फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   TB free in six months with Bpalm regimen treatment

Hardoi News: बीपालएम रेजिमेन इलाज से छह माह में टीबी रोग से मुक्ति

Wed, 11 Jun 2025 10:47 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Jun 2025 10:47 PM IST
विज्ञापन
TB free in six months with Bpalm regimen treatment
हरदोई। क्षय रोग (टीबी) के इलाज को पूरा कराने में मरीजों को 18 से 20 माह का इंतजार करना पड़ता है और हैवी डोज वाली मेडिसिन लेनी पड़ती है। मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट टीबी कि एमडीआर टीबी से पीड़ित मरीजों का अब छह माह में इलाज हो सकेगा। मेडिकल कॉलेज स्थित जिला क्षय केंद्र पर बीपालएम रेजिमेन तकनीक से मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन

मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट टीबी संक्रमण का ही एक रूप है। इसमें टीबी बैक्टीरिया सामान्य टीबी दवाओं के प्रभाव से बच सकते हैं। मरीज टीबी का इलाज बीच में छोड़ देता है या फिर दवा का गलत प्रयोग करता है तो स्थिति उत्पन्न होती है। एमडीआर टीबी के लक्षण में लगातार तीन सप्ताह से ज्यादा खांसी, खून के साथ खांसी, तेज बुखार, रात में पसीना, वजन में अचानक कमी, थकान व कमजोरी महसूस होने के साथ ही सीने में दर्द होता है। एमडीआर टीबी के मरीजों को अभी तक लखनऊ मेडिकल कॉलेज स्थित नोडल डीआर टीबी सेंटर भेजा जाता था। वहां से दवा का कोर्स देकर जिला क्षय केंद्र भेजा जाता है।
विज्ञापन

हालांकि, कुछ समय पहले जिला क्षय केंद्र के पास डीआर टीबी वार्ड संचालित हो गया। एमडीआर मरीज अभी तक 24 महीने दवा खाते थी, इसके बाद 18 माह का रेजिमेन आया, लेकिन अब बीपालएम रेजिमेन से सिर्फ छह माह में संक्रमण मुक्त होकर मरीज स्वस्थ हो सकेगा। बुधवार को रिस्पेट्री मेडिसिन विभागाध्यक्ष शिवम गुप्ता ने डीआर टीबी वार्ड में दवा शुरू कर दी गई। इस मौके पर डाॅ. नोमान उल्ला, डाॅ. प्रदीप कुमार, डाॅ. निखिल, जावेद खान, हरिनाम सिंह, मनोहर लाल माथुर मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन



क्या है बीपालएम रेजिमेन तकनीक
हरदोई। बीपालएम रेजिमेन तकनीक चार दवाओं का कॉम्बिनेशन है। इसमें बेडाक्विलाइन, प्रीटोमैनिड (नई दवा), लाइनजोलिड, मॉक्सीफ्लोक्सासिन जैसी दवा शामिल हैं। यह दवाएं मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट टीबी के संक्रमण को कम करने में मदद करती है। इस दवा को केवल छह माह खाने की जरूरत होती है। इसके साइड इफेक्ट भी बहुत कम हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed