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Hardoi News: बसपा नेता को गिरफ्तार करने पर पुलिस पर पथराव, पुलिस ने बल प्रयोग कर संभाला हालात
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मल्लावां/पाली। पाली के युवराज हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद भी राजनीति चमकाने की कोशिश करने वालों के साथ मंगलवार काे पुलिस सख्ती से पेश आई।
पाली के निजामपुर में बसपा नेता को हिरासत में लिए जाने के विरोध में उनके निजी सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने जमकर लाठियां चलाईं और महज 10 मिनट में ही स्थिति काबू में कर ली। उधर, दूसरी ओर पाली जा रहे करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पुलिस ने धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए मल्लावां में ही रोक लिया। देर शाम वह वापस चले गए।
बीती 30 मई को पाली थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर निवासी युवराज सिंह (17) की किशोरी को लेकर हुए विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में युवराज के ताऊ की तहरीर पर तीन किशोरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था। 30 मई की रात ही पुलिस ने मुठभेड़ के बाद हत्यारोपी तीन किशोरों और उनके दो साथियों को पकड़ लिया था। नामजद किशोरों की मदद करने वाले युवक कामरान को पुलिस की गोली भी लगी थी और वह घायल हो गया था। बाद में मामले को राजनीतिक रंग दे दिया गया।
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बीती दो जून को करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह वीरू बसपा नेता राजवर्धन सिंह के साथ इस्माइलपुर पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने हत्यारोपियों के मकान पर बुलडोजर चलवाने की मांग की थी। मंगलवार को वह फिर से पाली जा रहे थे। इसका पता चलने पर अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह ने मल्लावां के पास ही उन्हें रोक दिया और कोतवाली ले गए।
धारा 144 लागू होने, युवराज हत्याकांड में सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो जाने की जानकारी वीर प्रताप सिंह को दी गई तो वह शाम लगभग साढ़े चार बजे वापस चले गए। उनके साथ करणी सेना के रायबरेली जनपद के अध्यक्ष सतेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू भदौरिया, सहयोगी प्रदीप तिवारी व आर्यन पांडेय भी थे।
उधर, दूसरी ओर वीर प्रताप सिंह के पाली पहुंचने की जानकारी पर बसपा नेता राजवर्धन सिंह अपने लगभग 40 साथियों के साथ पाली के निजामपुर पुलिया के पास सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। यहां मौजूद पुलिस ने उन्हें धारा 144 लगी होने की जानकारी दी, लेकिन वह पुलिस से उलझने लगे। इस पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उनके निजी सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस के साथ धक्कामुक्की की। जब इस पर बात नहीं बनी और पुलिस राजू को लेकर जाने लगी तो निजी सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
इस पर पुलिस ने टियर गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग कर मौजूद लोगों को खदेड़ दिया। महज 10 मिनट में ही पुलिस की सख्ती देखकर अराजकता फैला रहे लोग मौके से भाग निकले। पुलिस ने इस मामले में राजवर्धन सिंह राजू, शहर कोतवाली क्षेत्र के मोमिनाबाद निवासी आमिर, हरियावां थाना क्षेत्र के उतरा निवासी करणी सेना के जिलाध्यक्ष अनुज सिंह और विनीत सिंह व सुरसा थाना क्षेत्र के नयापुरवा निवासी आशीष तिवारी को हिरासत में लिया है।
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह और बसपा नेता राजवर्धन सिंह को लेकर एसपी केसी गोस्वामी ने सख्त रुख अपना लिया। एसपी केसी गोस्वामी ने साफ कहा कि युवराज हत्याकांड की वजह सभी के सामने आ चुकी है। जो भी हत्यारोपी हैं उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो चुकी है। एक आरोपी मुठभेड़ में पुलिस की गोली से घायल भी हो चुका है। इसके बाद भी अगर कोई व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो पुलिस शांत नहीं बैठेगी। व्यवस्था बिगाड़ने वालों को सुधारकर रख देंगे।
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पाली के निजामपुर में बसपा नेता को हिरासत में लिए जाने के विरोध में उनके निजी सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने जमकर लाठियां चलाईं और महज 10 मिनट में ही स्थिति काबू में कर ली। उधर, दूसरी ओर पाली जा रहे करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पुलिस ने धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए मल्लावां में ही रोक लिया। देर शाम वह वापस चले गए।
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बीती 30 मई को पाली थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर निवासी युवराज सिंह (17) की किशोरी को लेकर हुए विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में युवराज के ताऊ की तहरीर पर तीन किशोरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था। 30 मई की रात ही पुलिस ने मुठभेड़ के बाद हत्यारोपी तीन किशोरों और उनके दो साथियों को पकड़ लिया था। नामजद किशोरों की मदद करने वाले युवक कामरान को पुलिस की गोली भी लगी थी और वह घायल हो गया था। बाद में मामले को राजनीतिक रंग दे दिया गया।
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बीती दो जून को करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह वीरू बसपा नेता राजवर्धन सिंह के साथ इस्माइलपुर पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने हत्यारोपियों के मकान पर बुलडोजर चलवाने की मांग की थी। मंगलवार को वह फिर से पाली जा रहे थे। इसका पता चलने पर अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह ने मल्लावां के पास ही उन्हें रोक दिया और कोतवाली ले गए।
धारा 144 लागू होने, युवराज हत्याकांड में सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो जाने की जानकारी वीर प्रताप सिंह को दी गई तो वह शाम लगभग साढ़े चार बजे वापस चले गए। उनके साथ करणी सेना के रायबरेली जनपद के अध्यक्ष सतेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू भदौरिया, सहयोगी प्रदीप तिवारी व आर्यन पांडेय भी थे।
उधर, दूसरी ओर वीर प्रताप सिंह के पाली पहुंचने की जानकारी पर बसपा नेता राजवर्धन सिंह अपने लगभग 40 साथियों के साथ पाली के निजामपुर पुलिया के पास सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। यहां मौजूद पुलिस ने उन्हें धारा 144 लगी होने की जानकारी दी, लेकिन वह पुलिस से उलझने लगे। इस पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उनके निजी सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस के साथ धक्कामुक्की की। जब इस पर बात नहीं बनी और पुलिस राजू को लेकर जाने लगी तो निजी सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
इस पर पुलिस ने टियर गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग कर मौजूद लोगों को खदेड़ दिया। महज 10 मिनट में ही पुलिस की सख्ती देखकर अराजकता फैला रहे लोग मौके से भाग निकले। पुलिस ने इस मामले में राजवर्धन सिंह राजू, शहर कोतवाली क्षेत्र के मोमिनाबाद निवासी आमिर, हरियावां थाना क्षेत्र के उतरा निवासी करणी सेना के जिलाध्यक्ष अनुज सिंह और विनीत सिंह व सुरसा थाना क्षेत्र के नयापुरवा निवासी आशीष तिवारी को हिरासत में लिया है।
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह और बसपा नेता राजवर्धन सिंह को लेकर एसपी केसी गोस्वामी ने सख्त रुख अपना लिया। एसपी केसी गोस्वामी ने साफ कहा कि युवराज हत्याकांड की वजह सभी के सामने आ चुकी है। जो भी हत्यारोपी हैं उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो चुकी है। एक आरोपी मुठभेड़ में पुलिस की गोली से घायल भी हो चुका है। इसके बाद भी अगर कोई व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो पुलिस शांत नहीं बैठेगी। व्यवस्था बिगाड़ने वालों को सुधारकर रख देंगे।