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लौट आए दो लाल, दिल्ली पहुंचे
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हरदोई। यूक्रेन में फंसे जिले के कई मेडिकल छात्रों में से दो छात्र सुरक्षित स्वदेश लौट आए हैं, लेकिन अभी कुछ औपचारिकताओं की वजह से वह दिल्ली में हैं।
यहां उनके घर में परिजन उनका दीदार करने को बेताब हैं। देश लौटे बच्चों को देखने के लिए एक-एक पल काटना परिजनों के लिए मुश्किल हो रहा है।
माधौगंज थाना क्षेत्र के ग्राम भिठाई निवासी अमन सिंह के पुत्र वीरेश फ्लाइट से दिल्ली आ गए हैं। उसके अलावा मोहल्ला चीलपुरवा निवासी महेंद्र पाल का बेटा शिवम भी दिल्ली पहुंच चुका है।
हालांकि, महेंद्र दिल्ली में ही नौकरी करते हैं, इसलिए वह उससे मिलने दिल्ली ही जा रहे हैं। स्वदेश लौटे वीरेश अपने माता-पिता के संपर्क में हैं। उनके जल्द ही गांव पहुंचने की उम्मीद है।
उधर, वीरेश की वापसी की खबर सुनने के बाद लोगों में खुशी है तो अन्य छात्र-छात्राओं के लिए चिंता लगी हुई है। जिन परिजनों के बच्चे अभी नहीं आ पाए हैं वे लौटने वाले परिजनों से मिलकर वहां के हालात जानने की कोशिश कर रहे हैं।
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जिला प्रशासन इस ओर लगातार शासन से संपर्क में रहने के साथ ही परिजनों से संपर्क बनाए हुए हैं। एडीएम वंदना त्रिवेदी ने बताया कि 19 छात्र-छात्राओं के यूक्रेन में होने की पुष्टि की थी।
रोमानिया बार्डर पर पेट्रोल पंप पर हैं कई छात्र
पिहानी। सीएचसी अधीक्षक के बेटे प्रत्यक्ष श्रीवास्तव यूक्रेन के विनिटसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चौथे वर्ष का छात्र है। यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद दो दिन तक हॉस्टल में गुजारने के बाद वह अब रोमानिया बार्डर पर पहुंच गया है।
प्रत्यक्ष ने बताया कि भारत सरकार ने छात्रों से नजदीकी बार्डर पर इंतजार करने को कहा गया था। तब से वह लोग यूक्रेन में ही रोमानिया बॉर्डर पर पेट्रोल पंप पर रुके हुए हैं।
उनका परिवार यहां बेटे को लेकर परेशान हैं। उनके बेटे द्वारा भेजी गई तस्वीर के साथ बताया गया कि वहां पर बड़ी संख्या में लोग मदद का इंतजार कर रहे हैं।
दो छात्र बस से रोमानिया पहुंचे
संडीला। कस्बे के मूल निवासी जय सक्सेना व फरहान के परिजनों के मुताबिक, यह दोनों सुबह चार बजे के करीब यूक्रेन के पड़ोसी देश रोमानिया बस द्वारा पहुंच गए है।
रोमानिया से फ्लाइट लेकर स्वदेश वापसी का इंतजार कर रहे है। परिजनों से हुई बात में उक्त जानकारी छात्रों ने परिजनों को दी। उधर, जिला प्रशासन इस ओर लगातार परिजनों से संपर्क साधे हुए है।
परिजन बच्चों की चिंता में पल-पल शासन-प्रशासन से अपडेट मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
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यहां उनके घर में परिजन उनका दीदार करने को बेताब हैं। देश लौटे बच्चों को देखने के लिए एक-एक पल काटना परिजनों के लिए मुश्किल हो रहा है।
माधौगंज थाना क्षेत्र के ग्राम भिठाई निवासी अमन सिंह के पुत्र वीरेश फ्लाइट से दिल्ली आ गए हैं। उसके अलावा मोहल्ला चीलपुरवा निवासी महेंद्र पाल का बेटा शिवम भी दिल्ली पहुंच चुका है।
हालांकि, महेंद्र दिल्ली में ही नौकरी करते हैं, इसलिए वह उससे मिलने दिल्ली ही जा रहे हैं। स्वदेश लौटे वीरेश अपने माता-पिता के संपर्क में हैं। उनके जल्द ही गांव पहुंचने की उम्मीद है।
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उधर, वीरेश की वापसी की खबर सुनने के बाद लोगों में खुशी है तो अन्य छात्र-छात्राओं के लिए चिंता लगी हुई है। जिन परिजनों के बच्चे अभी नहीं आ पाए हैं वे लौटने वाले परिजनों से मिलकर वहां के हालात जानने की कोशिश कर रहे हैं।
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जिला प्रशासन इस ओर लगातार शासन से संपर्क में रहने के साथ ही परिजनों से संपर्क बनाए हुए हैं। एडीएम वंदना त्रिवेदी ने बताया कि 19 छात्र-छात्राओं के यूक्रेन में होने की पुष्टि की थी।
रोमानिया बार्डर पर पेट्रोल पंप पर हैं कई छात्र
पिहानी। सीएचसी अधीक्षक के बेटे प्रत्यक्ष श्रीवास्तव यूक्रेन के विनिटसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चौथे वर्ष का छात्र है। यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद दो दिन तक हॉस्टल में गुजारने के बाद वह अब रोमानिया बार्डर पर पहुंच गया है।
प्रत्यक्ष ने बताया कि भारत सरकार ने छात्रों से नजदीकी बार्डर पर इंतजार करने को कहा गया था। तब से वह लोग यूक्रेन में ही रोमानिया बॉर्डर पर पेट्रोल पंप पर रुके हुए हैं।
उनका परिवार यहां बेटे को लेकर परेशान हैं। उनके बेटे द्वारा भेजी गई तस्वीर के साथ बताया गया कि वहां पर बड़ी संख्या में लोग मदद का इंतजार कर रहे हैं।
दो छात्र बस से रोमानिया पहुंचे
संडीला। कस्बे के मूल निवासी जय सक्सेना व फरहान के परिजनों के मुताबिक, यह दोनों सुबह चार बजे के करीब यूक्रेन के पड़ोसी देश रोमानिया बस द्वारा पहुंच गए है।
रोमानिया से फ्लाइट लेकर स्वदेश वापसी का इंतजार कर रहे है। परिजनों से हुई बात में उक्त जानकारी छात्रों ने परिजनों को दी। उधर, जिला प्रशासन इस ओर लगातार परिजनों से संपर्क साधे हुए है।
परिजन बच्चों की चिंता में पल-पल शासन-प्रशासन से अपडेट मिलने का इंतजार कर रहे हैं।