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Hardoi News: निर्माणाधीन मकान में रस्सी का फंदा गले में फंसने से छात्र की मौत
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पाली। थाना क्षेत्र के खनिकलापुर गांव में निर्माणाधीन मकान में लिंटर से लटकी रस्सियों का फंदा बनाकर खेलते समय एक छात्र की गला कसने से मौत हो गई। गंभीर हालत में परिजन उसे सीएचसी फिर वहां से मेडिकल कॉलेज लेकर गए। डॉक्टराें ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय छात्र ने रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना के बाद से परिजन में कोहराम मचा हुआ है।
गांव निवासी किसान रंजन मिश्रा के घर से करीब 200 मीटर दूर उनका दूसरा मकान बन रहा है। सोमवार शाम उनका बेटा आस्तिक (12) निर्माणाधीन मकान में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। पिता रंजन मिश्रा ने बताया कि मकान में लिंटर डालने के लिए ढोला (शटरिंग) बंधा हुआ था जिससे कई रस्सियां लटक रही थीं। खेलने के दौरान आस्तिक के गले में एक रस्सी का फंदा फंस गया और गला कसने से वह बेहोश हो गया। साथ में दूसरे बच्चों के चिल्लाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और परिजन को सूचना दी।
आस्तिक को फंदे से नीचे उतारा गया और आनन फानन सीएचसी पाली और फिर वहां से मेडिकल कॉलेज लेकर आए। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में आस्तिक ने दम तोड़ दिया। लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सीय परीक्षण में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रात में ही परिजन उसे लेकर गांव आ गए। पिता ने बताया कि गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा सात का छात्र था। वह पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ा था।
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गांव निवासी किसान रंजन मिश्रा के घर से करीब 200 मीटर दूर उनका दूसरा मकान बन रहा है। सोमवार शाम उनका बेटा आस्तिक (12) निर्माणाधीन मकान में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। पिता रंजन मिश्रा ने बताया कि मकान में लिंटर डालने के लिए ढोला (शटरिंग) बंधा हुआ था जिससे कई रस्सियां लटक रही थीं। खेलने के दौरान आस्तिक के गले में एक रस्सी का फंदा फंस गया और गला कसने से वह बेहोश हो गया। साथ में दूसरे बच्चों के चिल्लाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और परिजन को सूचना दी।
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आस्तिक को फंदे से नीचे उतारा गया और आनन फानन सीएचसी पाली और फिर वहां से मेडिकल कॉलेज लेकर आए। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में आस्तिक ने दम तोड़ दिया। लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सीय परीक्षण में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रात में ही परिजन उसे लेकर गांव आ गए। पिता ने बताया कि गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा सात का छात्र था। वह पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ा था।
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