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सवायजपुर से हरियावां तक टिड्डी दलों का हमला, किसान परेशान
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ोटो-44- ग्राम पकरी में मरे पड़े टिड्डी दल। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। टिड्डी दलों के हमले से किसान परेशान हैं। कन्नौज और फर्रुखाबाद की सीमा से आए टिड्डी दल रविवार को दिन भर जिले के अलग-अलग इलाकों में नजर आए। किसानों ने बड़े पैमाने पर फसलों के नुकसान की बात कही है।
सवायजपुर के नगरिया साधौ, हर्रैया, पिथनापुर, महसूलापुर, सदुल्लीपुर में टिड्डी दलों ने हमला किया। खेतों में काम कर रहे किसानों ने थाली, ढोल और ताली बजाकर इन्हें भगाने की कोशिश की। टिड्डियों ने मक्का, धान और गन्ने की फसल चट कर दी। शनिवार रात भी टिड्डी दलों ने ग्राम गौरिया, बम्हरौली में हमला किया था। किसान प्रदीप, हरीराम कुशवाहा आदि ने बताया कि टिड्डी दलों के हमले से फसलें बर्बाद हो गईं हैं। एसडीएम सवायजपुर मनोज सागर का कहना है कि नुकसान के आंकलन के लिए लेखपालों की टीम गठित कर दी है। कृषि विभाग भी नुकसान का आंकलन करा रहा है।
हरपालपुर प्रतिनिधि के अनुसार टिड्डी दलों ने खद्दीपुर, बरान, परचौली, जुग्गापुरवा, हरपालपुर, सतौथा, पलिया, ककरा इलाके में भी हमला किया। किसानों ने थाली बजाकर और आग जलाकर टिड्डियों को भगाया। सांडी प्रतिनिधि के अनुसार बम्हटापुर, नयागांव, लक्षनपुरवा, भौराजपुर, आदमपुर में किसानों ने पटाखे जलाकर टिड्डी दलों को भगाया।
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सुरसा प्रतिनिधि के अनुसार ग्राम सुरसा, खजुरहरा, ओदरा नेवलिया, अमरापुर, नेवादा आदि गांवों में टिड्डी दल रविवार दोपहर खेतों पर बैठ गए। किसानों ने उन्हें भगाने का प्रयास किया। हरियावां प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के लगभग 10 गांवों में टिड्डी दलों ने हमला किया। कोरिगवां, मदरावां, शाहपुर, कसियापुर, देवरिया, बेलहईया, भदेवरा, अहमदी, उतरा, वीरमखेड़ा में टिड्डी दल नजर आए। पिहानी विकास खंड के अरुआ पारा में टिड्डी दलों का प्रकोप देख किसान दहशत में दिखे। बेहटागोकुल प्रतिनिधि के अनुसार टिड्डी दलों ने बावन, मुजाहिदपुर, दुलारपुर के रास्ते बबनापुर, सकतपुर, बरखेरा, अल्लीपुर, नयागांव, काशीपुर का रुख किया तो दूसरे झुंड ने ऐजा, दहेलिया, औहदपुर, भीखपुर में किसानों की फसलें चट कर दीं।
हवा के बदले रुख से आ रहे, खतरा बरकरार
उपनिदेशक कृषि डॉ. आशुतोष मिश्र का कहना है कि टिड्डी दल रविवार को अहिरोरी विकास खंड के मदारा और टिकारा में रुका था। यहां दवा का छिड़काव करा दिया गया। एक दूसरा टिड्डी दल बावन विकास खंड के ग्राम पकरी, धर्मपुर और सोनेपुर में रुका था, वहां भी छिड़काव करा दिया गया। ट्रैक्टर माउंटेट स्प्रेयर, अग्निशमन वाहन का इस्तेमाल कर रसायनों का छिड़काव कराया गया है। टिड्डी दल आसपास के जिलों से हवा के रुख के अनुसार आ रहे हैं। आने वाले दिनों में भी टिड्डी दलों का खतरा बना रहेगा। किसानों को भी जागरूक रहना पड़ेगा। खास बात ये है कि टिड्डी दलों के छह-सात झुंड अलग-अलग हो गए हैं। फिलहाल संकेत मिले हैं कि ये सभी दल टड़ियावां, हरियावां और कोथावां की तरफ से सीतापुर चले गए हैं।
रात में दवा का छिड़काव करें किसान
उपनिदेशक कृषि ने किसानों को सलाह दी है कि दिन में दवा का छिड़काव टिड्डी दलों पर करना उचित नहीं है, क्योंकि ये दिन में एक जगह नहीं बैठतीं हैं। किसानों को चाहिए कि दिन में अपने खेतों पर तेज आवाज करें, डीजे बजा सकते हैं या फिर ढोल, मजीरा, टिन भी बजाई जा सकती है। धुआं करने से भी टिड्डी दल भागते हैं। रात के समय रसायनों का छिड़काव किया जा सकता है क्योंकि तब टिड्डी दल खेतों में बैठते हैं।
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सवायजपुर के नगरिया साधौ, हर्रैया, पिथनापुर, महसूलापुर, सदुल्लीपुर में टिड्डी दलों ने हमला किया। खेतों में काम कर रहे किसानों ने थाली, ढोल और ताली बजाकर इन्हें भगाने की कोशिश की। टिड्डियों ने मक्का, धान और गन्ने की फसल चट कर दी। शनिवार रात भी टिड्डी दलों ने ग्राम गौरिया, बम्हरौली में हमला किया था। किसान प्रदीप, हरीराम कुशवाहा आदि ने बताया कि टिड्डी दलों के हमले से फसलें बर्बाद हो गईं हैं। एसडीएम सवायजपुर मनोज सागर का कहना है कि नुकसान के आंकलन के लिए लेखपालों की टीम गठित कर दी है। कृषि विभाग भी नुकसान का आंकलन करा रहा है।
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हरपालपुर प्रतिनिधि के अनुसार टिड्डी दलों ने खद्दीपुर, बरान, परचौली, जुग्गापुरवा, हरपालपुर, सतौथा, पलिया, ककरा इलाके में भी हमला किया। किसानों ने थाली बजाकर और आग जलाकर टिड्डियों को भगाया। सांडी प्रतिनिधि के अनुसार बम्हटापुर, नयागांव, लक्षनपुरवा, भौराजपुर, आदमपुर में किसानों ने पटाखे जलाकर टिड्डी दलों को भगाया।
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सुरसा प्रतिनिधि के अनुसार ग्राम सुरसा, खजुरहरा, ओदरा नेवलिया, अमरापुर, नेवादा आदि गांवों में टिड्डी दल रविवार दोपहर खेतों पर बैठ गए। किसानों ने उन्हें भगाने का प्रयास किया। हरियावां प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के लगभग 10 गांवों में टिड्डी दलों ने हमला किया। कोरिगवां, मदरावां, शाहपुर, कसियापुर, देवरिया, बेलहईया, भदेवरा, अहमदी, उतरा, वीरमखेड़ा में टिड्डी दल नजर आए। पिहानी विकास खंड के अरुआ पारा में टिड्डी दलों का प्रकोप देख किसान दहशत में दिखे। बेहटागोकुल प्रतिनिधि के अनुसार टिड्डी दलों ने बावन, मुजाहिदपुर, दुलारपुर के रास्ते बबनापुर, सकतपुर, बरखेरा, अल्लीपुर, नयागांव, काशीपुर का रुख किया तो दूसरे झुंड ने ऐजा, दहेलिया, औहदपुर, भीखपुर में किसानों की फसलें चट कर दीं।
हवा के बदले रुख से आ रहे, खतरा बरकरार
उपनिदेशक कृषि डॉ. आशुतोष मिश्र का कहना है कि टिड्डी दल रविवार को अहिरोरी विकास खंड के मदारा और टिकारा में रुका था। यहां दवा का छिड़काव करा दिया गया। एक दूसरा टिड्डी दल बावन विकास खंड के ग्राम पकरी, धर्मपुर और सोनेपुर में रुका था, वहां भी छिड़काव करा दिया गया। ट्रैक्टर माउंटेट स्प्रेयर, अग्निशमन वाहन का इस्तेमाल कर रसायनों का छिड़काव कराया गया है। टिड्डी दल आसपास के जिलों से हवा के रुख के अनुसार आ रहे हैं। आने वाले दिनों में भी टिड्डी दलों का खतरा बना रहेगा। किसानों को भी जागरूक रहना पड़ेगा। खास बात ये है कि टिड्डी दलों के छह-सात झुंड अलग-अलग हो गए हैं। फिलहाल संकेत मिले हैं कि ये सभी दल टड़ियावां, हरियावां और कोथावां की तरफ से सीतापुर चले गए हैं।
रात में दवा का छिड़काव करें किसान
उपनिदेशक कृषि ने किसानों को सलाह दी है कि दिन में दवा का छिड़काव टिड्डी दलों पर करना उचित नहीं है, क्योंकि ये दिन में एक जगह नहीं बैठतीं हैं। किसानों को चाहिए कि दिन में अपने खेतों पर तेज आवाज करें, डीजे बजा सकते हैं या फिर ढोल, मजीरा, टिन भी बजाई जा सकती है। धुआं करने से भी टिड्डी दल भागते हैं। रात के समय रसायनों का छिड़काव किया जा सकता है क्योंकि तब टिड्डी दल खेतों में बैठते हैं।

फोटो-45- टिड्डी दलों की सूचना पर रसायन के छिड़काव को रवाना होते अग्रिशमन वाहन। संवाद- फोटो : HARDOI