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मानव शरीर को देवता भी लालायित
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 24 Feb 2015 12:36 AM IST
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गुरु रविदास स्मारक समिति के तत्वावधान में सोमवार को
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संत निरंकारी मिशन के सद्गुरु बाबा हरदेव सिंह महाराज का जन्म दिवस मनाया
गया। पूर्व सांसद बाबू किंदरलाल के आवास पर आयोजित सत्संग में कई क्षेत्रों
से आए विद्वानों ने गुरु की महिमा का बखान किया।
संत निरंकारी मिशन के सद्गुरु बाबा हरदेव सिंह महाराज के जन्म दिवस पर सत्संग का आयोजन हुआ। महात्मा मन्नीलाल शास्त्री ने बताया कि मानव शरीर सबसे उत्तम शरीर है, इसको पाने के लिए देवता भी लालायित रहते हैं। कहा कि मानव योनि में ही अपने करमों के द्वारा मोक्ष को प्राप्त किया जा सकता है, जबकि अन्य सब तो भोग की योनियां हैं।
संदीप कुमार अंशू ने कहा कि गुरु की महिमा को सदियों से महापुरुषों द्वारा गायी जा रही है। गुरु का जीवन में सर्वोच्च स्थान होता है। सतगुरु निरंकारी बाबा ने सभी समाजों को एक रस व्यक्त हुए प्रेम का उपदेश दिया और कहा कोई धर्म तोड़ता नहीं बल्कि जोड़ता है।
नरेश कुमार ने कहा कि जो ज्ञान आज हमारा सद्गुरु दे रहा है, वह ब्रह्म ज्ञान है। इस ज्ञान को रविदास जी से पाकर तो मीरा भी नाच उठी थीं। ऐसा दुर्लभ ज्ञान आज बड़ी ही सहजता से बाबा जी दे रहे हैं।
सत्संग में जनपद से तमाम विद्वानों ने आकर अपने विचारों से लोगों को अवगत कराया। सत्संग के बाद लंगर भी आयोजित किया गया। इस मौके पर निरंकार मंडल के संजीव सक्सेना, राम कुमार, विकास, जितेंद्र, तबजुल अशोक कुमार मौजूद थे।
संत निरंकारी मिशन के सद्गुरु बाबा हरदेव सिंह महाराज के जन्म दिवस पर सत्संग का आयोजन हुआ। महात्मा मन्नीलाल शास्त्री ने बताया कि मानव शरीर सबसे उत्तम शरीर है, इसको पाने के लिए देवता भी लालायित रहते हैं। कहा कि मानव योनि में ही अपने करमों के द्वारा मोक्ष को प्राप्त किया जा सकता है, जबकि अन्य सब तो भोग की योनियां हैं।
संदीप कुमार अंशू ने कहा कि गुरु की महिमा को सदियों से महापुरुषों द्वारा गायी जा रही है। गुरु का जीवन में सर्वोच्च स्थान होता है। सतगुरु निरंकारी बाबा ने सभी समाजों को एक रस व्यक्त हुए प्रेम का उपदेश दिया और कहा कोई धर्म तोड़ता नहीं बल्कि जोड़ता है।
नरेश कुमार ने कहा कि जो ज्ञान आज हमारा सद्गुरु दे रहा है, वह ब्रह्म ज्ञान है। इस ज्ञान को रविदास जी से पाकर तो मीरा भी नाच उठी थीं। ऐसा दुर्लभ ज्ञान आज बड़ी ही सहजता से बाबा जी दे रहे हैं।
सत्संग में जनपद से तमाम विद्वानों ने आकर अपने विचारों से लोगों को अवगत कराया। सत्संग के बाद लंगर भी आयोजित किया गया। इस मौके पर निरंकार मंडल के संजीव सक्सेना, राम कुमार, विकास, जितेंद्र, तबजुल अशोक कुमार मौजूद थे।