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छुट्टा मवेशियों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच पर हंगामा
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फोटो-47- हरदोई : तहसीलदार संडीला से बात करते मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित संदीप पांडेय। संवाद
- फोटो : HARDOI
भरावन (हरदोई)। अतरौली थाना क्षेत्र के ग्राम मवई से ग्रामीणों के साथ छुट्टा मवेशियों को हांककर मुख्यमंत्री कार्यालय लखनऊ ले जाने की सूचना पर पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी गांव पहुंच गए। यहां रैमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता व सोशलिस्ट पार्टी के संयोजक संदीप पांडेय और अफसरों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कई घंटे की कवायद के बाद एसडीएम के लिखित आश्वासन पर आंदोलनकारी मान गए। छुट्टा मवेशियों को दो गोशालाओं में भेजा गया है।
सोशलिस्ट पार्टी के संयोजक संदीप पांडेय ने 20 जनवरी को घोषणा की थी कि 26 जनवरी को छुट्टा मवेशियों को हांककर ग्रामीणों के साथ मुख्यमंत्री के लखनऊ आवास जाएंगे। मंगलवार को मवई के ग्रामीणों ने 80 छुट्टा मवेशी एकत्र कर संदीप पांडेय के नेतृत्व में लखनऊ कूच की तैयारी की।
इसी दौरान अतरौली के थानाध्यक्ष अशोक यादव आ गए। उन्होंने पूरे घटनाक्रम से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। एसडीएम संडीला मनोज श्रीवास्तव, सीओ संडीला उमा शंकर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। रोके जाने पर संदीप पांडेय, उनके समर्थक ग्रामीणों की अफसरों से तीखी नोकझोंक हो गई।
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एसडीएम मनोज श्रीवास्तव ने छुट्टा मवेशियों को दो दिन में गोशालाओं में भेजने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद तहसीलदार अंबिका चौधरी ने दो पिकप मंगवाकर मवेशियों को दो अलग-अलग गोशालाओं में भिजवा दिया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जेएन पांडेय भी मौजूद रहे। उनकी भी संदीप पांडेय और ग्रामीणों से कई बार तीखी नोकझोंक हुई।
मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडेय ने आंदोलन को लेकर एक और बड़ी वजह बताई। कहा कि 27 दिसंबर को मवई के ग्रामीण छुट्टा मवेशी हांककर भगवंतापुर गोशाला छोड़ने जा रहे थे।
भगवंतापुर के ग्रामीणों ने मवेशी रोकने से मना कर दिया और वापस ले जाने को कहा। मवेशियों को लेकर वापस जा रहे ग्रामीणों का रास्ते में लौहगापुर में भाजपा के मंडल महामंत्री ज्ञानेंद्र सिंह से ग्रामीणों का विवाद हो गया था।
संदीप पांडेय का आरोप था कि पुलिस मामले में राजनीतिक दबाव में रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। इस मामले पर भी संदीप पांडेय ने तीखे तेवर दिखाए तो ज्ञानेंद्र सिंह के विरुद्ध राजकिशोर निवासी मवई की तहरीर पर अनुसूचित जाति उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
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सोशलिस्ट पार्टी के संयोजक संदीप पांडेय ने 20 जनवरी को घोषणा की थी कि 26 जनवरी को छुट्टा मवेशियों को हांककर ग्रामीणों के साथ मुख्यमंत्री के लखनऊ आवास जाएंगे। मंगलवार को मवई के ग्रामीणों ने 80 छुट्टा मवेशी एकत्र कर संदीप पांडेय के नेतृत्व में लखनऊ कूच की तैयारी की।
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इसी दौरान अतरौली के थानाध्यक्ष अशोक यादव आ गए। उन्होंने पूरे घटनाक्रम से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। एसडीएम संडीला मनोज श्रीवास्तव, सीओ संडीला उमा शंकर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। रोके जाने पर संदीप पांडेय, उनके समर्थक ग्रामीणों की अफसरों से तीखी नोकझोंक हो गई।
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एसडीएम मनोज श्रीवास्तव ने छुट्टा मवेशियों को दो दिन में गोशालाओं में भेजने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद तहसीलदार अंबिका चौधरी ने दो पिकप मंगवाकर मवेशियों को दो अलग-अलग गोशालाओं में भिजवा दिया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जेएन पांडेय भी मौजूद रहे। उनकी भी संदीप पांडेय और ग्रामीणों से कई बार तीखी नोकझोंक हुई।
मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडेय ने आंदोलन को लेकर एक और बड़ी वजह बताई। कहा कि 27 दिसंबर को मवई के ग्रामीण छुट्टा मवेशी हांककर भगवंतापुर गोशाला छोड़ने जा रहे थे।
भगवंतापुर के ग्रामीणों ने मवेशी रोकने से मना कर दिया और वापस ले जाने को कहा। मवेशियों को लेकर वापस जा रहे ग्रामीणों का रास्ते में लौहगापुर में भाजपा के मंडल महामंत्री ज्ञानेंद्र सिंह से ग्रामीणों का विवाद हो गया था।
संदीप पांडेय का आरोप था कि पुलिस मामले में राजनीतिक दबाव में रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। इस मामले पर भी संदीप पांडेय ने तीखे तेवर दिखाए तो ज्ञानेंद्र सिंह के विरुद्ध राजकिशोर निवासी मवई की तहरीर पर अनुसूचित जाति उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।