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पार्कों की हरियाली पर जिम्मेदारों का ग्रहण!

Sun, 18 Jan 2015 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Sun, 18 Jan 2015 11:56 PM IST
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The greening of parks assumed officers !

आवास विकास परिषद द्वारा विकसित की गई शहर की एक

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मात्र सबसे बड़ी कालोनी आवास विकास कालोनी पर अव्यवस्थाओं के मकड़जाल में फंसकर बदहाल है। शहर की सबसे अच्छी एवं वीआईपी कालोनी माने जाने वाली इस कालोनी में कई विधायकों, पूर्व सांसद एवं अफसरों के साथ बड़े व्यापारियों के आवास हैं। इसके साथ ही इस कालोनी में स्कूल भी संचालित हो रहे है। पिछले लंबे समय से अवयवस्थाएं है और जिम्मेदार बेखबर बने हुए हैं।

आलम यह है कि पार्कों में कहीं कंड़े पाथे जा रहे है और गोबरों के ढेर लगे हुए हैं, तो कहीं पार्कों में निर्माण सामग्री का जमावड़ा है। पार्कों में हरियाली तो दूर साफ सफाई तक नहीं है। लोगों को हरियाली वातावरण के साथ वृक्षों के माध्यम से आक्सीजन देने के लिए बनाए जाने वाले पार्क खुद ही आक्सीजन मांग रहे हैं।

ज्ञात हो कि लखनऊ रोड, सरकुलर रोड, नघेटा रोड से जुड़ी इस कालोनी को 1980 के दशक में आवास विकास परिषद द्वारा बसाया गया था। यहां सबसे ज्यादा खराब हालत पार्कों एवं साफ सफाई व्यवस्था की है। आवास विकास परिषद ने यह कालोनी बसाने को जमीन अधिग्रहीत की थी।

उसके बाद भूखंड एवं भवन बेंचने का काम किया, पर पार्कों के डेवलेपमेंट के नाम पर कुछ खास नहीं किया गया, जिसका नतीजा है कि पार्कों पर अतिक्रमण हो गया। उधर, शहर की सबसे बड़ी कालोनी आवास विकास कालोनी जिसमें कई जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के आवास हैं।

वहां के पार्कों में लगे कूड़े कचरे के ढेर और गोबर कंड़े स्वच्छता अभियान को आईना दिखा रहे हैं। साफ सफाई को लेकर नगर पालिका के लिए भी बदहाल पार्क आईना बने हुए हैं, तो वहीं आवास विकास परिषद की व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा रहे हैं।

आवास विकास कालोनी डी ब्लाक एरिया क्षेत्र में तमाम ख्याति प्राप्त लोग रहते हैं, मगर इसके बाद भी पार्क के हाल बेहाल हैं। बदहाल पार्क में हरियाली तो दूर सुबह शाम की चहलकदमी तक के लिए सुविधा नहीं रह गई है। कूड़ा-करकट के साथ ही निर्माण सामग्री का जमावड़ा रहता है।

जिससे न तो वहां साफ सफाई होती है और न ही पार्क को दुरुस्त करने के प्रयास, लिहाजा पार्क बदहाल पड़ा हुआ है। आवास विकास कालोनी में निकट सरकुलर रोड एरिया क्षेत्र में पूर्व ब्लाक प्रमुख पन्ने सिंह के अलावा तमाम ख्याति प्राप्त लोगों के आवास हैं।

यहां तमाम टीचरों के आवास होने के साथ दुर्बल आय एवं अल्प आय वर्ग के भवन भी बने हुए हैं, जिनमें लोग निवास कर रहे हैं। इनके पास स्थित पार्क पूरी तरह से अतिक्रमण का शिकार है। ग्रीन पार्क की उम्मीद और कल्पना करना व्यर्थ है। यहां लोगों ने निजी तौर पर इस पर अतिक्रमण कर लिया है।

आवास विकास कालोनी के एलआईसी कार्यालय के पास का एरिया में एक बड़ा पार्क स्थित है। पार्क में न तो हरियाली है और न ही घास न ही लोगों के बैठने के लिए बेंच आदि। पार्क पूरी तरह से बदहाली का शिकार है और यहां भी कूड़ा कचरा तथा गोबर आदि का अतिक्रमण पार्क के अस्तित्व को निगल गया, मगर जिम्मेदारों को परवाह नहीं है।

पार्क अतिक्रमण का शिकार हो गया, लिहाजा बच्चों को खेलने के लिए और बड़ों को वॉक के लिए सड़कों का सहारा लेना पड़ता है। कालोनी में बीएसएनएल के अफसरों के लिए बनी कालोनी के पास किस तरह से कचरा डालने के साथ गोबर डालना और कंडे़ बनाकर लगाने का कार्य किया जा रहा है किसी से छिपा नहीं है।

पूरा पार्क इसी अतिक्रमण का शिकार है। चारों तरफ से गोबर और कचरे की महक माहौल को खराब करती है, पर जिम्मेदार इस ओर बेपरवाह बने हुए हैं। उध्ार, बच्चा बाबा आश्रम के निकट का क्षेत्र में भी पार्क की हालत बदहाल है। आलम है कि पार्क सिर्फ ओपेन स्पेस बन कर रहा गया है। यहां भी साफ सफाई न होने के कारण पार्क का अस्तित्व ही संकट है।

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