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इंतजार खत्म, अब घूमने वाला है झूला
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हरदोई। नुमाइश के मैदान में शगुन का नारियल फूटने वाला है। फिर नुमाइश का आसमानी झूला भी जल्द घूमता नजर आएगा।
रंग-बिरंगे खिलौनों और जरूरत के सामानों से सजीं दुकानें इस बार भी लोगों को लुभाएंगे। प्रशासन लोकतंत्र के महापर्व को मनाने के बाद अब नुमाइश व रामलीला को हरी झंडी देने की तैयारी कर रहा है।
विधानसभा चुनाव में सुरक्षा संसाधनों की व्यस्तता की वजह से नुमाइश के भूमि पूजन कार्यक्रम को टाल दिया गया था।
पिछले 115 वर्षों से जिले और आसपास के जनपदों के लोगों की पसंद बनी नुमाइश व रामलीला का शेड्यूल इस बार पहले कोरोना संक्रमण और बाद में चुनावी व्यस्तता की वजह से करीब एक माह लेट हो गया है।
हर वर्ष जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में नुमाइश की शुरुआत हो जाती है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि इसकी अनुमति के लिए प्रशासन तैयार हो गया है।
नुमाइश और रामलीला कमेटी ने पहले 16 फरवरी को भूमि पूजन की अनुमति मांगी थी, लेकिन सुरक्षा संसाधनों की कमी के साथ चुनावी व्यस्तता की वजह से पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराना संभव नहीं हो रहा था।
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लिहाजा, प्रशासनिक अधिकारियों ने विधानसभा चुनाव के मतदान तक नुमाइश की अनुमति नहीं देने की निर्णय लिया था। सिटी मजिस्ट्रेट सदानंद गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में बड़े अफसरों और पुलिस अधिकारियों से विमर्श कर एक-दो दिन में नुमाइश की अनुमति प्रदान कर दी जाएगी।
नुमाइश मैदान में शुरू हो गई तैयारी
चुनावी व्यस्तता की वजह से प्रशासन ने औपचारिक रूप से नुमाइश के अनुमति प्रदान नहीं की है, लेकिन समिति ने अपनी तैयारियां धीरे-धीरे शुरू कर दी हैं। ताकि अनुमति मिलने के बाद नुमाइश सजाने में समय जाया न हो। मैदान में कुछ साफ्टी की दुकानें व आसमानी झूला लगने भी लगे हैं।
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रंग-बिरंगे खिलौनों और जरूरत के सामानों से सजीं दुकानें इस बार भी लोगों को लुभाएंगे। प्रशासन लोकतंत्र के महापर्व को मनाने के बाद अब नुमाइश व रामलीला को हरी झंडी देने की तैयारी कर रहा है।
विधानसभा चुनाव में सुरक्षा संसाधनों की व्यस्तता की वजह से नुमाइश के भूमि पूजन कार्यक्रम को टाल दिया गया था।
पिछले 115 वर्षों से जिले और आसपास के जनपदों के लोगों की पसंद बनी नुमाइश व रामलीला का शेड्यूल इस बार पहले कोरोना संक्रमण और बाद में चुनावी व्यस्तता की वजह से करीब एक माह लेट हो गया है।
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हर वर्ष जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में नुमाइश की शुरुआत हो जाती है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि इसकी अनुमति के लिए प्रशासन तैयार हो गया है।
नुमाइश और रामलीला कमेटी ने पहले 16 फरवरी को भूमि पूजन की अनुमति मांगी थी, लेकिन सुरक्षा संसाधनों की कमी के साथ चुनावी व्यस्तता की वजह से पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराना संभव नहीं हो रहा था।
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लिहाजा, प्रशासनिक अधिकारियों ने विधानसभा चुनाव के मतदान तक नुमाइश की अनुमति नहीं देने की निर्णय लिया था। सिटी मजिस्ट्रेट सदानंद गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में बड़े अफसरों और पुलिस अधिकारियों से विमर्श कर एक-दो दिन में नुमाइश की अनुमति प्रदान कर दी जाएगी।
नुमाइश मैदान में शुरू हो गई तैयारी
चुनावी व्यस्तता की वजह से प्रशासन ने औपचारिक रूप से नुमाइश के अनुमति प्रदान नहीं की है, लेकिन समिति ने अपनी तैयारियां धीरे-धीरे शुरू कर दी हैं। ताकि अनुमति मिलने के बाद नुमाइश सजाने में समय जाया न हो। मैदान में कुछ साफ्टी की दुकानें व आसमानी झूला लगने भी लगे हैं।