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Hardoi News: छतों से गुजरी हादसों की लाइन, किसकी जिम्मेदारी?

Fri, 15 Sep 2023 11:31 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Sep 2023 11:31 PM IST
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The line of accidents passed through the roofs, whose responsibility is it
संवाद न्यूज एजेंसी
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हरदोई। शहर व उनसे सटे मोहल्लों में मकानों की छतों से गुजरे बिजली के तार हादसों की लाइन बन गए हैं। ये हाईटेंशन तार जर्जर हो चुके हैं जिनकी वजह से आए दिन कोई न कोई हादसा होता रहता है। लाइन के नीचे या आसपास कोई भवन निर्माण नहीं हो सकता है। गुरुवार को विभूति नगर में टूटे तार की वजह से एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। बिजली विभाग इसकी जिम्मेदारी लोगों के सिर फोड़ने पर लगी है वहीं लोग इसके लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
शहर में आठ विद्युत उपकेंद्र के लिए 220 मन्नापुरवा के लिए 33 केवीए उपकेंद्र की हाईटेंशन लाइन बनी हुई है। शहर के सांडी रोड उपकेंद्र, चरौली उपकेंद्र, सांडी ग्रामीण और तत्योरा उपकेंद्र को जाने वाली हाईटेंशन लाइन के आसपास कई मोहल्ले बस गए है।
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शहर के रद्वेपुरवा से लेकर आजाद नगर, सुभाष नगर, नुमाइश पुरवा, राम नगरिया, विभूति नगर, राधा नगर, प्रेम नगर कालोनी सहित कई मोहल्लों में हाईटेंशन लाइन मकानों के ऊपर से निकली है। इससे भवन निर्माण के दौरान भी कई हादसे हो चुके हैं। लोग एक मंजिल के ऊपर मकान नहीं बना पा रहे हैं।
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राधा नगर और विभूति नगर में कई घरों के बीच में हाईटेंशन लाइन के विद्युत पोल लगे हैं। इससे बारिश में घरों में करंट दौड़ जाता है। लोग छतों पर जाने से बचते हैं। वहीं कई बार तेज वोल्टेज आने से घरों के उपकरण भी जल जाते हैं। गुरुवार को विभूति नगर में हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से एक महिला झुलस गई थी।
वहीं चार घरों के उपकरण जल गए थे। राधा नगर में भवन निर्माण के दौरान कई मजदूरों की जान जा चुकी है। मगर इसके बावजूद बिजली विभाग नहीं सुधरा।
इंसेट
प्रापर्टी डीलरों ने किया वादा, बाद में न कराया काम

विभूति नगर निवासी हरिराम, वीरेंद्र कुमार, राधा नगर निवासी अनिल कुमार, राम सेवक यादव ने बताया कि जिस समय हम लोगों ने प्लाॅट खरीदे थे। उस समय प्रापर्टी डीलर ने बिजली लाइन को जल्द हटवाने का वादा किया था, मगर 10 साल बाद भी लाइन नहीं हटी है।
इंसेट
सुरक्षा अधिनियम के तहत लाइन के नीचे नहीं हो सकता स्थाई व अस्थाई निर्माण
बिजली सुरक्षा अधिनियम के तहत बिजली लाइन के नीचे कोई भी स्थाई व अस्थाई निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता है। बिजली लाइन से भवन की दूरी कम से कम तीन मीटर होनी चाहिए।

इंसेट
आबकारी मंत्री ने घटना का लिया संज्ञान
आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने गुरुवार को विभूति नगर में हाईटेंशन लाइन से हुई घटना का संज्ञान लिया और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक से हाईटेंशन लाइन हटाने के संबंध में वार्ता की और विकल्प तलाशने के निर्देश दिए। इस पर एमडी ने विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्था से सर्वे कर कार्ययोजना सोमवार को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

वर्जन

बिजली लाइन काफी पुरानी है। उसके नीचे लोगों ने मकान बनवा लिए है। जो विद्युत सुरक्षा अधिनियम के तहत गैर कानूनी है। ऐसे मकानों का नाक्शा भी पास नहीं किया जा सकता है। बिजली लाइन को हटाने की प्रक्रिया काफी जटिल है। उसको हटाना स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है। जिनके बिजली लाइन के नीचे भवन बनें हैं, उनको नोटिस जारी की गई है। प्रशासन से ऐसे निर्माण का ध्वस्त कराने के लिए लिखा जाएगा।



रविंद्र कुमार ढोलका, अधिशासी अभियंता
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