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चीनी मिलें दिला रहीं निशुल्क शिक्षा, थोड़ी मस्ती थोड़ी पढ़ाई
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हरियावां (संवाद)। कोरोना संकट के बीच शिक्षण कार्य चुनौती बना हुआ है। ऐसे में जिले की तीन चीनी मिलें प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की मदद से 62 गांवों में ऑनलाइन शिक्षण का कार्यक्रम नि:शुल्क चला रहीं हैं। खुशहाली कार्यक्रम के तहत थोड़ी मस्ती थोड़ी पढ़ाई के जरिए बच्चों को जानकारियां दी जा रही हैं।
जनपद में तीन चीनी मिलें हरियावां, लोनी और रूपापुर में हैं। तीनों चीनी मिलों ने शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाली प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की मदद से विद्यार्थियों को कोरोना काल में भी बेहतर शिक्षा देने की कवायद की है। इसके तहत पढ़ाई इस ढंग से कराई जाती है कि विद्यार्थियों को ये बोझ न लगे। यूं तो इस कार्यक्रम का नाम खुशहाली दिया गया है, लेकिन इन दिनों चल रहे अभियान को थोड़ी मस्ती-थोड़ी पढ़ाई नाम दिया गया है। तीनों चीनी मिलों ने लगभग सभी ग्राम पंचायतों में अपने दस-दस स्वयंसेवियों को पहले से ही जोड़ रखा है। औसतन इनमें से प्रत्येक गांव में छह स्वयं सेवी सक्रिय भी रहते हैं। इन्हीं के माध्यम से पूरी योजना को धरातल पर उतारा जा रहा है।
40 स्कूलों के लिए दिए टैबलेट, बाकी में मोबाइल फोन से पढ़ाई
हरियावां चीनी मिल के यूनिट हेड प्रतीप त्यागी ने बताया कि चीनी मिल की ओर से 40 टैबलेट ग्राम पंचायतों में स्कूलों को दिए गए हैं। 22 जगहों पर मोबाइल फोन से पढ़ाई कराई जा रही है। सामान्य ज्ञान, गणित, कंप्यूटर शिक्षा और बेसिक नॉलेज का ऑनलाइन ज्ञान दिया जा रहा है।
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घरों और चौपालों पर हो रही परीक्षाएं
विद्यार्थियों की पढ़ाई स्कूलों में नहीं हो रही है। सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए चीनी मिलों से जुड़े स्वयंसेवी अपने घरों पर या फिर चौपालों पर ही परीक्षाएं भी लेते हैं और कक्षाएं भी लगा लेते हैं। ऑनलाइन पढ़ाई भी होती है। जब कभी परीक्षाओं का आयोजन करना होता है तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाता है।
ब्लाक का नाम स्कूल
शाहाबाद 3
टोडरपुर 7
भरखनी 10
पिहानी 15
टड़ियावां 2
बावन 2
हरियावां 22
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जनपद में तीन चीनी मिलें हरियावां, लोनी और रूपापुर में हैं। तीनों चीनी मिलों ने शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाली प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की मदद से विद्यार्थियों को कोरोना काल में भी बेहतर शिक्षा देने की कवायद की है। इसके तहत पढ़ाई इस ढंग से कराई जाती है कि विद्यार्थियों को ये बोझ न लगे। यूं तो इस कार्यक्रम का नाम खुशहाली दिया गया है, लेकिन इन दिनों चल रहे अभियान को थोड़ी मस्ती-थोड़ी पढ़ाई नाम दिया गया है। तीनों चीनी मिलों ने लगभग सभी ग्राम पंचायतों में अपने दस-दस स्वयंसेवियों को पहले से ही जोड़ रखा है। औसतन इनमें से प्रत्येक गांव में छह स्वयं सेवी सक्रिय भी रहते हैं। इन्हीं के माध्यम से पूरी योजना को धरातल पर उतारा जा रहा है।
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40 स्कूलों के लिए दिए टैबलेट, बाकी में मोबाइल फोन से पढ़ाई
हरियावां चीनी मिल के यूनिट हेड प्रतीप त्यागी ने बताया कि चीनी मिल की ओर से 40 टैबलेट ग्राम पंचायतों में स्कूलों को दिए गए हैं। 22 जगहों पर मोबाइल फोन से पढ़ाई कराई जा रही है। सामान्य ज्ञान, गणित, कंप्यूटर शिक्षा और बेसिक नॉलेज का ऑनलाइन ज्ञान दिया जा रहा है।
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घरों और चौपालों पर हो रही परीक्षाएं
विद्यार्थियों की पढ़ाई स्कूलों में नहीं हो रही है। सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए चीनी मिलों से जुड़े स्वयंसेवी अपने घरों पर या फिर चौपालों पर ही परीक्षाएं भी लेते हैं और कक्षाएं भी लगा लेते हैं। ऑनलाइन पढ़ाई भी होती है। जब कभी परीक्षाओं का आयोजन करना होता है तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाता है।
ब्लाक का नाम स्कूल
शाहाबाद 3
टोडरपुर 7
भरखनी 10
पिहानी 15
टड़ियावां 2
बावन 2
हरियावां 22