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Hardoi News: आठ माह बाद फिर शुरू हुए अल्ट्रासाउंड, रेडियोलॉजिस्ट ने संभाला काम

Tue, 19 Aug 2025 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Aug 2025 11:30 PM IST
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Ultrasound started again after eight months, radiologist took over the work
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में लगभग आठ माह बाद अल्ट्रासाउंड की सुविधा फिर ले मिलने लगी है। शासन ने यहां रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती कर दी है। पिछले आठ माह से मरीजाें और खासकर गर्भवती महिलाओं को निजी सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड कराने जाना पड़ता था। मंगलवार से मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड होना शुरू हो गए हैं।
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स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में रेडियोलॉजिस्ट की स्थायी तैनाती बीते दो सालों से नहीं हो पा रही है। जनवरी तक मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला महिला चिकित्सालय में डॉ. अरूण कुमार गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करते थे लेकिन उनके पास सीतापुर के मेडिकोलीगल का काम होने के कारण वह बहुत कम मिलते थे। जनवरी 2025 में उनका स्थानांतरण गैर जनपद हो गया। इसके बाद से मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट ही नहीं थे। मरीज और गर्भवती महिलाओं को निजी सेंटरों से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है।
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रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर प्राचार्य डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई लगातार प्रयास करते आ रहे हैं। अब आठ माह के बाद लखनऊ केजीएमसी से यूजी कर चुके एसआर शिवम सिंह ने जिले में आकर कार्यभार संभाल लिया। मंगलवार को उन्होंने मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल में मरीजों का अल्ट्रासांउड किया। वह यहां आने से पहले राम मनोहर लोहिया में सेवाएं दे रहे थे। प्राचार्य ने कहा कि शासन ने रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति कर मरीजों को काफी राहत दी है। मरीजों को बेहतर इलाज के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
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गर्भवती महिलाओं के लिए करनी होगी बेहतर व्यवस्था
मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड कक्ष को उसकी पुरानी इमारत में ही शुरू किया गया है। वहीं महिला अस्पताल में अभी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए एक्सरे कक्ष के पड़ोस में बने कक्ष में ही अल्ट्रासाउंड कराने आना पड़ेगा। वहां पर फिलहाल अभी व्यवस्थाओं का अभाव है। इसमें शौचालय न होना सबसे बड़ी समस्या है। इसके अलावा कक्ष में अभी कोई निजता भी नहीं है। ऐसे में अल्ट्रासाउंड करने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वैसे प्राचार्य ने जल्द ही सभी व्यवस्थाएं कर अल्ट्रासांउड कक्ष को बेहतर करने ही बात कही है।
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