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Hardoi News: अनियंत्रित सीएनजी कार में पेड़ से टकराकर लगी आग, जिंदा जल गए पति पत्नी
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हरदोई/सांडी। सांडी थाना क्षेत्र के हरदोई-सांडी मार्ग पर बघराई गांव के पास अनियंत्रित हुई अर्टिगा (सीएनजी) कार पेड़ से टकरा गई। पेड़ से टकराते ही कार में आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरी कार में फैल गई। कार में सवार पति-पत्नी के जिंदा जल जाने से मौत हो गई। घटना की जानकारी पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की।
शहर कोतवाली क्षेत्र के रद्धेपुरवा रोड निवासी आकाश पाल (24) परचून की दुकान चलाने के साथ ही शादी में मिली अर्टिगा कार को किराए पर भी चलाते था। शुक्रवार को पत्नी कीमती सिंह उर्फ कीर्ति (22) को कार से परीक्षा दिलाने के लिए दुर्गागंज के विश्राम सिंह महाविद्यालय गए थे। दो से साढ़े तीन बजे के बीच कीर्ति की परीक्षा थी। वह स्नातक तृतीय वर्ष के पहले सेमेस्टर की छात्रा थीं। परीक्षा देने के बाद पति-पत्नी कार से वापस घर जा रहे थे। हरदोई-सांडी मार्ग पर बघराई गांव के पास बनी कान्हा गोशाला के पास दोपहर करीब 4.40 बजे कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नीम के पेड़ से टकरा गई। इसके बाद कार में आग लग गई। कार जलती देख ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
गांव निवासी शिवम यादव ने अग्निशमन केंद्र फोन कर घटना की जानकारी दी, लेकिन काफी देर तक दमकल नहीं आई। इस पर स्थानीय ग्रामीणों ने मशक्कत कर मिट्टी फेंकना शुरू किया तो आग कुछ शांत हुई। घटना के लगभग एक घंटे बाद पहुंचे अग्निशमन विभाग के दो वाहनों ने आधे घंटे बाद आग पर काबू पाया। घटना का पता चलने पर आकाश के पिता राज किशोर पाल और छोटे भाई अंकित पाल मौके पर पहुंच गए। दंपती के जले शव देख परिजन बदहवास हो गए। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आग लगने की वजह के बारे में भी जांच की जाएगी।
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आकाश पाल के पिता राज किशोर पाल की आर्थिक स्थिति सामान्य है। उनकी कई निजी दुकानें हैं, जिन्हें किराए पर उठा रखा है। एक दुकान में वह इलेक्ट्रॉनिक शाॅप चलाते हैं। परिवार में पत्नी आशा, दो पुत्र आकाश और अंकित व एक पुत्री प्रियांशु है। दो साल पहले आकाश की शादी सुरसा थाना क्षेत्र के म्योनी निवासी कीमती उर्फ कीर्ति के साथ की थी। कीर्ति के घरवालों ने शादी में उपहार के तौर पर अर्टिगा कार आकाश को दी थी। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन एक झटके में ही सब खत्म हो गया। शादी में जो कार उपहार में मिली थी उसी में एक तरह से दोनों का अंतिम संस्कार हो गया।
आकाश और कीर्ति को एक बेटा भी है। एक साल के देव को वह शुक्रवार को घर छोड़कर गए थे। देव अपनी दादी आशा की गोद में खूब खेलता है। शुक्रवार को भी वह खेलता रहा। शाम को घर में कोहराम मचा तब वह सो रहा था, जागा तो दादी ने बिलखते हुए उसे उठा लिया। वह सबको देख रहा था, लेकिन उसे एहसास ही नहीं था महज एक साल की उम्र में उस पर कितना बड़ा कष्ट आ गया है।
कार में आग लगने के बाद आकाश और कीर्ति को निकालने की कोशिश ग्रामीणों ने की। आग तेज होने के कारण ग्रामीण पास भी नहीं पहुंच पा रहे थे। किसी तरह ग्रामीणों ने कार का एक दरवाजा खोल दिया। ग्रामीणों को आस थी कि दरवाजा खुलते ही कम से कम कीर्ति तो बाहर निकल ही आएगी। कीर्ति निकलने की कोशिश करती भी नजर आई, लेकिन सीटबेल्ट लगी होने के कारण न तो कीर्ति बाहर निकल पाई और न ही आकाश।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के रद्धेपुरवा रोड निवासी आकाश पाल (24) परचून की दुकान चलाने के साथ ही शादी में मिली अर्टिगा कार को किराए पर भी चलाते था। शुक्रवार को पत्नी कीमती सिंह उर्फ कीर्ति (22) को कार से परीक्षा दिलाने के लिए दुर्गागंज के विश्राम सिंह महाविद्यालय गए थे। दो से साढ़े तीन बजे के बीच कीर्ति की परीक्षा थी। वह स्नातक तृतीय वर्ष के पहले सेमेस्टर की छात्रा थीं। परीक्षा देने के बाद पति-पत्नी कार से वापस घर जा रहे थे। हरदोई-सांडी मार्ग पर बघराई गांव के पास बनी कान्हा गोशाला के पास दोपहर करीब 4.40 बजे कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नीम के पेड़ से टकरा गई। इसके बाद कार में आग लग गई। कार जलती देख ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
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गांव निवासी शिवम यादव ने अग्निशमन केंद्र फोन कर घटना की जानकारी दी, लेकिन काफी देर तक दमकल नहीं आई। इस पर स्थानीय ग्रामीणों ने मशक्कत कर मिट्टी फेंकना शुरू किया तो आग कुछ शांत हुई। घटना के लगभग एक घंटे बाद पहुंचे अग्निशमन विभाग के दो वाहनों ने आधे घंटे बाद आग पर काबू पाया। घटना का पता चलने पर आकाश के पिता राज किशोर पाल और छोटे भाई अंकित पाल मौके पर पहुंच गए। दंपती के जले शव देख परिजन बदहवास हो गए। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आग लगने की वजह के बारे में भी जांच की जाएगी।
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आकाश पाल के पिता राज किशोर पाल की आर्थिक स्थिति सामान्य है। उनकी कई निजी दुकानें हैं, जिन्हें किराए पर उठा रखा है। एक दुकान में वह इलेक्ट्रॉनिक शाॅप चलाते हैं। परिवार में पत्नी आशा, दो पुत्र आकाश और अंकित व एक पुत्री प्रियांशु है। दो साल पहले आकाश की शादी सुरसा थाना क्षेत्र के म्योनी निवासी कीमती उर्फ कीर्ति के साथ की थी। कीर्ति के घरवालों ने शादी में उपहार के तौर पर अर्टिगा कार आकाश को दी थी। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन एक झटके में ही सब खत्म हो गया। शादी में जो कार उपहार में मिली थी उसी में एक तरह से दोनों का अंतिम संस्कार हो गया।
आकाश और कीर्ति को एक बेटा भी है। एक साल के देव को वह शुक्रवार को घर छोड़कर गए थे। देव अपनी दादी आशा की गोद में खूब खेलता है। शुक्रवार को भी वह खेलता रहा। शाम को घर में कोहराम मचा तब वह सो रहा था, जागा तो दादी ने बिलखते हुए उसे उठा लिया। वह सबको देख रहा था, लेकिन उसे एहसास ही नहीं था महज एक साल की उम्र में उस पर कितना बड़ा कष्ट आ गया है।
कार में आग लगने के बाद आकाश और कीर्ति को निकालने की कोशिश ग्रामीणों ने की। आग तेज होने के कारण ग्रामीण पास भी नहीं पहुंच पा रहे थे। किसी तरह ग्रामीणों ने कार का एक दरवाजा खोल दिया। ग्रामीणों को आस थी कि दरवाजा खुलते ही कम से कम कीर्ति तो बाहर निकल ही आएगी। कीर्ति निकलने की कोशिश करती भी नजर आई, लेकिन सीटबेल्ट लगी होने के कारण न तो कीर्ति बाहर निकल पाई और न ही आकाश।