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लौली में पंचायत भवन का पिलर धंसा, पड़ी दरार
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भरावन। भरावन विकास खंड की ग्राम पंचायत लौली मेें राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत निर्माणाधीन पंचायत भवन की छत के निकट दीवार में दरार पड़ गई है। एक पिलर धंस जाने से पड़ी दरार ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल दी है।
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत लौली में पंचायत भवन का निर्माण करने के लिए 21 लाख 91 हजार रुपये का प्रस्ताव पास हुआ था। दस लाख 45 हजार 136 रुपये का भुगतान भी पंचायत भवन के लिए किया जा चुका है। निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही घटिया सामग्री का इस्तेमाल होना शुरू हो गया था। ग्रामीणों ने निर्माण शुरू होने के बाद कई बार आपत्ति भी दर्ज कराई, लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया।
लेंथ लेवल पर मजबूती न देकर पंचायत भवन को खड़ा कर छत डालकर प्लास्टर कर दिया गया। प्लास्टर होने के बाद पंचायत भवन के बीच में स्थित एक पिलर जमीन में धंस गया इस कारण दीवार में दरार आ गई है। बीडीओ सुधीर कुमार का कहना है कि जानकारी मिली है। जल्द ही स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित ग्राम सचिव को नोटिस दिया जाएगा।
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यह तर्क भी खूब
खंड विकास अधिकारी सुधीर कुमार से जब पंचायत भवन का पिलर धंस जाने और इसके कारण दीवार में दरार आने के बारे में पूछा गया तो, उन्होंने एक गजब का तर्क दिया। बताया कि जिस जगह पर पंचायत भवन का निर्माण हो रहा है। यहां पहले तालाब था। इसी वजह से पिलर धंस गया और दरार आ गई। अब सवाल यह है कि एक ओर तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर तालाब की जमीन पर पंचायत भवन बनाया जा रहा है तो इसके लिए भी जिम्मेदार कौन है।
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राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत लौली में पंचायत भवन का निर्माण करने के लिए 21 लाख 91 हजार रुपये का प्रस्ताव पास हुआ था। दस लाख 45 हजार 136 रुपये का भुगतान भी पंचायत भवन के लिए किया जा चुका है। निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही घटिया सामग्री का इस्तेमाल होना शुरू हो गया था। ग्रामीणों ने निर्माण शुरू होने के बाद कई बार आपत्ति भी दर्ज कराई, लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया।
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लेंथ लेवल पर मजबूती न देकर पंचायत भवन को खड़ा कर छत डालकर प्लास्टर कर दिया गया। प्लास्टर होने के बाद पंचायत भवन के बीच में स्थित एक पिलर जमीन में धंस गया इस कारण दीवार में दरार आ गई है। बीडीओ सुधीर कुमार का कहना है कि जानकारी मिली है। जल्द ही स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित ग्राम सचिव को नोटिस दिया जाएगा।
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खंड विकास अधिकारी सुधीर कुमार से जब पंचायत भवन का पिलर धंस जाने और इसके कारण दीवार में दरार आने के बारे में पूछा गया तो, उन्होंने एक गजब का तर्क दिया। बताया कि जिस जगह पर पंचायत भवन का निर्माण हो रहा है। यहां पहले तालाब था। इसी वजह से पिलर धंस गया और दरार आ गई। अब सवाल यह है कि एक ओर तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर तालाब की जमीन पर पंचायत भवन बनाया जा रहा है तो इसके लिए भी जिम्मेदार कौन है।