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Hardoi News: पांच ऑक्सीजन प्लांट फिर भी कंसंट्रेटर से मरीजों को ऑक्सीजन
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हरदोई। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद जिला अस्पताल परिसर में स्थापित किए गए ऑक्सीजन प्लांट शो-पीस बनकर रह गए हैं। अस्पताल में प्लांट लगे होने के बाद भी इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों काे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से दी जा रही है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान बड़ी संख्या में मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी थी। तब ऑक्सीजन न मिलने के कारण भी बड़ी संख्या में लोगों की मौत हाेने की बात सामने आई थी। भविष्य में ऐसी अप्रिय स्थिति न बने इसलिए अलग अलग मदों से अस्पताल परिसर में ही ऑक्सीजन प्लांट लगवा दिए गए थे। पीएम केयर फंड के साथ ही विभिन्न निजी क्षेत्र की कंपनियों ने भी ऑक्सीजन प्लांट लगवाने में सहयोग किया था। मौजूदा समय में इनमें से एक भी प्लांट का इस्तेमाल ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए नहीं किया जा रहा है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों को आवश्यकता पर कंसंट्रेटर लगाकर ऑक्सीजन दी जा रही है, जबकि ऑक्सीजन प्लांट से सीधी सप्लाई के लिए भी पाइप लाइन पूरे अस्पताल परिसर में पड़ी हुई है।
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आर्य देश दीपक ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट का इस्तेमाल न होने की जानकारी नहीं थी। अब पता चला है तो पूरी जानकारी कर व्यवस्था सुचारू रूप से चालू कराई जाएगी।
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शिब्बापुरवा निवासी जितनी देवी (75) की मंगलवार शाम तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। सांस लेने में दिक्कत थी तो कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन लगाई गई।
सांडी के नेकपुर निवासी सोमवती (60) बुधवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंची। उनकी सांस फूल रही थी। डाक्टर ने उन्हें इमरजेंसी वार्ड में एक बेड पर लिटाया और कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन लगाई गई।
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान बड़ी संख्या में मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी थी। तब ऑक्सीजन न मिलने के कारण भी बड़ी संख्या में लोगों की मौत हाेने की बात सामने आई थी। भविष्य में ऐसी अप्रिय स्थिति न बने इसलिए अलग अलग मदों से अस्पताल परिसर में ही ऑक्सीजन प्लांट लगवा दिए गए थे। पीएम केयर फंड के साथ ही विभिन्न निजी क्षेत्र की कंपनियों ने भी ऑक्सीजन प्लांट लगवाने में सहयोग किया था। मौजूदा समय में इनमें से एक भी प्लांट का इस्तेमाल ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए नहीं किया जा रहा है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों को आवश्यकता पर कंसंट्रेटर लगाकर ऑक्सीजन दी जा रही है, जबकि ऑक्सीजन प्लांट से सीधी सप्लाई के लिए भी पाइप लाइन पूरे अस्पताल परिसर में पड़ी हुई है।
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मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आर्य देश दीपक ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट का इस्तेमाल न होने की जानकारी नहीं थी। अब पता चला है तो पूरी जानकारी कर व्यवस्था सुचारू रूप से चालू कराई जाएगी।
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शिब्बापुरवा निवासी जितनी देवी (75) की मंगलवार शाम तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। सांस लेने में दिक्कत थी तो कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन लगाई गई।
सांडी के नेकपुर निवासी सोमवती (60) बुधवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंची। उनकी सांस फूल रही थी। डाक्टर ने उन्हें इमरजेंसी वार्ड में एक बेड पर लिटाया और कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन लगाई गई।