फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   The roads were opened injured development claims pole

जख्मी सड़कें खोल रहीं विकास के दावों की पोल

Sat, 20 Jun 2015 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Sat, 20 Jun 2015 12:36 AM IST
विज्ञापन
The roads were opened injured development claims pole

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों मेेें बनी सड़कें बदहाल

विज्ञापन
स्थिति में पहुंच गई है। कई सड़कों की हालत यह है कि सड़क में गड्ढे या गड्ढे में सड़क यह कह पाना मुश्किल हो रहा। आलम यह है कि जो सड़कें बन रहीं, उनकी गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसका खामियाजा क्षेत्र के बाशिंदों को भुगतना पड़ रहा है।

बिलग्राम और सवायजपुर तहसील क्षेत्र की सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीण कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके, पर जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पड़ोसी जनपद कन्नौज को जोड़ने वाले राघौपुर मार्ग इलाकाई ग्रामीणों के लंबे संघर्ष के बाद करीब तीन साल पहले गिट्टी डामर से बनाया गया था।

सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगाते हुए शिकायत की, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिसका नतीजा यह रहा कि दो साल में यह सड़क उखड़ गई। आज यह सड़क गड्ढों में तब्दील है। जिसके चलते कल्यानपुर, नरायनपुर, ठठिया, शुक्लापुर समेत करीब दो दर्जन गांवों के करीब 20 हजार ग्रामीण परेशान हैं।

शिकायत के बावजूद कोई अफसर ध्यान नहीं दे रहा। यह स्थिति तब है जब कन्नौज से सीएम की पत्नी डिंपल यादव सांसद हैं। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसी तरह गंज जलालाबाद व दारूकुइयां मार्ग से डामर व गिट्टी गायब हो चुकी है।

इस क्षेत्र से संडीला जाने वाले इस प्रमुख मार्ग का निर्माण करीब 45 साल पहले कराया गया था। उसके बाद इस सड़क की मरम्मत कराना तक उचित नहीं समझा गया। लालपुर और नसीरपुर चौराहे के  बीच डामरीकरण न करने से नुकीले पत्थर राह में बाधा डाल रहे हैं।

गंज जलालाबाद के प्रधान अखिलेश कटियार, दारूकुइयां के प्रधान अयोध्या प्रसाद अग्निहोत्री का कहना है कि हर बार चुनाव में सड़क बनवाने का मुद्दा उठता है, पर चुनाव जीतने के बाद इस ओर सांसद और विधायक मुड़कर भी नहीं देखते। इस सड़क से करीब 15 गांवों के बाशिंदे अपना सफर तय करते हैं।

उधर, मल्लावां-बरौना मार्ग के बीच करीब 10 किमी की सड़क का निर्माण एक दशक पहले कराया गया था। तब से आज तक इस सड़क की मरम्मत तक नहीं कराई गई। सड़क के गड्ढों से होकर गुजरना लोगों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। बारिश के दौरान इस सड़क पर आए दिन हादसे होते रहते हैं।

बरौना के प्रधान झुन्नीलाल, सलेमपुर के प्रधान प्रतिनिधि गुड्डू, दारापुर के प्रधान गंगाराम का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर पीडब्ल्यूडी के अफसरों से लेकर डीएम को कई बार पत्र दे चुके हैं, पर किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से करीब एक सैकड़ा गांव के बाशिंदे अपना सफर तय करते हैं।

उन्हें भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, सवायजपुर तहसील क्षेत्र के मिरगावां मार्र्ग, सलेमपुर मार्ग, रूपापुर से भरखनी अनंगपुर मार्ग, हरपालपुर क्षेत्र के चौंसार, बरौलिया से श्रीमऊ समेत करीब एक दर्जन मार्गों की स्थिति बदहाल है। इस सड़कों पर वाहन तो दूर पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा है।

हैरत की बात है कि इन इलाकों में अब अधिकारी भी जाने से कतराते हैं। यही वजह है कि अब सड़कों की मरम्मत की ओर भी विभागीय अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed