम पंचायतों में से 319 ग्राम पंचायतों में ही काम शुरू हो पाया है। काम और भुगतान को लेकर संशय के कारण निवर्तमान प्रधान और पंचायत सचिवों ने इस पर कम ही ध्यान दिया। वहीं इन ग्राम पंचायतों में अब 59,853 जॉबकार्ड धारक परिवारों के 65,383 श्रमिकों को काम दिया गया है।
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फैक्ट फाइल
. साल 2024-25 : 30.18 करोड़ की बकायादारी
. साल 2025-26 : 98.61 करोड़ की बकायादारी
. साल 2026-27 : 3.67 करोड़ देनदारी
. सक्रिय श्रमिक : 2,32,570
. ग्राम पंचायत : 1,293
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मनरेगा के जो भी काम निर्माणाधीन हैं, वह सभी वीबी जीरामजी में शिफ्ट किए जाएंगे। जिले में सभी पुराने कामों को पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी रुपये मिले हैं, उनका नियमित भुगतान कराया जा रहा है। वीबी जीरामजी में नई कार्ययोजना के मुताबिक विकास कराए जाएंगे। ग्राम्य विकास विभाग की राज्य स्तर से जारी रिपोर्ट में मजदूरों को रोजगार देने के मामले में जिला प्रदेश में अव्वल स्थान पर है। जन सम्मेलन की भी तैयारियां करा ली गईं हैं। -संतोष कुमार सिंह, उपायुक्त, श्रम रोजगार
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भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मनरेगा के स्थान पर वीबी जीरामजी योजना दी है। योजना का शुभारंभ दो जुलाई बुधवार से होने जा रहा है। योजना की शुरुआत पहले से लंबित बकायादारी और विकास कार्यों के बोझ के बीच होगी। जिले में मनरेगा मद से कराए गए काम और खरीदारी में से वर्ष 2024-25 से अब तक करीब 132 करोड़ रुपये की देनदारी लंबित है। वहीं करीब 27 हजार से अधिक काम अधूरे हैं। विकास कार्यों के लिए वीबी जीरामजी योजना में दो जुलाई को 38 ग्राम पंचायतों में जन सम्मेलन आयोजित होंगे। इन ग्राम पंचायतों से ही कामों का भी शुभारंभ होगा। जन सम्मेलन में लोगों को योजना के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली की जानकारी दी जाएगी। लंबित कार्यों के कारण ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार पहले से प्रभावित है।
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चालू वित्तीय वर्ष में 319 ग्राम पंचायतों में ही हो रहा काम
चालू वित्तीय वर्ष में मनेरगा और वीबी जीरामजी के संचालन के बीच संशय से जिले में 1,293 ग्राम पंचायतों में से 319 ग्राम पंचायतों में ही काम शुरू हो पाया है। काम और भुगतान को लेकर संशय के कारण निवर्तमान प्रधान और पंचायत सचिवों ने इस पर कम ही ध्यान दिया। वहीं इन ग्राम पंचायतों में अब 59,853 जॉबकार्ड धारक परिवारों के 65,383 श्रमिकों को काम दिया गया है।
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फैक्ट फाइल
. साल 2024-25 : 30.18 करोड़ की बकायादारी
. साल 2025-26 : 98.61 करोड़ की बकायादारी
. साल 2026-27 : 3.67 करोड़ देनदारी
. सक्रिय श्रमिक : 2,32,570
. ग्राम पंचायत : 1,293
मनरेगा के जो भी काम निर्माणाधीन हैं, वह सभी वीबी जीरामजी में शिफ्ट किए जाएंगे। जिले में सभी पुराने कामों को पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी रुपये मिले हैं, उनका नियमित भुगतान कराया जा रहा है। वीबी जीरामजी में नई कार्ययोजना के मुताबिक विकास कराए जाएंगे। ग्राम्य विकास विभाग की राज्य स्तर से जारी रिपोर्ट में मजदूरों को रोजगार देने के मामले में जिला प्रदेश में अव्वल स्थान पर है। जन सम्मेलन की भी तैयारियां करा ली गईं हैं। -संतोष कुमार सिंह, उपायुक्त, श्रम रोजगार