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स्कूलों में संक्रमण, कोचिंग मुक्त

Mon, 07 Feb 2022 10:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Feb 2022 10:39 PM IST
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transition to schools, coaching free
हरदोई। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गंभीर प्रशासन का ध्यान केवल सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों तक सीमित होकर रह गया है। शहर में कदम-कदम पर संचालित हो रहे अन्य शिक्षण संस्थान कोविड प्रोटोकॉल भूल बैठे हैं।
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इनमें कोविड डेस्क तो दूर मास्क की अनिवार्यता भी नहीं रखी गई। अधिक छात्र और कक्षों की कम क्षमता के कारण कई कोचिंग संस्थानों में दो गज की दूरी तो दूर की बात, बच्चों को स्वस्थ हवा तक नहीं मिल रही है।
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प्रशासन की नाक के नीचे खुलेआम चल रहे कोचिंग संस्थान कोविड नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। कक्षा पांच से आठ तक और कक्षा नौ से ऊपर की तमाम कोचिंग संचालित हो रही हैं।
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संक्रमण के कारण स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित होने का सीधा लाभ भी इन कोचिंग संस्थानों को हो रहा है। बेहतर शिक्षा के लालच में बच्चों की संख्या प्राइवेट कोचिंग में खूब बढ़ी है।
अभिभावक मजबूर हैं और कोचिंग संचालक मनमानी कर रहे हैं। कक्षा कक्ष की क्षमता से दो गुनी छात्र संख्या को एक साथ पढ़ाया जा रहा है। कोरोना संक्रमण की पिछली लहरों में प्राइवेट शिक्षण संस्थानों पर कोई कार्रवाई न होने से उनका डर खत्म हो चुका है।
शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी केवल स्कूलों में निरीक्षण कर मानक खंगाल रहे हैं। लोग सवाल कर रहे कि क्या केवल स्कूलों में ही संक्रमण की संभावना है, कोचिंग संस्थान क्या संक्रमण मुक्त हैं।
अच्छे नंबरों के लालच में जान जोखिम में
बच्चों के अच्छे नंबरों की लालच में अभिभावक उन्हें कोचिंग संस्थानों में भेजने का जोखिम उठा रहे हैं। कोचिंग संस्थान में बच्चों के बैठने से लेकर मास्क की अनिवार्यता तक न होने के बावजूद बच्चों को भेजना बंद नहीं कर रहे।
कुछ अभिभावक कोचिंग संचालकों से कोविड नियमों के अनुसार कक्षाएं संचालित करने की गुजारिश भी करते हैं, लेकिन परीक्षा में अच्छे परिणामों के लालच में कोचिंग पर ज्यादा दबाव नहीं बना पा रहे।
प्रतियोगी परीक्षा संस्थान भी बेखबर
प्रतियोगी परीक्षा संस्थानों और कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों में भी कोविड नियमों के मानक नजर नहीं आ रहे। ज्यादातर संस्थानों में छात्रों की बड़ी संख्या बिना मास्क पढ़ने जा रही है।
संचालक केवल पढ़ाई और फीस पर ध्यान दे रहे हैं। कोरोना संक्रमण की संभावना से कोई वास्ता नहीं रखा है। प्रशासन भी इन संस्थानों पर अब तक कार्रवाई करने में नाकाम रहा है।

रूटीन वर्क के साथ चुनावी व्यस्तता की वजह से अभी अभियान चलाकर कार्रवाई नहीं की जा सकी है। कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन की कोई शिकायत भी नहीं मिली है। यदि शिकायत मिलती है, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- वीके दुबे, डीआईओएस
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